Onion Price Today 2026: प्याज के दाम गिरे, सरकार ने उतारे 467 ट्रक और 8 ट्रेन
त्योहारी सीजन के बीच रसोई के बजट पर प्याज की कीमतों का असर लगातार चर्चा में है। हालांकि, ताजा खरीफ फसल की आवक बढ़ने और सरकार की ओर से बफर स्टॉक जारी किए जाने के बाद कई मंडियों में भाव नीचे आने लगे हैं। **प्याज के दाम आज 2026** को लेकर उपभोक्ताओं, किसानों और व्यापारियों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में सप्लाई बढ़ने से कीमतों में कितनी राहत मिलती है।
केंद्र सरकार के अनुसार, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और राजस्थान जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों से नई खरीफ प्याज की आवक शुरू हो गई है। दूसरी ओर, पुराने भंडारित स्टॉक से भी बाजार की मांग पूरी की जा रही है। इससे मंडियों और कई खुदरा बाजारों में प्याज की उपलब्धता बेहतर हुई है।
सरकार ने प्याज को बड़े उपभोग केंद्रों तक पहुंचाने के लिए रेल और सड़क परिवहन दोनों का इस्तेमाल किया है। इस लेख में जानिए मंडी भाव में कितनी गिरावट आई, सरकार ने कितनी सप्लाई की और आम ग्राहकों को खुदरा बाजार में किस तरह के भाव देखने को मिल रहे हैं।
प्याज के दाम आज 2026: सरकार ने क्या अपडेट दिया?
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने 7 अक्टूबर 2026 को प्याज की उपलब्धता और कीमतों को लेकर अपडेट जारी किया। इसके मुताबिक, सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए 8 कांदा एक्सप्रेस ट्रेनों और 467 ट्रकों का इस्तेमाल किया। यह सप्लाई देश के 123 शहरों तक पहुंचाई गई।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उस समय तक 2 लाख क्विंटल से अधिक प्याज बफर स्टॉक से जारी किया जा चुका था। जरूरत के अनुसार आगे भी रेल रेक तैनात करने की योजना बताई गई।
| प्रमुख जानकारी | सरकारी अपडेट |
|---|---|
| आधिकारिक अपडेट की तारीख | 7 अक्टूबर 2026 |
| विशेष ट्रेनें | 8 कांदा एक्सप्रेस |
| सड़क परिवहन | 467 ट्रक |
| आपूर्ति वाले शहर | 123 |
| बफर स्टॉक से जारी प्याज | 2 लाख क्विंटल से अधिक |
| खुदरा कीमतों में गिरावट दर्ज करने वाले शहर | 126 |
| खुदरा भाव में दर्ज गिरावट | ₹1 से ₹21 प्रति किलो |
| महाराष्ट्र का औसत थोक भाव | ₹4,030 से घटकर लगभग ₹3,475 प्रति क्विंटल |
ये आंकड़े सरकार के 7 अक्टूबर के अपडेट पर आधारित हैं। अलग-अलग शहरों में कीमतों और सप्लाई की स्थिति में इसके बाद भी बदलाव हो सकता है।
लासलगांव मंडी में प्याज का थोक भाव कितना गिरा?
महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित लासलगांव प्याज की प्रमुख थोक मंडियों में से एक है। यहां के भाव देश के प्याज बाजार की स्थिति समझने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
*टाइम्स ऑफ इंडिया* की 9 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, लासलगांव कृषि उपज मंडी समिति (APMC) में प्याज का औसत थोक भाव 1 अक्टूबर को ₹4,450 प्रति क्विंटल था। 9 अक्टूबर को यह घटकर ₹3,700 प्रति क्विंटल रह गया।
इस अवधि में भाव में ₹750 प्रति क्विंटल की कमी आई। रिपोर्ट में ताजा खरीफ प्याज की आवक, दूसरे राज्यों से बेहतर सप्लाई और पुराने ग्रीष्मकालीन प्याज की मांग में कमी को गिरावट के प्रमुख कारणों में बताया गया।
| तारीख | लासलगांव में औसत थोक भाव |
|---|---|
| 1 अक्टूबर 2026 | ₹4,450 प्रति क्विंटल |
| 9 अक्टूबर 2026 | ₹3,700 प्रति क्विंटल |
| कुल अंतर | ₹750 प्रति क्विंटल की गिरावट |
ध्यान रहे कि यह लासलगांव मंडी के औसत थोक भाव का तुलनात्मक आंकड़ा है। अलग-अलग किस्म, गुणवत्ता, आकार और माल की स्थिति के अनुसार वास्तविक बोली इससे कम या ज्यादा हो सकती है।
नासिक में खुदरा बाजार में प्याज कितने रुपये किलो?
थोक मंडियों में भाव कम होने के बावजूद खुदरा कीमतें उसी अनुपात में तुरंत घटें, यह जरूरी नहीं है। खुदरा भाव पर परिवहन खर्च, दुकानदार का मार्जिन, स्थानीय मांग और प्याज की गुणवत्ता का असर पड़ता है।
9 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, नासिक शहर के खुदरा बाजार में प्याज लगभग ₹60 से ₹70 प्रति किलो बिक रहा था। यह नासिक शहर के लिए रिपोर्ट किया गया भाव है, पूरे देश का एक समान खुदरा मूल्य नहीं।
महाराष्ट्र में प्याज के औसत मंडी भाव में भी गिरावट
सरकार के अनुसार, महाराष्ट्र की प्रमुख प्याज मंडियों में औसत थोक भाव में भी कमी दर्ज की गई। 16 सितंबर 2026 को औसत भाव लगभग ₹4,030 प्रति क्विंटल था, जो 3 अक्टूबर तक घटकर करीब ₹3,475 प्रति क्विंटल रह गया।
इस अवधि में लगभग 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सरकार ने इसे बेहतर आवक और बाजार में प्याज की बढ़ती उपलब्धता का संकेत बताया।
हालांकि, औसत मंडी भाव का अर्थ यह नहीं है कि हर मंडी में या प्याज की हर किस्म के दाम एक समान घटे हैं। किसी विशेष मंडी का न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल भाव अलग हो सकता है।
467 ट्रक और 8 कांदा एक्सप्रेस ट्रेनें क्यों उतारी गईं?
प्याज की कीमतों में मौसमी उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए सरकार बफर स्टॉक का इस्तेमाल करती है। बफर स्टॉक वह भंडार होता है जिसे जरूरत के समय बाजार में उपलब्ध कराकर सप्लाई और कीमतों को संतुलित करने की कोशिश की जाती है।
सरकार ने इस बार सड़क और रेल परिवहन का संयुक्त मॉडल अपनाया। इसका उद्देश्य बड़ी मात्रा में प्याज को उन शहरों तक पहुंचाना है जहां खपत अधिक है या कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
इस व्यवस्था के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- बड़े उपभोग केंद्रों तक प्याज की आपूर्ति तेज करना।
- स्थानीय बाजारों में कमी होने पर उपलब्धता बढ़ाना।
- त्योहारी सीजन में मांग और कीमतों के दबाव को कम करना।
- बफर स्टॉक और नई फसल के जरिए बाजार में अतिरिक्त सप्लाई उपलब्ध कराना।
सरकार ने बताया कि आगे जरूरत के अनुसार अतिरिक्त रेल रेक भी लगाए जा सकते हैं। हालांकि, किसी शहर में प्याज की कीमत कितनी घटेगी, यह वहां पहुंचने वाली मात्रा, स्थानीय मांग और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
नई खरीफ फसल की आवक से बाजार को राहत
प्याज की कीमतों में मौसमी बदलाव का एक बड़ा कारण नई फसल की आवक है। जब नई फसल बाजार में आने लगती है, तो पुरानी फसल पर निर्भरता कम हो सकती है और कुल सप्लाई बढ़ने से थोक भाव पर दबाव पड़ सकता है।
सरकार के 7 अक्टूबर के अपडेट के अनुसार, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और राजस्थान से ताजा खरीफ प्याज की आवक शुरू हो गई थी। आने वाले सप्ताहों में इन राज्यों से आवक और बढ़ने की उम्मीद जताई गई।
सरकार ने यह भी बताया कि देश में खरीफ प्याज का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत अधिक अनुमानित है। प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में फसल की स्थिति अनुकूल रहने की जानकारी भी दी गई।
फिर भी वास्तविक उत्पादन और बाजार में आने वाली मात्रा मौसम, कटाई, भंडारण, परिवहन और फसल की गुणवत्ता से प्रभावित हो सकती है। इसलिए भविष्य में कीमतों में कितनी गिरावट होगी, इसका निश्चित अनुमान लगाना संभव नहीं है।
क्या सरकारी केंद्रों पर प्याज ₹35 प्रति किलो मिल रहा है?
सरकार ने पहले बफर स्टॉक के प्याज को उपभोक्ताओं तक किफायती दर पर पहुंचाने के लिए NCCF, NAFED, केंद्रीय भंडार के खुदरा आउटलेट और मोबाइल वैन जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया है। 1 सितंबर 2026 के सरकारी अपडेट में इन माध्यमों से प्याज ₹35 प्रति किलो उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई थी।
लेकिन यह दर हर सामान्य सब्जी दुकान पर लागू नहीं होती। यह सरकारी वितरण व्यवस्था के अंतर्गत उपलब्ध प्याज की कीमत से संबंधित है। किसी खास शहर में यह सुविधा कहां और कब उपलब्ध है, इसकी पुष्टि स्थानीय केंद्र या संबंधित संस्था से करनी चाहिए।
क्या आने वाले दिनों में प्याज और सस्ता होगा?
सरकार ने ताजा खरीफ प्याज की बढ़ती आवक और बफर स्टॉक से अतिरिक्त सप्लाई के आधार पर आने वाले सप्ताहों में उपलब्धता बेहतर रहने की उम्मीद जताई है। अधिक आवक से मंडी भाव में नरमी बनी रह सकती है।
हालांकि, खुदरा कीमतों में आगे कितनी गिरावट होगी, यह कई बातों पर निर्भर करेगा:
- नई फसल की वास्तविक आवक और उसकी गुणवत्ता।
- मौसम और कटाई के दौरान बारिश की स्थिति।
- मंडियों से उपभोग केंद्रों तक परिवहन की लागत।
- त्योहारी सीजन में मांग में होने वाला बदलाव।
- सरकार की ओर से बफर स्टॉक जारी करने की आगे की नीति।
इसलिए फिलहाल उपलब्ध आंकड़े प्याज की सप्लाई में सुधार और कई बाजारों में भाव घटने का संकेत देते हैं, लेकिन पूरे देश में कीमतों में एक जैसी गिरावट की गारंटी नहीं देते।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs): प्याज के दाम आज 2026
1. प्याज के दाम आज 2026 में क्यों घट रहे हैं?
सरकारी अपडेट के अनुसार, नई खरीफ फसल की आवक बढ़ने, विभिन्न राज्यों से सप्लाई बेहतर होने और बफर स्टॉक जारी किए जाने से कई मंडियों और खुदरा बाजारों में भाव घटे हैं।
2. सरकार ने प्याज की सप्लाई के लिए कितने ट्रक और ट्रेनें लगाईं?
7 अक्टूबर 2026 के सरकारी अपडेट के अनुसार, 467 ट्रक और 8 कांदा एक्सप्रेस ट्रेनों के जरिए 123 शहरों में 2 लाख क्विंटल से अधिक प्याज की आपूर्ति की जा चुकी थी।
3. लासलगांव मंडी में 9 अक्टूबर को प्याज का भाव कितना था?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को लासलगांव में औसत थोक भाव लगभग ₹3,700 प्रति क्विंटल था, जबकि 1 अक्टूबर को यह ₹4,450 प्रति क्विंटल था।
4. नासिक शहर में प्याज का खुदरा भाव कितना था?
9 अक्टूबर की रिपोर्ट में नासिक शहर के खुदरा बाजार में प्याज ₹60 से ₹70 प्रति किलो के बीच बताया गया था। दूसरे शहरों में भाव अलग हो सकते हैं।
5. क्या सरकार प्याज ₹35 प्रति किलो बेच रही है?
1 सितंबर 2026 के सरकारी अपडेट में NCCF, NAFED, केंद्रीय भंडार और मोबाइल वैन जैसे माध्यमों से ₹35 प्रति किलो प्याज उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई थी। स्थानीय उपलब्धता की पुष्टि संबंधित केंद्र से करनी चाहिए।
6. क्या प्याज के दाम पूरे देश में घट गए हैं?
सरकार ने 7 अक्टूबर को बताया था कि 126 शहरों में पिछले दो सप्ताह के दौरान खुदरा भाव ₹1 से ₹21 प्रति किलो तक घटे। इसका मतलब यह नहीं कि हर शहर में कीमत समान मात्रा में घटी है।
7. क्या आने वाले दिनों में प्याज और सस्ता हो सकता है?
नई फसल की आवक और सरकारी सप्लाई बढ़ने से कीमतों में और नरमी आ सकती है। हालांकि, वास्तविक भाव स्थानीय मांग, मौसम, परिवहन और मंडी की स्थिति पर निर्भर करेंगे।
निष्कर्ष
**प्याज के दाम आज 2026** को लेकर राहत की खबर यह है कि सरकार ने बफर स्टॉक से आपूर्ति बढ़ाई है और कई मंडियों में थोक भाव नीचे आए हैं। 7 अक्टूबर के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 8 कांदा एक्सप्रेस ट्रेनों और 467 ट्रकों के जरिए 123 शहरों तक 2 लाख क्विंटल से अधिक प्याज पहुंचाया गया था। वहीं, लासलगांव मंडी में 1 अक्टूबर से 9 अक्टूबर के बीच औसत थोक भाव ₹750 प्रति क्विंटल घटा।
नई खरीफ फसल की आवक बढ़ने से बाजार में उपलब्धता बेहतर रहने की उम्मीद है। फिर भी खुदरा भाव हर शहर में अलग हो सकते हैं। ग्राहकों को खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार के भाव और उपलब्ध सरकारी वितरण केंद्रों की जानकारी जांचनी चाहिए।





























