नई दिल्ली: दिवाली के त्योहार पर राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है। रविवार, 8 नवंबर 2026 को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 376 दर्ज किया गया, जिसके चलते हवा ‘Very Poor’ यानी बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई। शहर में धुंध की मोटी परत छाई रही और कई इलाकों में दृश्यता भी प्रभावित हुई। दिवाली की शाम पटाखों के धुएं के साथ वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन और पराली जलाने के प्रभाव से प्रदूषण और बढ़ने की आशंका जताई गई है।
दिवाली पर दिल्ली का AQI 376, हवा बेहद खराब
दिल्ली में दिवाली के दिन वायु गुणवत्ता की स्थिति चिंताजनक रही। औसत AQI 376 तक पहुंच गया, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ‘Very Poor’ श्रेणी में आता है। शनिवार को दिल्ली का औसत AQI 369 था। इस तरह एक दिन में प्रदूषण के स्तर में और बढ़ोतरी दर्ज की गई।
राजधानी में धुंध और प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति अधिक चिंता का विषय है।
AQI की श्रेणियां क्या बताती हैं?
CPCB के अनुसार एयर क्वालिटी इंडेक्स को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। दिल्ली का AQI 376 होने का अर्थ है कि राजधानी की हवा बेहद खराब स्तर पर है।
| AQI स्तर | वायु गुणवत्ता श्रेणी |
|---|---|
| 0–50 | अच्छी (Good) |
| 51–100 | संतोषजनक (Satisfactory) |
| 101–200 | मध्यम (Moderate) |
| 201–300 | खराब (Poor) |
| 301–400 | बेहद खराब (Very Poor) |
| 401–500 | गंभीर (Severe) |
जहांगीरपुरी में सबसे खराब AQI, कई इलाके गंभीर श्रेणी में
दिल्ली के अलग-अलग वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर काफी अधिक दर्ज किया गया। रविवार को आंकड़े उपलब्ध कराने वाले 59 निगरानी केंद्रों में से 12 केंद्रों पर हवा ‘Severe’ यानी गंभीर श्रेणी में रही, जबकि 22 केंद्रों पर ‘Very Poor’ श्रेणी दर्ज की गई।
जहांगीरपुरी में सबसे खराब AQI 463 दर्ज किया गया, जो गंभीर प्रदूषण की स्थिति को दर्शाता है। राजधानी के कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंचने से प्रदूषण को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
दिवाली के बाद सोमवार को प्रदूषण और बढ़ने की आशंका
दिल्ली के लिए एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (EWS) ने अनुमान जताया है कि दिवाली के बाद सोमवार, 9 नवंबर से राजधानी की हवा ‘Severe’ श्रेणी में पहुंच सकती है और कुछ दिनों तक स्थिति गंभीर बनी रह सकती है।
दिवाली के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं, वाहनों का प्रदूषण, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां मिलकर हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं।
कम हवा की गति से बढ़ सकती है परेशानी
मौसम की ऐसी परिस्थितियां, जिनमें हवा की गति कम हो और प्रदूषक तत्वों को फैलने के लिए पर्याप्त वेंटिलेशन न मिले, प्रदूषण को और बढ़ा सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कमजोर हवाओं के कारण प्रदूषक राजधानी के वातावरण में लंबे समय तक बने रह सकते हैं।
दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों और पटाखों की भूमिका
दिल्ली में प्रदूषण के कई स्रोत हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियां, औद्योगिक उत्सर्जन, पराली जलाने का प्रभाव और दिवाली पर पटाखों से निकलने वाले कण हवा की गुणवत्ता को खराब करते हैं।
दिल्ली के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के अनुमान के अनुसार, रविवार को परिवहन क्षेत्र प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदानकर्ता हो सकता है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 19 प्रतिशत बताई गई। पराली जलाने का योगदान करीब 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान था।
PM2.5 राजधानी में प्रमुख प्रदूषक के रूप में सामने आया। दिवाली के पटाखों से निकलने वाले सूक्ष्म कण हवा में इसकी मात्रा को बढ़ा सकते हैं।
प्रदूषण से बचाव के लिए क्या करें?
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब होने के दौरान लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखने की जरूरत है। कुछ सावधानियां प्रदूषण के संपर्क को कम करने में मदद कर सकती हैं:
- प्रदूषण अधिक होने पर अनावश्यक रूप से लंबे समय तक बाहर रहने से बचें।
- बाहर व्यायाम या दौड़ने जैसी गतिविधियां कम करें।
- बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क इस्तेमाल करने पर विचार करें।
- बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों का विशेष ध्यान रखें।
- आंखों में जलन, सांस लेने में कठिनाई या अन्य गंभीर लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
- पटाखों के इस्तेमाल से बचें और प्रदूषण कम करने में सहयोग करें।
निष्कर्ष
दिवाली 2026 पर दिल्ली की हवा ने एक बार फिर प्रदूषण की गंभीर चुनौती को उजागर किया है। राजधानी का औसत AQI 376 दर्ज होने के साथ हवा ‘Very Poor’ श्रेणी में रही। जहांगीरपुरी समेत कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर रहा और सोमवार से स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई गई। ऐसे में नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाने और प्रदूषण कम करने में अपनी भूमिका निभाने की जरूरत है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. दिवाली 2026 पर दिल्ली का AQI कितना दर्ज किया गया?
8 नवंबर 2026 को दिल्ली का औसत AQI 376 दर्ज किया गया, जो ‘Very Poor’ श्रेणी में आता है।
2. दिल्ली की हवा किस श्रेणी में पहुंच गई है?
दिल्ली की हवा ‘Very Poor’ यानी बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
3. दिल्ली में सबसे ज्यादा AQI किस इलाके में दर्ज हुआ?
रविवार को जहांगीरपुरी में सबसे खराब AQI 463 दर्ज किया गया।
4. क्या दिवाली के बाद दिल्ली में प्रदूषण और बढ़ सकता है?
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुमान के अनुसार, 9 नवंबर से दिल्ली की हवा ‘Severe’ श्रेणी में पहुंच सकती है और कुछ दिनों तक गंभीर बनी रह सकती है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और वायु गुणवत्ता संबंधी पूर्वानुमानों पर आधारित है। AQI और प्रदूषण की स्थिति समय तथा स्थान के अनुसार बदल सकती है। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।




























