ज्ञानेश कुमार इस्तीफा विवाद के बीच रामदास आठवले का बड़ा बयान
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। विपक्षी दलों और अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाले आंदोलन की ओर से चुनाव आयोग और SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने स्पष्ट कहा है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे।
आठवले ने अभिजीत दीपके के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दीपके को दूसरे मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह भी दी।
अभिजीत दीपके क्यों कर रहे हैं आंदोलन?
अभिजीत दीपके की अगुवाई वाला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। दीपके ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
CJP की ओर से दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की घोषणा की गई है। दीपके का कहना है कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
राहुल गांधी और विपक्ष भी उठा रहे SIR का मुद्दा
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का मुद्दा अब विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन का भी हिस्सा बन गया है। राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने SIR के तहत मतदाता सूचियों में किए जा रहे संशोधन को लेकर सवाल उठाए हैं।
6 अक्टूबर को दिल्ली में विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग तक मार्च करने की कोशिश की। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कई नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। राहुल गांधी ने कहा कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक CEC पद से इस्तीफा नहीं देते।
SIR पर क्या है विवाद?
SIR के तहत मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं और इससे मतदान के अधिकार पर असर पड़ने की आशंका है।
वहीं, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के लिए पुनरीक्षण प्रक्रिया जरूरी है। इसलिए SIR को लेकर राजनीतिक दलों के आरोपों और चुनाव आयोग के पक्ष को अलग-अलग समझना महत्वपूर्ण है।
आठवले ने दीपके को क्या सलाह दी?
रामदास आठवले ने अभिजीत दीपके को ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए दोबारा आंदोलन नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि दीपके पहले NEET पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन कर चुके हैं और अब उन्हें दूसरे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
आठवले का यह बयान ऐसे समय आया है जब CJP की ओर से दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। इससे आने वाले दिनों में CEC और SIR को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इस्तीफे की मांग विपक्ष और CJP की ओर से की जा रही है, जबकि रामदास आठवले ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि CEC इस्तीफा नहीं देंगे।
10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन के बाद यह विवाद किस दिशा में जाता है, इस पर राजनीतिक और संवैधानिक दोनों स्तरों पर नजर रहेगी। SIR को लेकर चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष और विपक्ष की आपत्तियां इस पूरे विवाद के प्रमुख केंद्र में बनी हुई हैं।
नोट: इस रिपोर्ट में इस्तीफे से जुड़ी बातों को संबंधित राजनीतिक नेताओं के बयान और मांग के रूप में प्रस्तुत किया गया है; इन्हें किसी आधिकारिक इस्तीफे या अंतिम निर्णय के रूप में नहीं समझना चाहिए।





























