पेंशन पाने वाले बुजुर्गों के लिए जीवन प्रमाण पत्र यानी Jeevan Pramaan (Digital Life Certificate) जमा करना बेहद जरूरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पेंशनर्स को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की याद दिलाई है। नवंबर 2026 में देशभर में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसके तहत पेंशनभोगियों को घर बैठे फेस ऑथेंटिकेशन और अन्य सुविधाओं के जरिए प्रमाण पत्र बनवाने में मदद मिलेगी।
इस लेख में जानिए जीवन प्रमाण पत्र क्या है, कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं, ऑनलाइन आवेदन कैसे करें और यदि स्मार्टफोन से प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है तो किन विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
नवंबर में चल रहा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान
भारत सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक Nationwide Digital Life Certificate Campaign 5 चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत देश के 2,000 शहरों और जिलों में पेंशनर्स को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
इस पहल में बैंक, डाक विभाग, UIDAI, EPFO, पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन और अन्य सरकारी संस्थाएं सहयोग कर रही हैं। अभियान में खास तौर पर 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स, महिला पेंशनर्स और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे वरिष्ठ नागरिकों की सहायता पर ध्यान दिया जा रहा है। जरूरतमंद पेंशनर्स के लिए डोरस्टेप और घर-आधारित सेवाओं की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
जीवन प्रमाण पत्र क्या है और क्यों जरूरी है?
जीवन प्रमाण पत्र एक ऐसा दस्तावेज है जिसके माध्यम से पेंशन वितरण करने वाली संस्था यह पुष्टि करती है कि संबंधित पेंशनभोगी जीवित है। इसे जमा करना पेंशन जारी रखने के लिए जरूरी प्रक्रिया है।
Jeevan Pramaan एक Aadhaar आधारित डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सेवा है। इसमें पेंशनर्स बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित कर सकते हैं। सफल प्रक्रिया के बाद डिजिटल प्रमाण पत्र तैयार होता है और पेंशन वितरण एजेंसी के लिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध हो जाता है।
- पेंशनभोगी को हर बार बैंक या पेंशन कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ सकती।
- फेस ऑथेंटिकेशन से स्मार्टफोन के जरिए घर बैठे प्रमाण पत्र बन सकता है।
- प्रमाण पत्र बनने के बाद एक यूनिक Pramaan ID मिलती है।
- प्रमाण पत्र की वैधता संबंधित पेंशन स्वीकृति प्राधिकरण के नियमों पर निर्भर करती है।
जीवन प्रमाण पत्र के लिए जरूरी दस्तावेज और जानकारी
Jeevan Pramaan डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार करने के लिए पेंशनर्स को कुछ जरूरी विवरण अपने पास रखने चाहिए। आवेदन के दौरान गलत जानकारी देने से प्रमाण पत्र अस्वीकार हो सकता है।
- आधार नंबर या Virtual ID: आधार आधारित पहचान सत्यापन के लिए।
- PPO नंबर: Pension Payment Order नंबर।
- पेंशन बैंक खाता विवरण: पेंशन प्राप्त करने वाले खाते की जानकारी।
- पेंशन स्वीकृति प्राधिकरण: Pension Sanctioning Authority का नाम।
- पेंशन वितरण एजेंसी: बैंक, डाकघर या संबंधित विभाग की जानकारी।
- मोबाइल नंबर: OTP और प्रमाण पत्र की सूचना प्राप्त करने के लिए।
- बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन: पहचान सत्यापन के लिए।
ध्यान रखें कि पेंशन से संबंधित जानकारी सही और संबंधित पेंशन रिकॉर्ड के अनुरूप होनी चाहिए।
Jeevan Pramaan ऑनलाइन कैसे बनाएं? जानें घर बैठे प्रक्रिया
पेंशनर्स स्मार्टफोन पर फेस ऑथेंटिकेशन की मदद से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बना सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।
स्टेप 1: जरूरी ऐप डाउनलोड करें
सबसे पहले आधिकारिक Jeevan Pramaan वेबसाइट पर जाएं और मोबाइल ऐप से जुड़ी जानकारी प्राप्त करें। फेस ऑथेंटिकेशन के लिए Jeevan Pramaan App और Aadhaar Face RD ऐप की आवश्यकता हो सकती है।
Jeevan Pramaan App डाउनलोड पेज पर जाएं
स्टेप 2: ऑपरेटर रजिस्ट्रेशन और OTP सत्यापन
ऐप में आवश्यक मोबाइल नंबर और अन्य विवरण दर्ज करें। प्राप्त OTP के जरिए सत्यापन पूरा करें। ऐप में दिए गए निर्देशों के अनुसार ऑपरेटर या यूजर की पहचान प्रक्रिया पूरी करें।
स्टेप 3: पेंशनभोगी की जानकारी दर्ज करें
अब पेंशनर का आधार नंबर या Virtual ID, नाम, PPO नंबर, पेंशन बैंक खाता, पेंशन स्वीकृति प्राधिकरण और वितरण एजेंसी से जुड़ी जानकारी भरें। सभी विवरण ध्यान से जांचें।
स्टेप 4: फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें
मोबाइल कैमरे के सामने पेंशनभोगी का चेहरा रखें और ऐप के निर्देशों के अनुसार फेस स्कैन पूरा करें। सफल आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन के बाद डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जनरेट हो जाएगा।
स्टेप 5: Pramaan ID सुरक्षित रखें
प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोबाइल पर SMS के माध्यम से यूनिक Pramaan ID मिल सकती है। इसे सुरक्षित रखें। इसी ID की मदद से प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है और उसका स्टेटस देखा जा सकता है।
Jeevan Pramaan प्रमाण पत्र डाउनलोड या स्टेटस जांचें
जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के अन्य विकल्प
यदि किसी पेंशनभोगी के पास स्मार्टफोन नहीं है या फेस ऑथेंटिकेशन से प्रमाण पत्र बनाने में परेशानी हो रही है, तो वह अन्य उपलब्ध तरीकों से भी जीवन प्रमाण पत्र बनवा सकता है।
1. नजदीकी CSC सेंटर से
पेंशनर्स अपने नजदीकी Common Service Centre (CSC) पर जाकर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं। वहां ऑपरेटर आवश्यक जानकारी दर्ज करके बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने में सहायता करेगा।
2. बैंक शाखा या पेंशन कार्यालय में
पेंशन वितरण करने वाले बैंक, डाकघर या संबंधित सरकारी कार्यालय में भी जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। पेंशनर्स अपने संबंधित कार्यालय से पहले जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
3. IPPB के जरिए डोरस्टेप सुविधा
EPFO द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, India Post Payments Bank (IPPB) के जरिए घर पर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा के लिए संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए प्रकाशित हेल्पलाइन नंबर 033-22029000 है। सेवा की उपलब्धता और लागू प्रक्रिया की पुष्टि पहले कर लें।
4. EPFO कार्यालय या Jeevan Pramaan केंद्र
EPS पेंशनर्स निकटतम EPFO कार्यालय या Jeevan Pramaan केंद्र पर जाकर भी सहायता ले सकते हैं। केंद्र खोजने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर “Locate a Centre” विकल्प का इस्तेमाल करें।
आधिकारिक Jeevan Pramaan वेबसाइट खोलें
जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के बाद क्या करें?
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जनरेट होने के बाद पेंशनर्स को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- प्राप्त Pramaan ID और SMS को सुरक्षित रखें।
- आधिकारिक पोर्टल से प्रमाण पत्र डाउनलोड करके उसकी स्थिति जांचें।
- पेंशन वितरण एजेंसी से पुष्टि करें कि प्रमाण पत्र स्वीकार कर लिया गया है।
- यदि प्रमाण पत्र अस्वीकार हो जाता है, तो संबंधित बैंक या पेंशन कार्यालय से संपर्क करें और सही विवरण के साथ दोबारा प्रक्रिया पूरी करें।
- अपने प्रमाण पत्र की वैधता अवधि और अगली जमा करने की तारीख की जानकारी रखें।
सिर्फ डिजिटल प्रमाण पत्र जनरेट होना ही हमेशा अंतिम स्वीकृति नहीं माना जाना चाहिए। पेंशन स्वीकृति या वितरण एजेंसी के नियमों के अनुसार उसकी स्थिति की पुष्टि करना जरूरी है।
FAQ: जीवन प्रमाण पत्र पेंशनर्स से जुड़े सवाल
जीवन प्रमाण पत्र जमा करना क्यों जरूरी है?
पेंशन वितरण एजेंसी को पेंशनभोगी के जीवित होने की पुष्टि करने के लिए जीवन प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। इससे पेंशन जारी रखने की प्रक्रिया में मदद मिलती है।
क्या Jeevan Pramaan घर बैठे बनाया जा सकता है?
हां, अनुकूल स्मार्टफोन और जरूरी ऐप की मदद से फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाया जा सकता है।
क्या डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बैंक में अलग से जमा करना होगा?
आमतौर पर Jeevan Pramaan डिजिटल प्रमाण पत्र संबंधित पेंशन वितरण एजेंसी को इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध कराया जाता है। हालांकि, पेंशनर्स को अपने प्रमाण पत्र का स्टेटस और स्वीकार्यता जांचनी चाहिए।
Jeevan Pramaan की वैधता कितने समय की होती है?
इसकी वैधता पेंशन स्वीकृति प्राधिकरण के नियमों पर निर्भर करती है। प्रमाण पत्र की अवधि समाप्त होने पर नया डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवाना पड़ सकता है।
क्या बिना स्मार्टफोन के जीवन प्रमाण पत्र बन सकता है?
हां, पेंशनर्स CSC सेंटर, बैंक शाखा, डाकघर या संबंधित पेंशन कार्यालय में उपलब्ध सुविधा के जरिए जीवन प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं।
नवंबर 2026 का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान कब तक चलेगा?
Nationwide Digital Life Certificate Campaign 5, 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान देशभर में पेंशनर्स को प्रमाण पत्र जमा करने में सहायता देने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
निष्कर्ष: जीवन प्रमाण पत्र पेंशनर्स के लिए पेंशन जारी रखने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। Jeevan Pramaan के डिजिटल विकल्प से वरिष्ठ नागरिक घर बैठे फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए प्रमाण पत्र बना सकते हैं। जिन पेंशनर्स को ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी हो, वे CSC, बैंक, IPPB डोरस्टेप सुविधा या संबंधित EPFO कार्यालय से मदद ले सकते हैं। प्रमाण पत्र की वैधता और स्वीकृति की स्थिति समय पर जांचना न भूलें।

























