India vs Uruguay: 90% टिकट कटौती और फ्री पास के बाद भी कोलकाता में फीकी भीड़
कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में भारत और उरुग्वे के बीच मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को खेले जा रहे इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच को लेकर आयोजकों ने दर्शकों को स्टेडियम तक खींचने के लिए टिकट की कीमतों में भारी कटौती की। चुनिंदा स्टैंड के टिकट ₹1,999 से घटाकर सिर्फ ₹199 कर दिए गए, यानी करीब 90 फीसदी की कमी। इसके अलावा पिछले साल के लियोनेल मेसी कार्यक्रम से जुड़े करीब 22 हजार दर्शकों को कॉम्प्लिमेंट्री पास देने की व्यवस्था भी की गई। इसके बावजूद मैच से पहले स्टेडियम के कई हिस्सों में सीटें खाली दिखाई दीं।
₹1,999 का टिकट हुआ ₹199
भारत-उरुग्वे मुकाबले से पहले ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने कुछ चुनिंदा ब्लॉक्स के टिकटों की कीमत में बड़ा बदलाव किया। जिन टिकटों की कीमत पहले ₹1,999 थी, उन्हें घटाकर ₹199 कर दिया गया।
यह छूट मुख्य रूप से स्टेडियम के कुछ निर्धारित सेक्शनों में लागू की गई। टिकट की कीमत में लगभग 90 फीसदी की कमी का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा दर्शकों को मैच देखने के लिए स्टेडियम तक लाना था।
यह फैसला भारत-ब्राजील मैच के दौरान अपेक्षा से कम दर्शक पहुंचने के बाद आया। 3 अक्टूबर को भारत और ब्राजील के मुकाबले में करीब 51,402 दर्शक पहुंचे थे, जबकि साल्ट लेक स्टेडियम की क्षमता इससे काफी ज्यादा है।
22 हजार लोगों को मिला फ्री पास
टिकट सस्ता करने के साथ पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से करीब 22 हजार लोगों को कॉम्प्लिमेंट्री पास देने की भी घोषणा की गई।
ये वे दर्शक थे जिन्होंने दिसंबर 2025 में कोलकाता में आयोजित लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के टिकट खरीदे थे, लेकिन अव्यवस्था और भीड़ के कारण कार्यक्रम का पूरा अनुभव नहीं ले सके थे। इन दर्शकों को भारत-उरुग्वे मैच के लिए मुफ्त पास देने का फैसला किया गया।
पास लेने के लिए पात्र दर्शकों को निर्धारित समय पर अपना पुराना टिकट और सरकारी पहचान पत्र दिखाना था।
फिर भी क्यों खाली नजर आईं सीटें?
मैच के दिन दोपहर और शाम के शुरुआती समय में स्टेडियम की कई सीटों पर दर्शक नजर नहीं आए। रिपोर्टों के अनुसार किक-ऑफ से कुछ समय पहले स्टैंड काफी हद तक खाली थे। बाद में दर्शकों की संख्या बढ़ी, लेकिन इसके बावजूद स्टेडियम पूरी तरह भरा हुआ नहीं दिखा।
इसकी एक बड़ी वजह मैच का मंगलवार यानी वीकडे पर होना भी बताई जा रही है। कामकाजी दिन होने के कारण कई फुटबॉल प्रशंसकों के लिए शाम के समय स्टेडियम पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
ब्राजील के बाद उरुग्वे मैच को लेकर कम उत्साह
कोलकाता में भारत के लगातार हाई-प्रोफाइल मुकाबले हो रहे हैं। 3 अक्टूबर को भारत का सामना ब्राजील से हुआ था, जबकि इसके सिर्फ तीन दिन बाद 6 अक्टूबर को उरुग्वे के खिलाफ मुकाबला रखा गया।
ब्राजील मैच को लेकर शुरुआत में काफी उत्साह था, लेकिन करीब 51 हजार दर्शकों की मौजूदगी ने दिखाया कि बड़े नाम के बावजूद साल्ट लेक स्टेडियम पूरी तरह नहीं भर पाया। इसके बाद उरुग्वे मुकाबले के लिए टिकटों में भारी कटौती करनी पड़ी।
क्या सिर्फ टिकट की कीमत जिम्मेदार है?
खाली सीटों को सिर्फ टिकट की कीमत से जोड़ना सही नहीं होगा। भारत के फुटबॉल मैचों में दर्शकों की संख्या पर कई कारक असर डालते हैं।
इनमें मैच का दिन, समय, टीम की हालिया फॉर्म, विरोधी टीम की लोकप्रियता, लगातार होने वाले मुकाबले और स्थानीय फुटबॉल प्रशंसकों की रुचि शामिल हैं।
उरुग्वे दो बार की विश्व कप विजेता टीम है और उसके मुकाबले में बड़े अंतरराष्ट्रीय नाम मौजूद हैं। इसके बावजूद भारत-उरुग्वे मैच के लिए शुरुआती टिकट बिक्री अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही।
भारत के लिए भी अहम मुकाबला
दर्शकों की संख्या से अलग देखें तो यह मुकाबला भारतीय फुटबॉल टीम के लिए महत्वपूर्ण है। भारत के लिए यह इंटरनेशनल विंडो का तीसरा और अंतिम हाई-प्रोफाइल फ्रेंडली मुकाबला है।
टीम इससे पहले पनामा और ब्राजील के खिलाफ मुकाबले खेल चुकी है। उरुग्वे जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मैच भारतीय खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता परखने का एक और मौका है।
साल्ट लेक में माहौल कैसा रहा?
मैच से पहले स्टेडियम में दर्शकों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ी। मैदान में मौजूद प्रशंसकों के बीच भारतीय टीम की नीली जर्सी का रंग प्रमुख रूप से दिखाई दिया, लेकिन शुरुआती समय में कई स्टैंड खाली नजर आए। किक-ऑफ से लगभग 15 मिनट पहले भी स्टेडियम पूरी तरह भरा हुआ नहीं था।
इससे यह सवाल जरूर उठता है कि भारत में बड़े अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मुकाबलों के लिए लगातार दर्शक जुटाने के लिए सिर्फ बड़े विदेशी नाम और कम टिकट कीमतें पर्याप्त हैं या नहीं।
FAQ
भारत और उरुग्वे का मैच कब है?
भारत और उरुग्वे के बीच इंटरनेशनल फ्रेंडली 6 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में खेला जा रहा है।
भारत-उरुग्वे मैच के टिकट कितने रुपये में मिले?
चुनिंदा स्टैंड के टिकटों की कीमत ₹1,999 से घटाकर ₹199 की गई थी।
22 हजार फ्री पास किसे दिए गए?
पिछले साल कोलकाता में हुए लियोनेल मेसी कार्यक्रम के प्रभावित टिकटधारकों में से करीब 22 हजार लोगों को भारत-उरुग्वे मैच के लिए कॉम्प्लिमेंट्री पास देने की घोषणा की गई थी।
क्या ₹199 के बाद स्टेडियम पूरी तरह भर गया?
नहीं। मैच से पहले की रिपोर्टों के अनुसार कई स्टैंड में काफी सीटें खाली दिखाई दीं। बाद में दर्शकों की संख्या बढ़ी, लेकिन स्टेडियम पूरी तरह भरा हुआ नहीं नजर आया।
निष्कर्ष
भारत-उरुग्वे मैच कोलकाता में दर्शकों को आकर्षित करने के लिए आयोजकों ने टिकट कीमतों में करीब 90 फीसदी तक की कटौती की और पिछले मेसी कार्यक्रम से जुड़े करीब 22 हजार दर्शकों को फ्री पास भी दिए। इसके बावजूद मैच शुरू होने से पहले साल्ट लेक स्टेडियम में कई सीटें खाली दिखाई दीं।
यह स्थिति भारतीय फुटबॉल के लिए एक अहम सवाल खड़ा करती है—क्या बड़े विदेशी खिलाड़ियों और सस्ते टिकटों से ही स्टेडियम में लगातार भीड़ जुटाई जा सकती है, या भारतीय फुटबॉल टीम के साथ दर्शकों का स्थायी जुड़ाव बनाने के लिए इससे कहीं ज्यादा प्रयास की जरूरत है?




























