• Latest
  • Trending
  • All
  • Gold & Silver Rate
  • News
  • Election News
  • Education News
  • Employment News
  • Corruption & Crime News
राहुल गांधी CEC विवाद

राहुल गांधी का CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला, इस्तीफे की मांग

5 घंटे ago
ज्ञानेश कुमार इस्तीफा

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, CJP ने दी ‘जंतर-मंतर 2.0’ की चेतावनी

4 घंटे ago
CBSE सैंपल पेपर 2026-27

CBSE 2026-27 Sample Papers जारी, Class 10-12 के लिए

6 घंटे ago
IIT बॉम्बे साहिल केस

IIT बॉम्बे साहिल केस: एग्जाम हॉल का CCTV सामने आया

13 घंटे ago
IBPS PO रिजल्ट 2026

IBPS PO Prelims Result 2026 जारी, ऐसे करें चेक

13 घंटे ago
रोनाल्डिन्हो भारत मैच

रोनाल्डिन्हो भारत में, इंडियन ऑल-स्टार्स से होगा मुकाबला

15 घंटे ago
सिंधु जल संधि विवाद

सिंधु जल संधि पर UN में भारत का पाकिस्तान को जवाब

15 घंटे ago
परिवहन वेबसाइट मोबाइल नंबर अपडेट

परिवहन की वेबसाइट पर मोबाइल नंबर कैसे अपडेट करें? जानें तरीका

2 दिन ago
यूपी स्कॉलरशिप फॉर्म समस्या

UP Scholarship Form में समस्याएं, जानें आसान समाधान

2 दिन ago
ऑनलाइन चालान भुगतान

गाड़ी का ऑनलाइन चालान कैसे भरें? गलत चालान की शिकायत का तरीका

2 दिन ago
भारत श्रीलंका महिला क्रिकेट

भारत ने श्रीलंका को हराकर जीता एशियन गेम्स गोल्ड

2 दिन ago
  • Home
  • News
  • National News
  • Employment News
  • Education News
  • Weather News
  • Government Schemes
  • AI News
  • Health News
  • Contact Us
शुक्रवार, सितम्बर 25, 2026
  • Login
Bharati Fast News
  • Home
  • News
  • National News
  • Employment News
  • Education News
  • Weather News
  • Government Schemes
  • AI News
  • Health News
  • Contact Us
Join Telegram
No Result
View All Result
  • Home
  • News
  • National News
  • Employment News
  • Education News
  • Weather News
  • Government Schemes
  • AI News
  • Health News
  • Contact Us
No Result
View All Result
Bharati Fast News
Join Telegram
No Result
View All Result

Home - Political News - राहुल गांधी का CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला, इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी का CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला, इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने और कथित वोट चोरी मामले में सरकारी गवाह बनने की अपील की।

Abhay Jeet Singh by Abhay Jeet Singh
24/09/2026
in Political News
0
राहुल गांधी CEC विवाद

राहुल गांधी CEC विवाद: ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग

493
SHARES
1.4k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

राहुल गांधी का CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला, इस्तीफे की मांग

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राहुल गांधी CEC विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर फिर तीखा हमला बोला है। 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की और कहा कि उन्हें कथित “वोट चोरी” मामले में सरकारी गवाह बनना चाहिए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर कई गंभीर आरोप भी लगाए।

यह बयान ऐसे समय आया है जब निर्वाचन आयोग के भीतर Special Intensive Revision यानी SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर दो चुनाव आयुक्तों द्वारा कथित तौर पर दर्ज की गई आपत्तियों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति दर्ज की थी।

हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन खबरों के बाद कहा कि संस्थागत निर्णय प्रक्रिया में अलग-अलग विचार और टिप्पणियां सामान्य हैं तथा आयोग द्वारा लिए गए आदेश पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णय थे।

राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से क्या कहा?

24 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने अपने “वोट चोरी” के आरोपों को दोहराते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का प्रभाव केवल किसी एक चुनाव तक सीमित नहीं है।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देकर कथित मामले में सरकारी गवाह बनना चाहिए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने इसे देशहित में कदम बताया।

ख़ास आपके लिए बेस्ट न्यूज़

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, CJP ने दी ‘जंतर-मंतर 2.0’ की चेतावनी

UP Rajya Sabha Election: नवंबर में 10 सीटों पर चुनाव, बदल सकता है राज्यसभा का नंबर गेम

Vijay पर टिप्पणी को लेकर DMK नेताओं पर केस, ए. राजा और सेकर बाबू पर पुलिस कार्रवाई

यह ध्यान रखना जरूरी है कि “वोट चोरी” राहुल गांधी और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे राजनीतिक आरोप का शब्द है। उपलब्ध रिपोर्टों में इन आरोपों को किसी न्यायिक निर्णय द्वारा स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

विवाद की पृष्ठभूमि में क्या है SIR?

मौजूदा विवाद का एक प्रमुख हिस्सा Special Intensive Revision (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ा है।

SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने तथा अपात्र या गलत प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया से संबंधित है। निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदाता सूची की शुद्धता चुनाव प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आयोग की वेबसाइट पर 2026 के SIR से संबंधित संसाधन और Electoral Roll से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

विवाद तब बढ़ा जब The Indian Express की एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कई मामलों में औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के अनुसार ये आपत्तियां नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम हटाने और मतदाता डेटा की सुरक्षा एवं नियंत्रण जैसी प्रक्रियाओं से संबंधित थीं।

दो Election Commissioners की आपत्तियों में क्या सामने आया?

रिपोर्ट के अनुसार दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले करीब 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और आदेशों पर आपत्ति दर्ज की। इन आपत्तियों में कथित तौर पर यह सवाल भी उठाया गया कि कुछ फैसले उनकी जानकारी या सहमति के बिना लिए गए।

एक अन्य रिपोर्ट में Form-6 में किए गए बदलाव का उल्लेख है। Form-6 का इस्तेमाल नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार इसमें SIR से संबंधित एक घोषणा जोड़ी गई थी, जिस पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने कथित तौर पर आपत्ति जताई।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दोनों आयुक्तों ने मतदाता डेटा और IT सिस्टम से जुड़े नियंत्रण के संबंध में चिंता जताई थी। इन दावों को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से अलग स्पष्टीकरण भी सामने आया है।

निर्वाचन आयोग ने आरोपों पर क्या जवाब दिया?

निर्वाचन आयोग ने 23 सितंबर को मीडिया रिपोर्टों में सामने आई आपत्तियों के बाद कहा कि किसी संस्थान में अलग-अलग विचार या टिप्पणियां होना निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है।

आयोग ने यह भी कहा कि पिछले एक वर्ष में उसके सभी आदेश पूर्ण आयोग द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए निर्णयों का परिणाम थे। यानी आयोग ने यह संकेत दिया कि रिपोर्ट में बताए गए मतभेदों को अंतिम निर्णयों में विभाजन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

यह जवाब इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने रिपोर्ट में सामने आई आपत्तियों को निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवालों से जोड़ा है, जबकि आयोग ने निर्णयों को सर्वसम्मत बताया है।

राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के आरोप को फिर क्यों उठाया?

राहुल गांधी पिछले कुछ समय से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर “वोट चोरी” शब्द का इस्तेमाल करते रहे हैं। 24 सितंबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इस आरोप को व्यापक राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दे से जोड़ा।

रिपोर्टों के अनुसार राहुल गांधी ने कहा कि यदि मतदाताओं के वोट से संबंधित अनियमितता होती है तो उसका असर आगे बनने वाली सरकार और कानूनों की वैधता पर भी सवाल खड़े कर सकता है। उन्होंने “वोट चोरी” से “कानून चोरी” और “संस्था चोरी” तक की बात कही।

इन बयानों को राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप और उनके द्वारा प्रस्तुत तर्क के रूप में समझना चाहिए। इन दावों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि को लेकर इस समय कोई ऐसा अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है जिसे इन आरोपों की पुष्टि माना जाए।

क्या राहुल गांधी ने पहले भी CEC पर सवाल उठाए हैं?

हां। राहुल गांधी पहले भी निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।

24 सितंबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने CEC की नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी अपनी आपत्ति दोहराई। रिपोर्टों के अनुसार राहुल गांधी ने कहा कि CEC की नियुक्ति व्यवस्था को कार्यपालिका के प्रभाव से स्वतंत्र होना चाहिए और उन्होंने नियुक्ति के समय असहमति नोट देने की बात कही।

वहीं निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था।

CEC ज्ञानेश कुमार की वर्तमान भूमिका क्या है?

भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है जो लोकसभा, राज्य विधानसभाओं तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों सहित चुनावी प्रक्रियाओं का प्रशासन करती है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ज्ञानेश कुमार को वर्तमान Chief Election Commissioner के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

आयोग की संरचना में CEC के साथ दो Election Commissioners भी शामिल हैं। वर्तमान आधिकारिक सूची में ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी तीनों को आयोग के सदस्य के रूप में दर्ज किया गया है।

इसी तीन-सदस्यीय आयोग के भीतर कथित तौर पर दर्ज आपत्तियों ने मौजूदा राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है।

क्या दो चुनाव आयुक्तों ने CEC के फैसलों को खारिज कर दिया है?

उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर ऐसा सीधे कहना उचित नहीं होगा।

The Indian Express की रिपोर्ट में दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा कई मामलों में औपचारिक आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात कही गई है। लेकिन निर्वाचन आयोग ने कहा है कि अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे।

इसलिए “आपत्ति दर्ज करना” और “अंतिम निर्णय को अस्वीकार करना” एक ही बात नहीं हैं। इसी तरह किसी रिपोर्ट में आंतरिक मतभेद सामने आना अपने आप में किसी चुनाव में धांधली या वोट चोरी का न्यायिक प्रमाण नहीं बनता।

Election Commission में निर्णय कैसे लिए जाते हैं?

The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार Chief Election Commissioner और दोनों Election Commissioners आयोग में समान स्तर के सदस्य हैं और CEC को “first among equals” के रूप में वर्णित किया गया है। रिपोर्ट में 2023 के संबंधित कानून की Section 18 का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि आयोग का काम, जहां तक संभव हो, सर्वसम्मति से किया जाना चाहिए और मतभेद की स्थिति में बहुमत का निर्णय लागू होता है।

इस व्यवस्था का मतलब यह है कि किसी विषय पर अलग राय दर्ज होना और अंतिम संस्थागत निर्णय अलग होना संभव है।

मौजूदा विवाद में यही अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि रिपोर्ट में दर्ज आपत्तियों और आयोग द्वारा बताए गए सर्वसम्मत अंतिम फैसलों—दोनों को साथ में समझना जरूरी है।

SIR और मतदाता सूची को लेकर विवाद क्यों महत्वपूर्ण है?

मतदाता सूची चुनाव प्रक्रिया का आधार है। इसमें पात्र मतदाता का नाम शामिल होना और अपात्र या गलत प्रविष्टियों की पहचान करना चुनाव प्रशासन की मूल जिम्मेदारियों में आता है।

मौजूदा SIR विवाद में नए मतदाताओं के पंजीकरण, पुराने नामों को हटाने, नाम बहाल करने की प्रक्रिया और डिजिटल मतदाता डेटा के प्रबंधन जैसे विषय चर्चा में हैं।

इसी कारण विपक्ष इन मुद्दों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मतदान के अधिकार से जोड़ रहा है, जबकि निर्वाचन आयोग SIR को मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत करता है।

क्या राहुल गांधी की इस्तीफे की मांग स्वीकार कर ली गई है?

24 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों में राहुल गांधी की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की पुष्टि होती है। लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा दे दिया है या उन्हें पद से हटा दिया गया है।

निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर 24 सितंबर तक ज्ञानेश कुमार को Chief Election Commissioner के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

इसलिए फिलहाल इस्तीफे की मांग और इस्तीफे की वास्तविक स्वीकृति—दो अलग बातें हैं।

विपक्ष और BJP का रुख क्या है?

राहुल गांधी के अलावा कई विपक्षी नेताओं और दलों ने भी CEC ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। कुछ विपक्षी नेताओं ने उनके पद से हटाने या SIR को रोकने की मांग की है।

दूसरी ओर BJP ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली का बचाव किया है। BJP की ओर से यह तर्क दिया गया कि आयोग के भीतर अलग-अलग विचार होना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है और इससे यह साबित नहीं होता कि संस्था किसी एक व्यक्ति के नियंत्रण में काम कर रही है।

इस प्रकार मौजूदा विवाद में दोनों पक्षों के दावे अलग हैं और अंतिम निष्कर्ष के लिए संबंधित दस्तावेजों, निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रियाओं तथा यदि कोई न्यायिक जांच होती है तो उसके निष्कर्षों को देखना महत्वपूर्ण होगा।

यह भी पढ़ें: PUC Rule: मोबाइल OTP के बिना नहीं बनेगा Pollution Certificate, जानें समस्या और आसान समाधान

राहुल गांधी CEC विवाद में आगे क्या हो सकता है?

मौजूदा विवाद के आगे बढ़ने की दिशा कई बातों पर निर्भर करेगी। इनमें SIR से जुड़ी प्रक्रियाओं पर न्यायिक या संस्थागत समीक्षा, निर्वाचन आयोग की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण और राजनीतिक दलों की आगे की कार्रवाई शामिल हो सकती है।

विपक्ष पहले ही CEC के खिलाफ कार्रवाई और SIR से जुड़े मुद्दों पर अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहा है। दूसरी ओर आयोग का कहना है कि उसके अंतिम फैसले सर्वसम्मत रहे हैं।

इसलिए आने वाले दिनों में आधिकारिक दस्तावेजों और निर्वाचन आयोग के निर्णयों पर नजर रखना इस विवाद को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

FAQ: राहुल गांधी CEC विवाद से जुड़े सवाल

राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार से क्या मांग की है?
राहुल गांधी ने 24 सितंबर 2026 को CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और उन्हें कथित “वोट चोरी” मामले में सरकारी गवाह बनने की अपील की।

राहुल गांधी का “वोट चोरी” आरोप क्या है?
यह राहुल गांधी द्वारा चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित कथित अनियमितताओं के लिए इस्तेमाल किया गया राजनीतिक आरोप है। इसे इस समय किसी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

SIR क्या है?
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें पात्र एवं अपात्र प्रविष्टियों की जांच करना है।

दो Election Commissioners ने कितनी बार आपत्ति दर्ज की?
The Indian Express की जांच रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ निर्णयों और प्रक्रियाओं पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं।

क्या निर्वाचन आयोग ने इन आपत्तियों को स्वीकार किया है?
आयोग ने मीडिया रिपोर्टों में सामने आई आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अलग-अलग विचार संस्थागत deliberation का हिस्सा हैं और उसके आदेश पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णयों का परिणाम रहे हैं।

क्या ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा दे दिया है?
24 सितंबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में ज्ञानेश कुमार Chief Election Commissioner के पद पर सूचीबद्ध हैं। राहुल गांधी की ओर से इस्तीफे की मांग की गई है, लेकिन मांग और वास्तविक इस्तीफा अलग-अलग घटनाएं हैं।

ज्ञानेश कुमार कब CEC बने थे?
निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें Chief Election Commissioner के रूप में पदभार संभाला था।

क्या दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति से चुनाव में धांधली साबित हो जाती है?
नहीं। आपत्तियां दर्ज होना एक तथ्य है, लेकिन इससे अपने आप किसी चुनाव में धांधली या “वोट चोरी” का अंतिम कानूनी निष्कर्ष स्थापित नहीं होता। इस संबंध में अलग-अलग राजनीतिक दावे और निर्वाचन आयोग का स्पष्टीकरण मौजूद हैं।

CEC के साथ वर्तमान में कौन-कौन से Election Commissioners हैं?
निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार वर्तमान आयोग में CEC ज्ञानेश कुमार के साथ Election Commissioners सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी हैं।

SIR विवाद में Form-6 क्यों चर्चा में आया?
एक रिपोर्ट के अनुसार नए मतदाताओं के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 में SIR से संबंधित एक घोषणा जोड़ी गई थी, जिस पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने कथित तौर पर आपत्ति जताई थी।

राहुल गांधी CEC विवाद पर अंतिम बात

राहुल गांधी CEC विवाद फिलहाल चुनाव आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया, SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों के कारण राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। राहुल गांधी ने 24 सितंबर को CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए अपने “वोट चोरी” के आरोप दोहराए और उन्हें सरकारी गवाह बनने की अपील की।

दूसरी ओर निर्वाचन आयोग ने कहा है कि अलग-अलग विचार और टिप्पणियां संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा उसके अंतिम आदेश सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

इसलिए इस पूरे मामले में राजनीतिक आरोप, मीडिया रिपोर्ट में सामने आए आंतरिक मतभेद और निर्वाचन आयोग के आधिकारिक स्पष्टीकरण—इन तीनों को अलग-अलग समझना जरूरी है। आगे की स्थिति आधिकारिक निर्णयों और संबंधित संस्थागत या न्यायिक प्रक्रियाओं से स्पष्ट होगी।

राहुल गांधी CEC विवाद से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचना

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों और विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर प्रस्तुत की गई है। परिस्थितियों या आधिकारिक निर्णयों में बदलाव होने पर जानकारी बदल सकती है। पाठकों को किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित विभाग या आधिकारिक स्रोत से नवीनतम जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।

यह खबर भी पढ़ें
रोजगारCTET 2026: लास्ट डेट करीब, बंपर आवेदन से बढ़ेगी टक्कर – शिक्षकों के लिए बड़ा अलर्ट

CTET 2026: लास्ट डेट करीब, बंपर आवेदन से बढ़ेगी टक्कर – शिक्षकों के लिए बड़ा अलर्ट

मनोरंजनरिया कपूर – जीवन, करियर और वायरल न्यूज़ (2025 की पूरी जानकारी) Bharati Fast News

रिया कपूर – जीवन, करियर और वायरल न्यूज़ (2025 की पूरी जानकारी) Bharati Fast News

समाचारMeta का बड़ा फैसला! Instagram, Facebook और WhatsApp के लिए शुरू होंगे Paid Plans

Meta का बड़ा फैसला! Instagram, Facebook और WhatsApp के लिए शुरू होंगे Paid Plans

खेलस्टैम्पीड (Stampede) क्या है? अधिक जानकारी के लिए देखें

स्टैम्पीड (Stampede) क्या है? अधिक जानकारी के लिए देखें

नवीनतम खबरें
नई खबर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, CJP ने दी ‘जंतर-मंतर 2.0’ की चेतावनी

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, CJP ने दी ‘जंतर-मंतर 2.0’ की चेतावनी

24 सितम्बर 2026
नई खबर CBSE 2026-27 Sample Papers जारी, Class 10-12 के लिए

CBSE 2026-27 Sample Papers जारी, Class 10-12 के लिए

24 सितम्बर 2026
Abhay Jeet Singh

Abhay Jeet Singh

Abhay Bharati Fast News में लेखक एवं संपादक के रूप में कार्यरत हैं। ये टेक्नोलॉजी, मनोरंजन, खेल और सामयिक घटनाओं से संबंधित विषयों पर समाचार लेखन और संपादन का कार्य करते हैं।इनकी जिम्मेदारी विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी एकत्र करना, तथ्यों का सत्यापन करना तथा सामग्री की संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशन सुनिश्चित करना है।भूमिका: Author & Editor – Bharati Fast News

RelatedPosts

बसपा राजस्थान चुनाव
Political News

Rajasthan Nikay Chunav: BSP ने जीतीं 19 सीटें, मायावती बोलीं- ‘धांधली न होती तो रिजल्ट और बेहतर होता’

सितम्बर 15, 2026
योगी आदित्यनाथ प्रेस कॉन्फ्रेंस
Political News

Yogi Adityanath Viral Video: महिला पत्रकार के सवाल पर क्या हुआ? अखिलेश ने कसा ‘प्रेस एकालाप’ वाला तंज

सितम्बर 13, 2026
मायावती उत्तराधिकारी दीपिका
Political News

Mayawati Succession Plan: आकाश-ईशान के बाद अब दीपिका की एंट्री? मायावती ने खोले उत्तराधिकार के पत्ते

सितम्बर 13, 2026
राहुल गांधी विपक्ष
Political News

Rahul Gandhi vs NDA: मजबूत हो रहा विपक्ष या सत्ता पक्ष की पकड़? समझें 2026 का सियासी गणित

सितम्बर 13, 2026
मायावती आकाश आनंद
Political News

Mayawati ने Akash Anand को BSP से क्यों निकाला? अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद भी नहीं मिली राहत

सितम्बर 12, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी
Political News

Cockroach Janta Party में फूट! Manish Brahmbhatt ने लॉन्च की CJP-D

सितम्बर 3, 2026

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

I agree to the Terms & Conditions and Privacy Policy.

🔥 Trending News

  • CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, CJP ने दी ‘जंतर-मंतर 2.0’ की चेतावनी
  • राहुल गांधी का CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला, इस्तीफे की मांग
  • CBSE 2026-27 Sample Papers जारी, Class 10-12 के लिए
  • IIT बॉम्बे साहिल केस: एग्जाम हॉल का CCTV सामने आया
  • IBPS PO Prelims Result 2026 जारी, ऐसे करें चेक
  • रोनाल्डिन्हो भारत में, इंडियन ऑल-स्टार्स से होगा मुकाबला
  • सिंधु जल संधि पर UN में भारत का पाकिस्तान को जवाब
  • परिवहन की वेबसाइट पर मोबाइल नंबर कैसे अपडेट करें? जानें तरीका
  • UP Scholarship Form में समस्याएं, जानें आसान समाधान
  • गाड़ी का ऑनलाइन चालान कैसे भरें? गलत चालान की शिकायत का तरीका

श्रेणियां

  • सरकारी नौकरी अपडेट्स

    सरकारी नौकरी 2026: नई सरकारी भर्तियां, Sarkari Naukri अपडेट | Bharati Fast News

    659 shares
    Share 264 Tweet 165
  • आज का Gold और Silver रेट: Physical, ETF और MCX की ताज़ा कीमतें

    542 shares
    Share 217 Tweet 136
  • नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान 2025: संभल में सड़क सुरक्षा का नया कदम

    517 shares
    Share 207 Tweet 129
  • पैतृक संपत्ति के बंटवारे का खर्च यूपी में हुआ आधा, जानें नए नियम और राहत

    515 shares
    Share 206 Tweet 129
  • FASTag Annual Pass 2026: एक बार रिचार्ज में सालभर टोल फ्री? जानिए पूरी सच्चाई

    511 shares
    Share 204 Tweet 128
ज्ञानेश कुमार इस्तीफा
Political News

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, CJP ने दी ‘जंतर-मंतर 2.0’ की चेतावनी

by Abhay Jeet Singh
सितम्बर 24, 2026
0

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, CJP ने दी ‘जंतर-मंतर 2.0’ की चेतावनी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार...

Read moreDetails
राहुल गांधी CEC विवाद

राहुल गांधी का CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला, इस्तीफे की मांग

सितम्बर 24, 2026
CBSE सैंपल पेपर 2026-27

CBSE 2026-27 Sample Papers जारी, Class 10-12 के लिए

सितम्बर 24, 2026
IIT बॉम्बे साहिल केस

IIT बॉम्बे साहिल केस: एग्जाम हॉल का CCTV सामने आया

सितम्बर 24, 2026
IBPS PO रिजल्ट 2026

IBPS PO Prelims Result 2026 जारी, ऐसे करें चेक

सितम्बर 24, 2026
Bharati Fast News

© 2025 Bharati Fast News - भारत का भरोसेमंद न्यूज़ पोर्टल। All Rights Reserved.

Navigate Site

  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Disclaimer
  • HTML Sitemap
  • Current News
  • Editorial Policy
  • Fact Checking Policy
  • About Newsroom
  • Our Team
  • Fact Checking Policy
  • Editorial Policy
  • About Newsroom
  • Our Team

Follow Us

Welcome Back!

OR

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • Home
  • Employment News
  • Education News
  • Weather News
  • Startup
  • Government Schemes
  • AI News
  • National Sports News
  • Contact Us

© 2025 Bharati Fast News - भारत का भरोसेमंद न्यूज़ पोर्टल। All Rights Reserved.