Small Savings Scheme: PPF, सुकन्या और SCSS पर ब्याज दरें 1 अक्टूबर से जारी
सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। PPF 7.1%, सुकन्या समृद्धि और SCSS 8.2% पर बरकरार हैं।
देशभर के छोटे बचतकर्ताओं, वरिष्ठ नागरिकों और लंबे समय के लिए सुरक्षित निवेश करने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही यानी वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही के लिए Small Savings Schemes की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
इस फैसले के बाद Public Provident Fund यानी PPF पर 7.1%, Sukanya Samriddhi Yojana पर 8.2% और Senior Citizen Savings Scheme यानी SCSS पर 8.2% ब्याज मिलता रहेगा। National Savings Certificate यानी NSC की ब्याज दर भी 7.7% पर बरकरार रखी गई है।
नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेंगी। यानी जिन निवेशकों की नजर PPF, सुकन्या, SCSS, NSC, KVP और Post Office की अन्य छोटी बचत योजनाओं पर थी, उन्हें इस तिमाही में पिछली तिमाही के समान ब्याज दर ही मिलेगी।
Small Savings Scheme की नई ब्याज दरें
अक्टूबर-दिसंबर 2026 के लिए सरकार ने प्रमुख छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है। पूरी सूची इस प्रकार है:
| छोटी बचत योजना | अक्टूबर-दिसंबर 2026 ब्याज दर |
|---|---|
| Sukanya Samriddhi Yojana | 8.2% |
| Senior Citizen Savings Scheme | 8.2% |
| National Savings Certificate | 7.7% |
| Kisan Vikas Patra | 7.5% |
| 5-Year Post Office Time Deposit | 7.5% |
| Monthly Income Scheme | 7.4% |
| Public Provident Fund | 7.1% |
| 3-Year Post Office Time Deposit | 7.1% |
| 2-Year Post Office Time Deposit | 7.0% |
| 1-Year Post Office Time Deposit | 6.9% |
| 5-Year Post Office Recurring Deposit | 6.7% |
| Post Office Savings Account | 4.0% |
KVP के लिए 7.5% की दर के साथ इसकी maturity period 115 महीने यानी 9 साल 7 महीने बनी हुई है।
PPF ब्याज दर 2026: 7.1% पर बरकरार
PPF ब्याज दर 2026 को लेकर निवेशकों की नजर सरकार की सितंबर तिमाही समीक्षा पर थी। अब सरकार के फैसले के बाद PPF पर अक्टूबर-दिसंबर 2026 में भी 7.1% सालाना ब्याज मिलता रहेगा।
PPF की ब्याज दर लंबे समय से 7.1% पर बनी हुई है। ताजा घोषणा के बाद भी इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
PPF एक long-term savings scheme है। इसका सामान्य maturity period 15 वर्ष है। इसमें एक वित्त वर्ष में न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किया जा सकता है।
PPF में मिलने वाला ब्याज सालाना compound होता है और योजना को सामान्य तौर पर tax-efficient savings option के रूप में जाना जाता है। हालांकि tax benefits का इस्तेमाल करते समय लागू income-tax regime और मौजूदा नियमों को ध्यान में रखना जरूरी है।
PPF में ₹1 लाख पर कितना ब्याज?
अगर केवल 7.1% की दर से साधारण वार्षिक गणना की जाए तो ₹1 लाख के balance पर एक वर्ष का ब्याज लगभग ₹7,100 बैठता है।
लेकिन PPF में ब्याज की गणना और crediting scheme के नियमों के अनुसार होती है। इसलिए वास्तविक account balance पर मिलने वाली राशि केवल 7.1% को सीधे principal से गुणा करके तय नहीं की जानी चाहिए।
PPF में interest पूरे outstanding balance पर लागू होता है और सरकार द्वारा घोषित तिमाही दर आगे की अवधि में लागू होती है।
Sukanya Samriddhi Yojana पर 8.2% ब्याज
बेटियों के लिए चलाई जा रही Sukanya Samriddhi Yojana यानी SSY पर अक्टूबर-दिसंबर 2026 के दौरान 8.2% ब्याज मिलता रहेगा।
सरकार ने इस योजना की दर में भी कोई बदलाव नहीं किया है। उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार SSY की 8.2% दर लंबे समय से बरकरार है।
SSY account सामान्यतः ऐसी बच्ची के लिए खोला जा सकता है जिसकी उम्र account opening के समय 10 वर्ष से कम हो। इसमें न्यूनतम वार्षिक जमा ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख तक जमा किया जा सकता है।
योजना का उद्देश्य बेटी की शिक्षा और भविष्य से जुड़े दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्य के लिए बचत को बढ़ावा देना है।
Sukanya Samriddhi में ₹1.5 लाख जमा करने पर क्या होगा?
यदि कोई अभिभावक योजना के नियमों के अनुसार हर वर्ष अधिकतम ₹1.5 लाख जमा करता है, तो लंबे समय में compound interest के कारण corpus काफी बढ़ सकता है।
लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना चाहिए। 8.2% को भविष्य के पूरे 21 साल के लिए guaranteed rate मानकर calculation करना सही नहीं होगा।
सरकार समय-समय पर छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है। इसलिए आज घोषित 8.2% दर अक्टूबर-दिसंबर 2026 की लागू दर है; भविष्य की तिमाहियों में सरकार इसे बदल सकती है।
SCSS पर भी 8.2% ब्याज
Senior Citizen Savings Scheme यानी SCSS पर भी अक्टूबर-दिसंबर 2026 में 8.2% सालाना ब्याज जारी रहेगा।
यह योजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियमित ब्याज आय के उद्देश्य से महत्वपूर्ण छोटी बचत योजनाओं में शामिल है।
SCSS में ब्याज का भुगतान निर्धारित नियमों के अनुसार quarterly basis पर किया जाता है। इसलिए यह उन निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकता है जो अपनी बचत से नियमित income stream बनाना चाहते हैं।
हालांकि किसी भी निवेश निर्णय से पहले व्यक्ति को अपनी आय, tax slab, liquidity requirement और अन्य निवेशों को ध्यान में रखना चाहिए।
NSC पर 7.7% ब्याज जारी
National Savings Certificate यानी NSC की ब्याज दर भी अक्टूबर-दिसंबर 2026 के लिए 7.7% पर बनी हुई है।
NSC की सामान्य अवधि पांच वर्ष है। इसमें जमा राशि और लागू tax provisions के अनुसार Section 80C से जुड़े लाभ उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि tax benefit का प्रभाव निवेशक के लागू tax regime पर निर्भर करता है।
NSC पर ब्याज compound होता है और maturity पर राशि का भुगतान किया जाता है।
Kisan Vikas Patra पर 7.5% ब्याज
Kisan Vikas Patra यानी KVP पर अक्टूबर-दिसंबर 2026 में 7.5% ब्याज जारी रहेगा।
इस दर पर KVP की maturity period 115 महीने यानी 9 साल 7 महीने बनी हुई है।
KVP की खासियत यह है कि इसकी maturity अवधि और applicable interest rate certificate खरीदते समय निर्धारित होती है। भविष्य में सरकार द्वारा नई दर घोषित किए जाने से पहले से खरीदे गए certificate की maturity terms सामान्यतः उसी तरह नहीं बदलतीं।
Post Office Time Deposit पर कितना ब्याज?
Post Office Time Deposit की अवधि के अनुसार अलग-अलग ब्याज दरें लागू हैं।
अक्टूबर-दिसंबर 2026 में:
- 1 साल की Time Deposit — 6.9%
- 2 साल की Time Deposit — 7.0%
- 3 साल की Time Deposit — 7.1%
- 5 साल की Time Deposit — 7.5%
इन दरों में भी 1 अक्टूबर से कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इसलिए निवेशक को केवल ब्याज दर देखकर योजना चुनने के बजाय investment tenure, liquidity, tax treatment और जरूरत के समय पैसे निकालने की शर्तों को भी समझना चाहिए।
Post Office Monthly Income Scheme पर 7.4%
Post Office Monthly Income Scheme यानी POMIS/MIS की ब्याज दर भी 7.4% पर बनी हुई है।
इस योजना का उद्देश्य एकमुश्त रकम पर नियमित monthly interest income उपलब्ध कराना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अधिकतम single-account deposit ₹9 लाख और joint account के लिए ₹15 लाख तक है। 7.4% की दर पर ₹9 लाख की रकम से मासिक payout लगभग ₹5,550 बैठता है।
हालांकि MIS का interest taxable होता है, इसलिए वास्तविक post-tax income निवेशक की tax स्थिति पर निर्भर करेगी।
Post Office RD पर 6.7% ब्याज
5-year Post Office Recurring Deposit यानी RD पर अक्टूबर-दिसंबर 2026 के लिए 6.7% ब्याज जारी रहेगा।
RD उन लोगों के लिए अलग तरह का savings option है जो हर महीने एक निश्चित राशि जमा करके धीरे-धीरे corpus बनाना चाहते हैं।
इसमें एकमुश्त बड़ी राशि लगाने के बजाय नियमित monthly deposits किए जाते हैं।
Post Office Savings Account पर 4% ब्याज
Post Office Savings Account पर भी ब्याज दर में बदलाव नहीं किया गया है। अक्टूबर-दिसंबर 2026 के लिए यह 4% है।
यह account मुख्य रूप से liquidity और सामान्य savings जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसे PPF या SSY जैसी long-term investment schemes के समान नहीं समझना चाहिए।
सरकार हर तिमाही छोटी बचत की दरें क्यों देखती है?
Small Savings Schemes की ब्याज दरों की समीक्षा सरकार द्वारा quarterly basis पर की जाती है। इन दरों को Government Securities यानी G-Sec yields से broadly benchmark किया जाता है और अलग-अलग योजनाओं के लिए निर्धारित spreads का इस्तेमाल किया जाता है।
हालांकि benchmark formula एक reference framework देता है, लेकिन हर तिमाही में rate change अपने आप नहीं होता। अंतिम notified rate सरकार तय करती है।
इसी वजह से G-Sec yields में बदलाव होने के बावजूद किसी तिमाही में PPF या अन्य छोटी बचत योजनाओं की दरें स्थिर रह सकती हैं।
अक्टूबर-दिसंबर 2026 में निवेशकों पर क्या असर होगा?
सरकार के rate unchanged रखने से existing और prospective investors के लिए इस तिमाही में लागू rates स्पष्ट हैं।
PPF में 7.1%, SSY और SCSS में 8.2%, NSC में 7.7% और MIS में 7.4% की दर बनी रहेगी।
इसका मतलब यह है कि अक्टूबर-दिसंबर 2026 के दौरान इन योजनाओं में निवेश करने वाले लोगों के लिए संबंधित notified rates में तत्काल कोई कटौती या बढ़ोतरी नहीं हुई है।
हालांकि सभी योजनाओं के नियम एक जैसे नहीं हैं। उदाहरण के लिए PPF लंबी अवधि की savings scheme है, SSY बेटी के भविष्य से जुड़ी योजना है और SCSS senior citizens के लिए निर्धारित scheme है।
इसलिए केवल सबसे ज्यादा ब्याज दर देखकर निवेश का फैसला करना जरूरी नहीं है।
PPF, Sukanya और SCSS में क्या अंतर है?
तीनों योजनाओं का उद्देश्य और target investor अलग है।
PPF: लंबी अवधि की व्यक्तिगत savings और retirement-oriented financial planning के लिए इस्तेमाल की जाने वाली scheme है।
Sukanya Samriddhi: eligible girl child के नाम पर long-term savings के लिए बनाई गई योजना है।
SCSS: senior citizens के लिए नियमित ब्याज आय और savings से जुड़ी योजना है।
तीनों में अक्टूबर-दिसंबर 2026 के लिए घोषित ब्याज दर अलग-अलग नियमों के साथ लागू होगी।
क्या पुरानी ब्याज दर भी बदल गई है?
नहीं। सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर 2026 के लिए rates को unchanged रखा है।
इसका मतलब है कि पिछली तिमाही में लागू rates ही 1 अक्टूबर से नई तिमाही में जारी रहेंगी। PPF 7.1%, SSY 8.2%, SCSS 8.2% और NSC 7.7% पर बने हुए हैं।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
Small Savings Scheme चुनते समय केवल interest rate देखना पर्याप्त नहीं है। निवेशक को निम्न बातों पर भी ध्यान देना चाहिए:
- योजना की lock-in या maturity अवधि क्या है।
- जरूरत पड़ने पर premature withdrawal की सुविधा है या नहीं।
- ब्याज monthly, quarterly या maturity पर मिलता है।
- interest taxable है या tax-exempt।
- tax benefit किस income-tax regime में उपलब्ध है।
- निवेश की maximum limit कितनी है।
- योजना आपके financial goal से मेल खाती है या नहीं।
खास तौर पर PPF, SSY और SCSS को short-term जरूरत के पैसे के लिए इस्तेमाल करने से पहले liquidity requirements को समझना जरूरी है।
Small Savings Scheme पर अंतिम बात
अक्टूबर-दिसंबर 2026 के लिए सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। PPF 7.1%, Sukanya Samriddhi 8.2% और SCSS 8.2% पर बरकरार हैं, जबकि NSC 7.7%, KVP 7.5% और MIS 7.4% पर जारी हैं।
इस फैसले से अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक निवेशकों को पिछली तिमाही के समान notified rates मिलेंगे। हालांकि किसी भी योजना में निवेश करने से पहले उसके tenure, withdrawal rules, tax treatment और अपने financial goal को जरूर ध्यान में रखना चाहिए।
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Small Savings Scheme से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचना
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों और विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर प्रस्तुत की गई है। परिस्थितियों या आधिकारिक निर्णयों में बदलाव होने पर जानकारी बदल सकती है। पाठकों को किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित विभाग या आधिकारिक स्रोत से नवीनतम जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।





























