नमस्ते Bharati Fast News के पाठकों! कोहरा… ये सिर्फ धुंध नहीं, ये प्रकृति का एक मायावी पर्दा है जो हमें अपनी ओर खींचता है, एक शांत, रहस्यमय आलिंगन का वादा करता है। लेकिन, जैसा कि अक्सर होता है, सुंदरता में खतरा छिपा होता है। कोहरा क्या है? यह पानी की छोटी-छोटी बूंदें हैं, हवा में तैरती हुई, एक अदृश्य सागर बनाती हुई, दृश्यता को गंभीर रूप से कम करती हैं। ऐसे में सबसे अहम सवाल यही है कि कोहरे में सुरक्षित कैसे रहें? हम आपसे कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करेंगे और बताएँगे की घनें कोहरे में कैसे अपना और दूसरों का ख्याल रखा जाएं?
कोहरे में सुरक्षित कैसे रहें? बचाव के असरदार तरीके और जरूरी यातायात सावधानियाँ
नमस्ते Bharati Fast News के पाठकों! सर्दियों में उत्तर भारत, खासकर दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, यूपी और बिहार में घने कोहरे के कारण हर साल सैकड़ों सड़क हादसे, ट्रेन देरी और फ्लाइट कैंसिलेशन दर्ज किए जाते हैं। ऐसे में सबसे अहम सवाल यही है कि कोहरे में सुरक्षित कैसे रहें, खासकर जब रोज़ ऑफिस, स्कूल, मार्केट या लंबी यात्रा के लिए निकलना मजबूरी हो। यह लेख ड्राइवर, बाइक/स्कूटर सवार, पैदल यात्री और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करने वाले हर व्यक्ति के लिए प्रैक्टिकल, आसान और लागू की जा सकने वाली सावधानियाँ बताता है।
यह छुपा हुआ खतरा है – दूरी का भ्रम, मंद रोशनी में छिपी चीजें, और सबसे महत्वपूर्ण, प्रतिक्रिया समय को कम करके दुर्घटनाओं का कारण बनना। क्या आप जानते हैं कि अमेरिका में सालाना 38,700 से अधिक वाहन दुर्घटनाएँ कोहरे के कारण होती हैं, जिनमें 600 से अधिक लोगों की जान जाती है और 16,000 लोग घायल होते हैं? यह सिर्फ एक सांख्यिकीय विसंगति नहीं है, यह एक मौन संकट है जिसके लिए हमें “कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग” के तरीकों को जानना आवश्यक है।

कोहरा क्यों खतरनाक है और “कोहरे में सुरक्षित कैसे रहें” समझना क्यों ज़रूरी?
कोहरा केवल “धुंध” नहीं, बल्कि नमी से भरे सूक्ष्म कणों की परत होती है जो हवा में तैरती रहती है और रोशनी को फैला देती है, जिससे दृश्यता अचानक बहुत कम हो जाती है। दृश्यता घटने पर हमारे ब्रेक लगाने, मोड़ लेने और खतरे को पहचानने की प्रतिक्रिया-समय (reaction time) पर सीधा असर पड़ता है।
भारत में घने कोहरे के दौरान हाईवे पर चेन-कोलिज़न (एक के बाद एक कई गाड़ियों की टक्कर) के केस सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना ज़्यादा दर्ज होते हैं।
रेल व एयर ट्रैफिक में देरी से यात्रियों को घंटों स्टेशन और एयरपोर्ट पर इंतज़ार करना पड़ता है, जिससे हेल्थ और सेफ्टी दोनों पर जोखिम बढ़ता है।
इसीलिए कोहरे की शुरुआत होते ही घर से निकलने से पहले मानसिक, शारीरिक और वाहन – हर स्तर पर तैयारी करना ज़रूरी है ताकि कोहरे में सुरक्षित कैसे रहें वाला सवाल केवल थ्योरी नहीं, आपकी रोजमर्रा की प्रैक्टिस बन जाए।
इतिहास के आइने में कोहरा: समुद्री सफर से लेकर आधुनिक सड़कों तक की चुनौतियाँ
मानव इतिहास कोहरे के साथ एक सदियों पुराना संघर्ष है। यह एक ऐसा विरोधी है जिसने हमारी यात्राओं को, हमारे जीवन को आकार दिया है, और हमें अपने अस्तित्व के लिए लड़ना सिखाया है।
समुद्री सफर की चुनौतियाँ
शुरुआती नाविकों के लिए, कोहरा एक अदृश्य मायाजाल था। 1858 में ‘लुकास’ जहाज का डूबना एक भयानक याद दिलाता है। इसने फॉग सिग्नल्स (घंटियाँ, तोपें) और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री नियमों (COLREGS) के विकास को जन्म दिया।
आज रडार, जीपीएस और AIS ने क्रांति ला दी है, लेकिन सागर अभी भी चुनौती देता है।
सड़क दुर्घटनाएँ और ऐतिहासिक घटनाएँ
मल्टी-व्हीकल चेन रिएक्शन एक्सीडेंट्स, जैसे 1999 में विंडसर, ओंटारियो में 145 वाहनों का ढेर, गति और दूरी के गलत अनुमान का घातक परिणाम हैं।
1952 का ‘ग्रेट स्मॉग ऑफ लंदन’ एक पर्यावरण आपदा थी जिसने वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य के बीच संबंध पर सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाई।
आज की तस्वीर: कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग के मौजूदा नियम, तकनीकें और जन जागरूकता
आज, हम कोहरे से निपटने के लिए सरकारी दिशानिर्देशों, उन्नत तकनीकों और जन जागरूकता अभियानों के एक जटिल जाल के साथ संघर्ष करते हैं।
ड्राइविंग सावधानियाँ
- धीमी गति रखें, दृश्यता के अनुसार।
- लो-बीम हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स का उपयोग करें (हाई-बीम नहीं)।
- आगे वाले वाहन से सामान्य से दोगुनी/तिगुनी दूरी बनाए रखें।
- विंडशील्ड वाइपर और डिफॉस्टर का लगातार उपयोग करें।
- सड़क के दाहिने किनारे या रिफ्लेक्टर को गाइड के रूप में उपयोग करें।
- अचानक ब्रेक लगाने, तेज़ करने या लेन बदलने से बचें।
- क्रूज़ कंट्रोल का उपयोग न करें, पूरी तरह अलर्ट रहें।
- न दिखने वाले यातायात की आवाज़ सुनने के लिए खिड़कियाँ थोड़ी खोलें।
- यदि दृश्यता शून्य हो, तो सुरक्षित जगह पर रुकें और हैज़र्ड लाइट्स ऑन करें।
पैदल चलने वालों के लिए
- दिखाई दें – चमकीले या परावर्तक कपड़े पहनें।
- चौकन्ने रहें – हेडफ़ोन और मोबाइल फोन से बचें।
- नियमों का पालन करें – सभी यातायात संकेतों का सम्मान करें।
- सुरक्षित चलें – यदि फुटपाथ न हो, तो यातायात का सामना करते हुए सड़क के दाहिने किनारे पर चलें।
आधुनिक तकनीक
- ADAS (Advanced Driver-Assistance Systems): अनुकूली हेडलाइट्स, स्वचालित ब्रेकिंग, लेन-कीपिंग सहायता।
- हाईवे फॉग वार्निंग सिस्टम: दृश्यता सेंसर, VMS (Variable Message Signs), मोबाइल ऐप्स।
- स्मार्ट डिटेक्टर बीकन सिस्टम: एलईडी और रडार सेंसर से मार्गदर्शन।
- जन जागरूकता अभियान: घने कोहरे की चेतावनी, सड़क सुरक्षा टिप्स, वायु प्रदूषण के स्वास्थ्य प्रभाव।

कोहरे में सुरक्षित कैसे रहें – ड्राइवरों के लिए 10 ज़रूरी ड्राइविंग टिप्स
ड्राइविंग के दौरान सबसे अधिक खतरा तेज़ स्पीड, ओवरटेकिंग और अचानक ब्रेक से होता है। नीचे दिए गए पॉइंट्स को आप सीधे “रूलबुक” की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।
1. स्पीड कम रखें, दूरी ज़्यादा रखें
हमेशा अपनी सामान्य स्पीड से 30–40% कम स्पीड पर चलें, खासकर हाईवे या एक्सप्रेसवे पर।
आगे चल रही गाड़ी से कम-से-कम 4–5 सेकंड की दूरी रखें, ताकि अचानक ब्रेक की स्थिति में आपको प्रतिक्रिया देने का समय मिल सके।
2. Fog Light / Low Beam का सही इस्तेमाल
हाई बीम (ऊपर वाली लाइट) कोहरे में रोशनी को और बिखेर देती है, जिससे सामने कुछ नहीं दिखता।
हमेशा Low Beam और अगर वाहन में हो तो Front/Rear Fog Lights का उपयोग करें। Yellowish या Warm light कोहरा काटने में बेहतर मदद करती है।
3. Hazard Light का सही व सीमित प्रयोग
चलते समय लगातार Hazard Light (डबल इंडिकेटर) ऑन रखना गलत आदत है; इससे पीछे आने वाली गाड़ी को आपके लेन बदलने या मुड़ने का संकेत ठीक से नहीं मिलता।
Hazard Light सिर्फ़ अत्यधिक धीमी गति, breakdown या किनारे गाड़ी रोकने पर ही कुछ समय के लिए उपयोग करें।
4. अचानक ओवरटेक न करें, Lane Discipline रखें
कोहरे में ओवरटेक करने से पहले सामने की लेन बिल्कुल क्लियर दिखना चाहिए; शक होने पर कभी ओवरटेक न करें।
हाईवे पर हमेशा लेफ्ट / मिडिल लेन में रहें; लगातार लेन बदलना टक्कर की संभावना बढ़ाता है।
5. सड़क की सफेद/पीली लाइन को “गाइड” की तरह इस्तेमाल करें
बहुत घना कोहरा होने पर रोड की बीच की या साइड वाली लाइन को ध्यान से देखकर वाहन को सीधा रखें।
कच्चे किनारे की ओर जरूरत से ज़्यादा खिसकने से गाड़ी फिसलने या नाले में गिरने का खतरा होता है।
6. Glass और Mirrors साफ रखें
कोहरे / नमी के कारण विंडशील्ड और मिरर पर धुंध जम जाती है; AC का Defogger Mode (फ्रंट/रियर) ऑन रखें।
वाइपर सही हालत में हों, वॉशर फ्लूइड भरा हो, यह पहले ही चेक कर लें।
7. Horn का उपयोग “सिग्नल” की तरह करें
मोड़, फ्लाईओवर, ब्रिज या क्रॉसिंग के पास Horn हल्के से बजाकर सामने वाले को अपनी मौजूदगी का संकेत दें।
हॉर्न को शोर नहीं, “कम्युनिकेशन” के रूप में उपयोग करें।
8. मोबाइल, म्यूजिक और Distraction से दूरी
कोहरे में ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात करना / चैट करना सीधे जान से खेलने जैसा है।
कार का म्यूजिक वॉल्यूम कम रखें ताकि बाहर के हॉर्न, सायरन या अन्य संकेत ठीक से सुनाई दें।
9. थकान या नींद की स्थिति में न चलाएं
सर्दियों में देर रात या तड़के सुबह नींद ज़्यादा आती है; कोहरे के साथ यह कॉम्बो बेहद खतरनाक है।
अगर नींद आ रही हो तो तुरंत किसी सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोक कर 15–20 मिनट आराम करें या ड्राइवर बदलें।
10. Emergency Kit हमेशा कार में रखें
टॉर्च, रिफ्लेक्टिव जैकेट, व्हील चॉक, फर्स्ट-एड किट, पानी और हल्का स्नैक्स रखें।
लंबी दूरी की यात्रा से पहले Fuel फुल करवा लें; कोहरे और ट्रैफिक के कारण समय कहीं भी बढ़ सकता है।

दोपहिया, पैदल यात्री और पब्लिक ट्रांसपोर्ट – कोहरे में सुरक्षित कैसे रहें?
कोहरे में सुरक्षित कैसे रहें केवल चारपहिया तक सीमित नहीं; भारत में करोड़ों लोग रोज़ बाइक, स्कूटर और पैदल चलते हैं, जिनके साथ हादसों की संभावना और भी ज्यादा रहती है।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए सावधानियाँ
चमकीले / रिफ्लेक्टिव कपड़े या जैकेट पहनें, ताकि पीछे से आने वाले वाहन आपको पहचान सकें।
हेलमेट का शीशा साफ रखें; अगर बहुत धुंध जम रही हो तो थोड़ी-थोड़ी देर बाद रुककर साफ करें।
सड़क के बिलकुल किनारे न चलें; गड्ढों और फिसलन की संभावना ज़्यादा होती है।
किसी भी बड़े वाहन (ट्रक, बस) के बहुत पास न चलें, खासकर उस की “ब्लाइंड स्पॉट” में नहीं।
पैदल यात्रियों के लिए सावधानियाँ
सड़क पार करते समय दोनों तरफ़ ध्यान से देखें; कोहरे में गाड़ियों की लाइट और आवाज़ से अंदाज़ा लगाएं।
गहरे रंग के कपड़ों के ऊपर कोई हल्का / रिफ्लेक्टिव सामान (जैसे स्कार्फ़, बैग) रखें।
जहां भी हो सके फुटओवर ब्रिज, ज़ेब्रा क्रॉसिंग और ट्रैफिक सिग्नल का ही उपयोग करें।
बस / ट्रेन / मेट्रो से यात्रा करने वाले
कोहरे की वजह से ट्रेनों और बसों में देरी सामान्य है; टाइम से पहले स्टेशन/बस स्टैंड पहुँचें लेकिन खुले में ठंड से बचाव भी करें।
स्टेशन/प्लेटफॉर्म पर भीड़ में धक्कामुक्की से बचें; बच्चों को हमेशा हाथ से पकड़े रखें।
अनाउंसमेंट और डिस्प्ले बोर्ड पर नज़र रखें; जानकारी की कमी घबराहट बढ़ाती है।
हेल्थ के नज़रिए से – कोहरे में सुरक्षित कैसे रहें और बीमारियों से बचें?
कोहरा अकेला समस्या नहीं, इसके साथ धुआँ, धूल और प्रदूषण मिलकर Smog बना देते हैं, जो फेफड़ों और दिल के मरीजों के लिए खतरनाक है।
श्वास संबंधी (Respiratory) जोखिम
अस्थमा, COPD, ब्रॉन्काइटिस, साइनस और एलर्जी के मरीजों के लिए कोहरा + प्रदूषण घातक मिश्रण है।
खाँसी, सीने में जकड़न, साँस फूलना, आंखों में जलन और गले में खराश जैसे लक्षण आम हैं।
बचाव के तरीके:
N95 या 4-लेयर मास्क का प्रयोग करें, खासकर सुबह/रात बाहर निकलते समय।
बहुत ठंड और कोहरे के समय सुबह की वॉक को indoor exercise / योग से replace करें, जब तक स्थिति बेहतर न हो।
गरम पानी, काढ़ा, भाप लेना, घर के अंदर हवा का उचित वेंटिलेशन बनाए रखना फायदेमंद रहता है।
हार्ट पेशेंट और बुजुर्गों के लिए टिप्स
अचानक ठंडी हवा में निकलने से BP और हार्ट रेट में उतार-चढ़ाव हो सकता है।
डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएँ समय पर लें, आपातकालीन नंबर हमेशा साथ रखें।
लंबी दूरी की यात्रा से पहले डॉक्टर से एक बार सलाह अवश्य लें, खासकर अगर हाल में कोई cardiac episode हुआ हो।
प्रशासनिक गाइडलाइन और ट्रैफिक पुलिस क्या सलाह देती है?
कई राज्यों की ट्रैफिक पुलिस और सड़क सुरक्षा प्राधिकरण हर सर्दी में advisory जारी करते हैं, जो मोटे तौर पर इन बिंदुओं पर ज़ोर देती है:
अनावश्यक यात्रा टालें, खासकर रात और तड़के सुबह के समय।
स्कूल बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए स्पीड लिमिट और फिटनेस चेक अनिवार्य हो।
हाईवे पर फॉग वार्निंग साइन, रिफ्लेक्टिव मार्कर और emergency parking bay का सही उपयोग।
खराब गाड़ी को तुरंत किनारे हटाकर रिफ्लेक्टिव ट्रायंगल और हेज़र्ड लाइट से चेतावनी देना।
आपके इलाके की स्थानीय ट्रैफिक पुलिस / प्रशासन की सलाह को हमेशा प्राथमिकता दें, क्योंकि वे ground reality (visibility, accident black spots, diversion) के अनुसार अपडेट जारी करते हैं।
घर से निकलने से पहले चेकलिस्ट – ताकि हर बार “कोहरे में सुरक्षित कैसे रहें” फॉलो हो
1. मौसम और विज़िबिलिटी चेक करें
मोबाइल ऐप, टीवी न्यूज या रेडियो से जानें कि आपके रूट पर विज़िबिलिटी कितनी है।
अगर विज़िबिलिटी बेहद कम है और यात्रा बहुत जरूरी नहीं, तो कुछ समय इंतज़ार करना बेहतर है।
2. वाहन की हेल्थ चेक करें
हेडलाइट, टेललाइट, Fog Light, इंडिकेटर सब सही काम कर रहे हों।
ब्रेक, टायर प्रेशर, वाइपर और डिफॉगर चेक कर लें।
3. अपने और परिवार के लिए वार्म क्लोदिंग
ठंड + कोहरा शरीर की प्रतिरोधक क्षमता घटा देते हैं, इसलिए adequate लेयरिंग ज़रूरी है।
बच्चों और बुजुर्गों को extra कवर दें – टोपी, मफ़लर, दस्ताने इत्यादि।
4. Route Plan और Extra Time
हमेशा normal समय से कम-से-कम 30–40% ज्यादा समय लेकर निकलें।
Alternative route (कम ट्रैफिक / अच्छी लाइटिंग वाला) पहले ही सोच लें।
भविष्य की ओर: कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए आने वाली तकनीकें और नवाचार
भविष्य आशाजनक है। स्मार्ट वाहन और सुरक्षित सफर की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।
उन्नत वाहन प्रणालियाँ
- उन्नत LiDAR और AI: घने कोहरे को भेदने और लक्ष्य का पता लगाने के लिए बेहतर क्षमता।
- नियर-इन्फ्रारेड विजन सिस्टम: घने कोहरे में भी साफ देखने की क्षमता।
- मल्टी-सेंसर फ़्यूज़न: कैमरा, रडार, थर्मल इमेजिंग का एक साथ उपयोग।
- सक्रिय फॉग रोकथाम: आर्द्रता सेंसर से ओस बिंदु का अनुमान लगाकर संक्षेपण को रोकना।
स्मार्ट सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर
- “स्मार्ट फॉग अलर्ट लाइट्स”: कोहरे के घनत्व के अनुसार तीव्रता समायोजित करने वाली प्रकाश प्रणालियाँ।
- V2I (Vehicle-to-Infrastructure) कम्युनिकेशन: वाहनों को सड़क के बुनियादी ढांचे से सीधे चेतावनी प्राप्त करना।
- सड़क किनारे दृश्यता सेंसर और VMS: रियल-टाइम अलर्ट प्रदान करना।
इन नवाचारों का अंतिम लक्ष्य दुर्घटनाओं को कम करना, चालकों के तनाव को घटाना और मानवीय चालकों के साथ-साथ स्वायत्त वाहनों के लिए भी “कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग” को आसान बनाना है।
निष्कर्ष: कोहरे से मुकाबला – सबकी जिम्मेदारी, हर कदम पर सावधानी
कोहरा एक प्राकृतिक घटना है, लेकिन सही जानकारी और सावधानी से हम इसके खतरों को कम कर सकते हैं। जैसा कि हमने देखा, इतिहास से लेकर आधुनिक युग तक, मानव ने इस चुनौती का सामना करने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं और तकनीक के साथ अपनी सुरक्षा को बढ़ाया है। “कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग” सिर्फ आपकी नहीं, बल्कि सड़क पर हर किसी की सुरक्षा की कुंजी है। याद रखें, टेक्नोलॉजी कितनी भी एडवांस हो जाए, मानव विवेक और सावधानी का कोई विकल्प नहीं। भारती फास्ट न्यूज़ – तेज़ खबरें, सच्ची खबरें – यही है भारती फास्ट न्यूज़, हमेशा आपकी सुरक्षा की जानकारी लेकर आता है।
आग्रह और आपके अमूल्य सुझाव
Bharati Fast News के पाठकों से एक विनम्र आग्रह:
सर्दियों के मौसम में अपने परिवार, ड्राइवर, स्कूल वैन, ऑफिस कैब और दोस्तों के बीच यह जानकारी ज़रूर शेयर करें, ताकि सबको पता चले कि कोहरे में सुरक्षित कैसे रहें और अनजाने में होने वाली जानलेवा गलतियों से बचा जा सके।
क्या आपने खुद कभी घने कोहरे में ड्राइविंग या यात्रा के दौरान खतरनाक स्थिति का सामना किया है? आपका अनुभव, समाधान और सीख क्या रही – कृपया कमेंट में लिखें, ताकि दूसरों को भी मदद मिल सके।
यदि आप चाहें तो हम अलग-अलग कैटेगरी (स्कूल बस, ट्रक ड्राइवर, महिला यात्रियों, बुजुर्गों) के लिए अलग गाइड भी तैयार कर सकते हैं – इसके लिए अपने सुझाव और विषय नीचे ज़रूर बताएं।
आपकी जागरूकता और सुझाव ही सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने की सबसे बड़ी ताकत हैं।
Conclusion: कोहरे में सुरक्षित कैसे रहें – जागरूकता ही सबसे बड़ा सेफ्टी गियर
आख़िर में बात फिर उसी सवाल पर लौटती है – कोहरे में सुरक्षित कैसे रहें? जवाब बहुत सरल है: जरूरत से तेज़ न चलें, जितना दिख रहा है उससे ज़्यादा assume न करें, और अपने साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा की भी जिम्मेदारी महसूस करें। सही लाइट, सही स्पीड, पर्याप्त दूरी, हेल्थ का ध्यान और प्रशासनिक गाइडलाइन का पालन – यही पांच बुनियादी स्तंभ हैं जो कोहरे में भी आपकी यात्रा को सुरक्षित बना सकते हैं।
याद रखिए, कोहरा हमेशा मौसम की मजबूरी है, लेकिन लापरवाही हमेशा इंसान की अपनी पसंद। अगर आप और आपका परिवार इन सावधानियों को रोज़मर्रा की आदत बना लेते हैं, तो हर सर्दी में खबरों में दिखने वाले कई हादसे केवल “टाले जा सकने वाले हादसे” बन कर रह जाएंगे।
Bharati Fast News – तेज़ खबरें, सच्ची खबरें – यही है भारती फास्ट न्यूज़ – मौसम, यातायात, हेल्थ और पब्लिक सेफ्टी से जुड़ी ऐसी ही जरूरी खबरों और गाइड के लिए हमारी वेबसाइट को बुकमार्क करें और नियमित रूप से विज़िट करते रहें।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और मार्गदर्शन के उद्देश्य से है। सभी पाठकों को स्थानीय यातायात नियमों का पालन करने और आवश्यकतानुसार पेशेवर सलाह लेने की सलाह दी जाती है। भारती फास्ट न्यूज़ किसी भी व्यक्तिगत कार्रवाई या निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।
कोहरे में सुरक्षा से जुड़े आम सवाल
Q1. कोहरे में सफर करना कितना जोखिम भरा होता है?
A1. घने कोहरे में विजिबिलिटी (दृश्यता) बहुत कम हो जाती है, जिसके कारण वाहन एक-दूसरे को देर से दिखाई देते हैं और टक्कर की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए कोहरे के समय सड़क हादसे सामान्य दिनों की तुलना में अधिक होते हैं।
Q2. कोहरे में सफर शुरू करने से पहले कौन‑सी तैयारी जरूरी है?
A2. गाड़ी के हेडलाइट, फॉग लाइट, ब्रेक, इंडिकेटर, वाइपर और डिफॉगर ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं, इसकी पहले से जांच कर लें। साथ ही शीशे और विंडस्क्रीन को अंदर‑बाहर से साफ रखें, ताकि धुंध जमने से विजिबिलिटी और कम न हो।
Q3. कोहरे में ड्राइव करते समय गाड़ी की स्पीड कैसी रखनी चाहिए?
A3. कोहरे में हमेशा सामान्य से काफी कम गति पर गाड़ी चलाएं, ताकि किसी रुकावट या अचानक मोड़ आने पर सुरक्षित रूप से ब्रेक लगा सकें। तेज रफ्तार में कम विजिबिलिटी के कारण दूरी का सही अंदाजा नहीं लग पाता और चेन एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है।
Q4. हाई बीम या लो बीम, कोहरे में कौन‑सी लाइट इस्तेमाल करनी चाहिए?
A4. कोहरे में हाई बीम से बचें, क्योंकि उसकी रोशनी कोहरे से टकराकर वापस आंखों में पड़ती है और दिखना और मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में लो बीम हेडलाइट और फॉग लाइट का इस्तेमाल ज्यादा उपयोगी और सुरक्षित होता है।
Q5. फॉग लाइट का सही उपयोग क्या है?
A5. फॉग लाइट नीचे की ओर सड़क पर रोशनी डालती है, जिससे गीली या कोहरे से ढकी सड़क बेहतर दिखाई देती है। घने कोहरे में न सिर्फ आगे की बल्कि पीछे की फॉग लाइट भी ऑन करने से पीछे आ रहे वाहनों को आपकी गाड़ी आसानी से दिखती है।
Q6. कोहरे में ओवरटेक करना चाहिए या नहीं?
A6. घने कोहरे में ओवरटेक करने से बचना चाहिए, क्योंकि सामने से आ रही गाड़ी समय पर दिखाई नहीं देती और आमने‑सामने की टक्कर हो सकती है। बहुत मजबूरी में ओवरटेक करना पड़े तो बेहद कम स्पीड में, इंडिकेटर देकर और पर्याप्त दूरी देखकर ही करें।
Q7. सेफ डिस्टेंस कैसे बनाए रखें?
A7. सामने चल रही गाड़ी से सामान्य दिनों की तुलना में अधिक दूरी रखें, ताकि अचानक ब्रेक लगने पर भी आपके पास रुकने की जगह रहे। सेफ डिस्टेंस चेन‑कोलिजन (एक‑के‑बाद‑एक टक्कर) के जोखिम को काफी कम कर देता है।
Q8. कोहरे में इंडिकेटर और हैजर्ड लाइट का क्या रोल है?
A8. लेन बदलते या मोड़ लेते समय इंडिकेटर का समय पर और साफ‑साफ उपयोग करें, ताकि पीछे वाले ड्राइवर को आपकी दिशा समझ में आए। यदि आपको सड़क किनारे गाड़ी रोकनी हो, तो हैजर्ड लाइट ऑन कर दें, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों को आपकी गाड़ी दूर से दिख सके।
Q9. बाइक या स्कूटर चलाते समय कौन‑सी अतिरिक्त सावधानियाँ रखें?
A9. दोपहिया पर कोहरे में बिल्कुल भी तेज रफ्तार न रखें और हमेशा लो बीम या फॉग लाइट का उपयोग करें। रिफ्लेक्टिव जैकेट, हेलमेट पर रिफ्लेक्टिव स्टिकर और टेल लाइट को हमेशा ऑन रखना सुरक्षित रहने के लिए बहुत मददगार है।
Q10. पैदल चलने वालों को कोहरे में क्या ध्यान रखना चाहिए?
A10. पैदल चलते समय चमकीले या रिफ्लेक्टिव कपड़े पहनें और हमेशा सड़क के किनारे या फुटपाथ का उपयोग करें। मोबाइल पर बात करते हुए या इयरफोन लगाकर सड़क पार करने से बचें, ताकि आसपास के वाहनों की आवाज साफ‑साफ सुनाई दे सके।
Q11. कब सफर टाल देना चाहिए?
A11. जब विजिबिलिटी इतनी कम हो जाए कि कुछ मीटर से ज्यादा दूरी तक सड़क दिखाई न दे, तो संभव हो तो यात्रा टाल देना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। ऐसी स्थिति में किसी सुरक्षित स्थान पर गाड़ी रोककर कोहरा कम होने का इंतजार करना बेहतर रहता है।
Q12. कार के काँच धुंधले हों तो क्या करें?
A12. विंडशील्ड और खिड़कियों पर जमी नमी हटाने के लिए वाइपर, डिफॉगर और कार के हीटर का सही इस्तेमाल करें। काँच साफ रहने से सड़क और अन्य वाहन ज्यादा स्पष्ट दिखते हैं और एक्सीडेंट की संभावना घटती है।
Q13. हाईवे पर कोहरे में ड्राइविंग के खास नियम क्या हैं?
A13. हाईवे पर लेन डिसिप्लिन बहुत जरूरी है, इसलिए अनावश्यक लेन बदलने और ओवरटेक से बचें। सड़क किनारे बनी सफेद या पीली रेखाओं को गाइड की तरह फॉलो करें और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित साइड पर ही रुकें।
Q14. कोहरे और ठंड से खुद को स्वास्थ्य की दृष्टि से कैसे बचाएँ?
A14. घने कोहरे और ठंड में बाहर निकलते समय गरम कपड़े, कैप, मफलर और दस्ताने अवश्य पहनें, खासकर सुबह‑शाम के समय। बच्चों, बुजुर्गों और हृदय या सांस की समस्या वाले लोगों को बिना जरूरत के कोहरे में बाहर जाने से बचाना चाहिए।
Q15. ड्राइविंग के दौरान अलर्ट कैसे रहें?
A15. कोहरे में ड्राइव करते समय मोबाइल फोन, तेज म्यूजिक या किसी भी तरह के डिस्ट्रैक्शन से दूरी बनाकर रखें। थकान महसूस हो तो थोड़ी देर के लिए गाड़ी रोककर आराम करें, क्योंकि सुस्ती भी हादसों की बड़ी वजह बन सकती है।




























