हरियाणा के रेवाड़ी से ताल्लुक रखने वाली उत्तर प्रदेश कैडर की IPS अधिकारी प्रीति यादव ने पुलिस सेवा में एक नई उपलब्धि हासिल की है। उन्हें गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में नोएडा जोन-1 की पुलिस उपायुक्त (DCP) नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ वह नोएडा जोन-1 की कमान संभालने वाली पहली महिला DCP बन गई हैं। वर्ष 2019 बैच की IPS अधिकारी प्रीति यादव ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2018 में ऑल इंडिया रैंक 466 हासिल की थी।
पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल से लेकर ASI तक की जिम्मेदारी निभाने वाले पिता से मिली प्रेरणा, पढ़ाई में शानदार प्रदर्शन और पुलिस सेवा का अनुभव उनके सफर के अहम पड़ाव रहे हैं। उनकी नई नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध से जुड़ी चुनौतियां महत्वपूर्ण हैं।
अब तक क्या पुष्टि हुई?
- नाम: IPS प्रीति यादव।
- कैडर: उत्तर प्रदेश, 2019 बैच।
- UPSC रैंक: सिविल सेवा परीक्षा 2018 में AIR 466।
- नई जिम्मेदारी: नोएडा जोन-1 की DCP।
- उपलब्धि: नोएडा जोन-1 की पहली महिला DCP।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल रहे और बाद में ASI बने।
कौन हैं IPS प्रीति यादव?
प्रीति यादव मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं। उनका जन्म 10 अप्रैल 1996 को हुआ था। उनके पिता मुकेश यादव चंडीगढ़ पुलिस में हेड कांस्टेबल रहे हैं और बाद में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) के पद तक पहुंचे। पुलिस विभाग से पिता का जुड़ाव उनके जीवन में महत्वपूर्ण प्रेरणा बना।
प्रीति ने अपनी पढ़ाई में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 12वीं की परीक्षा ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम से 96.2 प्रतिशत अंकों के साथ पास की। इसके बाद भूगोल विषय में BA ऑनर्स की पढ़ाई की और विश्वविद्यालय में टॉप करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया।
UPSC में 466वीं रैंक हासिल कर बनीं IPS
प्रीति यादव ने वर्ष 2018 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की और ऑल इंडिया रैंक 466 प्राप्त की। परिणाम अप्रैल 2019 में घोषित हुआ। इसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ और उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला। वह 2019 बैच की अधिकारी हैं।
उनके UPSC प्रयासों की संख्या को लेकर मीडिया रिपोर्टों में अंतर है। कुछ खबरों में उन्होंने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास करने की बात कही है। वहीं NDTV की विस्तृत रिपोर्ट में उनके एक प्रयास में मुख्य परीक्षा की कटऑफ से 21 अंक पीछे रह जाने और दूसरे प्रयास में चयनित होने का उल्लेख है। इसलिए उनके चयन को लेकर दूसरे प्रयास वाली जानकारी भी ध्यान में रखना जरूरी है।
सहारनपुर से शुरू हुआ पुलिस सेवा का सफर
IPS ट्रेनिंग पूरी करने के बाद प्रीति यादव की शुरुआती तैनाती सहारनपुर में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में हुई। यहां उन्हें फील्ड पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था और आम लोगों से जुड़े मामलों में काम करने का अनुभव मिला।
इसके बाद गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में उन्होंने महिला सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े विभागों में जिम्मेदारी संभाली। इन क्षेत्रों में काम करने का अनुभव उनकी नई भूमिका में उपयोगी हो सकता है, क्योंकि नोएडा में शहरी सुरक्षा के साथ-साथ डिजिटल अपराध और महिलाओं की सुरक्षा भी पुलिस के लिए अहम विषय हैं।
नोएडा जोन-1 की पहली महिला DCP बनने का अवसर
गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद प्रीति यादव को नोएडा जोन-1 की DCP नियुक्त किया गया। उनसे पहले इस पद की जिम्मेदारी IPS साद मियां खान संभाल रहे थे, जिनका तबादला आगरा पुलिस कमिश्नरेट में किया गया। नई नियुक्ति के साथ प्रीति यादव इस जोन की पहली महिला पुलिस उपायुक्त बन गई हैं।
नोएडा जोन-1 में DCP के तौर पर उनकी जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, पुलिस टीमों की निगरानी और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े कार्यों की होगी। यह नियुक्ति उनके पुलिस करियर का एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पड़ाव है।
पिता की वर्दी बनी प्रेरणा
प्रीति यादव के पिता ने पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल के रूप में अपना करियर शुरू किया था और बाद में ASI बने। NDTV को दिए गए एक साक्षात्कार में प्रीति ने बताया कि बचपन से पिता को पुलिस सेवा में जिम्मेदारी निभाते देखकर उनके मन में भी सिविल सेवा में जाने की इच्छा पैदा हुई। उन्होंने अपने पिता को अपनी प्रेरणा बताया।
उनके अनुसार, माता-पिता के सहयोग और अच्छे शिक्षकों के मार्गदर्शन ने भी उनके लक्ष्य तक पहुंचने में मदद की। यह उनके सफर का ऐसा पहलू है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रेरक हो सकता है।
युवाओं के लिए क्या है उनकी सफलता का संदेश?
प्रीति यादव की कहानी में शिक्षा, परिवार का सहयोग और सार्वजनिक सेवा के प्रति रुचि जैसे कई पहलू सामने आते हैं। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां और पुलिस सेवा में मिली नई जिम्मेदारी यह दिखाती हैं कि प्रतियोगी परीक्षा पास करना किसी बड़े करियर सफर की शुरुआत हो सकती है। इसके बाद वास्तविक चुनौती प्रशासनिक जिम्मेदारियों को निभाने और जनता के भरोसे पर खरा उतरने की होती है।
उनकी नियुक्ति को केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में ही नहीं, बल्कि पुलिस नेतृत्व में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के संदर्भ में भी देखा जा सकता है।
निष्कर्ष
IPS प्रीति यादव ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2018 में 466वीं रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा में जगह बनाई थी। सहारनपुर में ASP के रूप में शुरुआत करने के बाद उन्होंने गौतमबुद्ध नगर में महिला सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े विभागों में काम किया। अब नोएडा जोन-1 की पहली महिला DCP के रूप में उन्हें नई जिम्मेदारी मिली है। उनका सफर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रेरणा है, वहीं उनकी नई भूमिका में कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा से जुड़ी अपेक्षाएं भी महत्वपूर्ण रहेंगी।
नोट: यह लेख 1 नवंबर 2026 तक प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। UPSC के प्रयासों की संख्या पर रिपोर्टों में अंतर होने के कारण लेख में दोनों विवरणों का उल्लेख किया गया है।





























