केंद्र सरकार ने 4 नवंबर 2026 को कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी देकर ऊर्जा, खनिज प्रसंस्करण, न्याय व्यवस्था और सांख्यिकी क्षेत्र में बड़े बदलावों की दिशा में कदम उठाया है। कैबिनेट की मंजूरी में ₹14,500 करोड़ की ऊर्जा भंडारण योजना, ₹2,814 करोड़ की क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग योजना और फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स को मजबूत करने के लिए ₹3,788 करोड़ का प्रावधान शामिल है। इसके अलावा देश की सांख्यिकी प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए भी ₹4,371 करोड़ की योजना को मंजूरी मिली है। अग्निवीरों के सेवा विस्तार की घोषणा भी इसी दिन चर्चा में रही।
कैबिनेट के बड़े फैसले 2026: ऊर्जा से लेकर न्याय व्यवस्था तक अहम बदलाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। इन फैसलों का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू प्रसंस्करण को बढ़ावा देना, महिलाओं और बच्चों से जुड़े गंभीर मामलों में न्याय प्रक्रिया तेज करना तथा सरकारी आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार करना है।
इन योजनाओं में कई वर्षों तक वित्तीय सहायता दिए जाने का प्रस्ताव है। इससे संबंधित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और कार्यप्रणाली को मजबूत करने की उम्मीद है।
1. ₹14,500 करोड़ की ऊर्जा भंडारण योजना मंजूर
केंद्र सरकार ने ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित करने के लिए ₹14,500 करोड़ की Viability Gap Funding (VGF) योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत देश में लगभग 92 GWh नई ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने को प्रोत्साहन मिलेगा।
ऊर्जा भंडारण प्रणाली में बिजली को बड़े स्तर पर संग्रहित करके जरूरत के समय उपयोग किया जा सकता है। इससे सौर और पवन ऊर्जा जैसी नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन में होने वाले उतार-चढ़ाव को संभालने में मदद मिल सकती है।
ऊर्जा योजना से क्या लाभ होंगे?
- देश में बड़े स्तर पर बिजली भंडारण क्षमता विकसित करने को प्रोत्साहन।
- नवीकरणीय ऊर्जा को बिजली ग्रिड में बेहतर तरीके से शामिल करने में मदद।
- बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बेहतर करने की संभावना।
- ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा।
2. क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग के लिए ₹2,814 करोड़ की योजना
कैबिनेट ने भारत में क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग क्षमता को बढ़ावा देने के लिए ₹2,814 करोड़ की पूंजीगत सहायता योजना को मंजूरी दी है। यह योजना पांच साल की अवधि यानी वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू की जाएगी।
इस योजना का उद्देश्य देश में महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण से जुड़ी घरेलू क्षमता को मजबूत करना और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम करना है। लिथियम और निकेल जैसे खनिज इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई आधुनिक तकनीकों के लिए अहम माने जाते हैं।
हालांकि, योजना के पात्र लाभार्थियों, सहायता की विस्तृत शर्तों और आवेदन प्रक्रिया को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देशों की जानकारी सामने आना आवश्यक है।
3. फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स के लिए ₹3,788 करोड़ मंजूर
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई तेज करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स (FTSCs) योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए ₹3,788 करोड़ का वित्तीय प्रावधान किया गया है।
इस योजना के अंतर्गत 850 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स को जारी रखने और मजबूत करने का लक्ष्य है। इनमें बलात्कार के मामलों और बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO) से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें शामिल हैं।
फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का उद्देश्य
- बलात्कार और POCSO से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी लाना।
- लंबित मामलों को कम करने में मदद करना।
- पीड़ितों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने के प्रयास को मजबूत करना।
- विशेष अदालतों के संचालन के लिए वित्तीय सहायता जारी रखना।
यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रहेगी।
4. सांख्यिकी प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए ₹4,371 करोड़
सरकार ने देश की सांख्यिकी प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए ₹4,371 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी आंकड़ों के संग्रह, विश्लेषण और शोध व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
इस योजना का नाम ‘Viksit Bharat Initiative for Statistical Transformation, Analytics & Research (VISTAR)’ बताया गया है। इसे वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू करने की मंजूरी दी गई है।
बेहतर सांख्यिकी व्यवस्था से सरकारी योजनाओं की योजना बनाने, आर्थिक और सामाजिक आंकड़ों का विश्लेषण करने तथा नीति निर्माण में सहायता मिलने की उम्मीद है। योजना के विस्तृत क्रियान्वयन और विभिन्न घटकों की जानकारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार सामने आएगी।
5. अग्निवीरों के सेवा कार्यकाल में दो साल का विस्तार
4 नवंबर 2026 को अग्निवीरों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा सामने आई। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने अग्निवीरों की सेवा अवधि में दो साल के अतिरिक्त विस्तार की जानकारी दी। इसके तहत मूल चार साल की सेवा पूरी करने वाले शेष अग्निवीरों को छह साल तक सेवा करने का अवसर मिल सकता है।
अतिरिक्त सेवा के बाद नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने का अवसर भी चयन प्रक्रिया और निर्धारित मानदंडों के आधार पर दिया जा सकता है। हालांकि, यह घोषणा CDS की ओर से की गई है। इसे कैबिनेट द्वारा मंजूर फैसलों से अलग समझना जरूरी है।
अग्निवीरों के लिए प्रमुख बातें
- मूल सेवा अवधि: चार साल।
- प्रस्तावित अतिरिक्त सेवा: दो साल।
- संभावित कुल कार्यकाल: छह साल।
- नियमित सैनिक बनने का अवसर: चयन और निर्धारित पात्रता के आधार पर।
सेवा विस्तार की विस्तृत शर्तों के लिए संबंधित सशस्त्र बलों के आधिकारिक आदेशों को देखना आवश्यक है।
इन फैसलों का आम लोगों और देश पर क्या असर होगा?
ऊर्जा भंडारण योजना से बिजली ग्रिड को बेहतर बनाने और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग योजना घरेलू उद्योगों और खनिज आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स को जारी रखने से गंभीर यौन अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई तेज करने का प्रयास होगा। वहीं, सांख्यिकी आधुनिकीकरण योजना से सरकारी आंकड़ों के संग्रह और विश्लेषण में सुधार की उम्मीद है।
अग्निवीरों के सेवा विस्तार की घोषणा से सैन्य सेवा में युवाओं को अतिरिक्त समय और अनुभव हासिल करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, प्रत्येक योजना का वास्तविक लाभ उसके क्रियान्वयन और निर्धारित नियमों पर निर्भर करेगा।
कैबिनेट के बड़े फैसले 2026 FAQs
4 नवंबर 2026 को कैबिनेट ने कौन-कौन सी योजनाएं मंजूर कीं?
ऊर्जा भंडारण, क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स और सांख्यिकी प्रणाली के आधुनिकीकरण से जुड़ी योजनाओं को मंजूरी दी गई।
ऊर्जा भंडारण योजना के लिए कितनी राशि मंजूर हुई?
ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए ₹14,500 करोड़ की VGF योजना मंजूर की गई है। इसका लक्ष्य 92 GWh क्षमता विकसित करना है।
क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग योजना का बजट कितना है?
इस योजना के लिए ₹2,814 करोड़ की पूंजीगत सहायता मंजूर की गई है। इसे वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू किया जाएगा।
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स योजना कितने साल जारी रहेगी?
योजना को पांच साल यानी वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए ₹3,788 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
VISTAR योजना क्या है?
VISTAR यानी Viksit Bharat Initiative for Statistical Transformation, Analytics & Research देश की सांख्यिकी प्रणाली को आधुनिक बनाने की योजना है। इसके लिए ₹4,371 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
क्या अग्निवीरों की सेवा अवधि छह साल हो गई है?
CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने दो साल के अतिरिक्त सेवा विस्तार की घोषणा की है। विस्तृत पात्रता और कार्यान्वयन के लिए संबंधित आधिकारिक आदेशों की पुष्टि जरूरी है।


























