दिवाली 2026 का त्योहार नवंबर में रोशनी, पूजा और खुशियों का संदेश लेकर आ रहा है। इस साल धनतेरस 6 नवंबर, छोटी दिवाली और लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर तथा भाई दूज 11 नवंबर को मनाई जाएगी। गोवर्धन पूजा की तारीख को लेकर पंचांग और सरकारी अवकाश कैलेंडर में अंतर दिखाई दे रहा है। दिल्ली के द्रिक पंचांग में यह पर्व 10 नवंबर को है, जबकि कुछ सरकारी कैलेंडर में 9 नवंबर दर्ज है।
दिवाली को परंपरागत रूप से पांच दिवसीय दीपोत्सव कहा जाता है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है और समापन भाई दूज पर होता है। हालांकि, 2026 में तिथियों के संयोग के कारण सभी प्रमुख पर्व लगातार पांच दिनों में नहीं पड़ रहे हैं। आइए जानते हैं धनतेरस से भाई दूज तक दिवाली कैलेंडर 2026 की तारीखें और हर पर्व का महत्व।
दिवाली कैलेंडर 2026: पांच प्रमुख पर्वों की तारीखें
| पर्व | तारीख | दिन |
|---|---|---|
| धनतेरस | 6 नवंबर 2026 | शुक्रवार |
| छोटी दिवाली / नरक चतुर्दशी | 8 नवंबर 2026 | रविवार |
| दिवाली / लक्ष्मी पूजा | 8 नवंबर 2026 | रविवार |
| गोवर्धन पूजा | 10 नवंबर 2026* | मंगलवार |
| भाई दूज | 11 नवंबर 2026 | बुधवार |
*गोवर्धन पूजा की तारीख में अंतर: दिल्ली के द्रिक पंचांग में गोवर्धन पूजा 10 नवंबर बताई गई है, जबकि कुछ सरकारी अवकाश कैलेंडर में 9 नवंबर दर्ज है। अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग और मंदिर की परंपरा के अनुसार तारीख की पुष्टि करें।
धनतेरस 2026 कब है?
धनतेरस का पर्व 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। परंपरा के अनुसार, लोग इस अवसर पर सोना, चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करते हैं।
धनतेरस को स्वास्थ्य, समृद्धि और सुख-शांति की कामना से जुड़ा पर्व माना जाता है। कई परिवार इस दिन घरों में दीपक जलाकर दीपोत्सव की शुरुआत करते हैं।
छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी 8 नवंबर को
2026 में छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी 8 नवंबर, रविवार को पड़ रही है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर का वध किए जाने की कथा का स्मरण किया जाता है। परंपरा के अनुसार, सुबह अभ्यंग स्नान और शाम को दीपदान का महत्व है।
इस साल नरक चतुर्दशी और मुख्य दिवाली एक ही तारीख को पड़ रही हैं। तिथियों के संयोग के कारण दोनों पर्वों का आयोजन 8 नवंबर को होगा। वहीं, 7 नवंबर को काली चौदस की तिथि बताई गई है। इसलिए छोटी दिवाली की पूजा और स्नान की स्थानीय परंपरा के लिए अपने शहर का पंचांग देखना उपयोगी होगा।
दिवाली 2026 और लक्ष्मी पूजा कब होगी?
इस वर्ष दिवाली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। कार्तिक अमावस्या की शाम को घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाए जाते हैं। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। मान्यता है कि लक्ष्मी पूजा से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
लक्ष्मी पूजा के लिए प्रदोष काल का विशेष महत्व माना जाता है। दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग के अनुसार पूजा का मुहूर्त लगभग शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक बताया गया है। यह समय स्थान के अनुसार बदल सकता है, इसलिए प्रयागराज, पटना, लखनऊ या अन्य शहरों के श्रद्धालु अपने स्थानीय पंचांग से मुहूर्त जरूर जांचें।
गोवर्धन पूजा 2026: 9 या 10 नवंबर?
गोवर्धन पूजा की तारीख को लेकर इस साल अलग-अलग कैलेंडर में अंतर है। दिल्ली के द्रिक पंचांग में गोवर्धन पूजा 10 नवंबर, मंगलवार को दी गई है, जबकि UIDAI और कुछ सरकारी अवकाश सूचियों में यह 9 नवंबर, सोमवार दर्ज है।
गोवर्धन पूजा भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा करने की कथा से जुड़ी है। इस दिन गोवर्धन पर्वत और भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है। कई स्थानों पर अन्नकूट का आयोजन होता है, जिसमें तरह-तरह के पकवान भगवान को अर्पित किए जाते हैं।
इस पर्व की तारीख तय करने के लिए स्थानीय पंचांग और क्षेत्रीय परंपरा को महत्व दें। UIDAI का 2026 कैलेंडर और द्रिक पंचांग दोनों में तारीखें देखी जा सकती हैं।
भाई दूज 2026 कब मनाई जाएगी?
भाई दूज का पर्व 11 नवंबर 2026, बुधवार को मनाया जाएगा। इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। भाई भी बहनों को उपहार देते हैं और उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं।
भाई दूज के साथ ही दिवाली के प्रमुख पांच पर्वों का समापन माना जाता है। यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने का संदेश देता है।
2026 में दिवाली का उत्सव लगातार पांच दिन क्यों नहीं?
आमतौर पर दिवाली के पांच प्रमुख पर्व पांच लगातार दिनों में मनाए जाते हैं। लेकिन हिंदू पंचांग चंद्र तिथियों पर आधारित होता है। तिथि का आरंभ और समापन अंग्रेजी कैलेंडर की आधी रात से तय नहीं होता, बल्कि उसकी गणना सूर्योदय, सूर्यास्त और पूजा के निर्धारित समय के आधार पर की जाती है।
2026 में नरक चतुर्दशी और अमावस्या के पर्व एक ही तारीख यानी 8 नवंबर को पड़ रहे हैं। इसी कारण दिवाली के प्रमुख आयोजन 6 नवंबर से 11 नवंबर के बीच फैले हैं और बीच में एक दिन का अंतर भी है। गोवर्धन पूजा की तारीख में पंचांगों के बीच अंतर भी इसी साल के कैलेंडर को समझना थोड़ा जरूरी बनाता है।
निष्कर्ष
दिवाली 2026 का प्रमुख उत्सव 6 नवंबर को धनतेरस से शुरू होगा। 8 नवंबर को नरक चतुर्दशी और लक्ष्मी पूजा का संयोग रहेगा। इसके बाद गोवर्धन पूजा और 11 नवंबर को भाई दूज मनाई जाएगी। हालांकि, गोवर्धन पूजा की तारीख में पंचांगों के अनुसार अंतर है, इसलिए पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजन से पहले स्थानीय पंचांग की जानकारी जरूर लें।
संदर्भ स्रोत:
नोट: त्योहारों की तिथियां और पूजा मुहूर्त स्थान तथा स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकते हैं। ऊपर दिए गए समय दिल्ली के संदर्भ में हैं, जहां समय का उल्लेख किया गया है।





























