सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को लगेगा: समय, दृश्यता और खास बातें |
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सूर्यग्रहण का राशियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव? जानें ज्योतिषीय उपाय
21 सितंबर 2025 को यह साल का अंतिम सूर्य ग्रहण (partial solar eclipse) रात 10:59 बजे प्रारंभ होकर 22 सितंबर की तड़के 3:23 बजे तक रहेगा।
ज्योतिष अनुसार यह सूर्य ग्रहण कन्या (Virgo) राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा।
यह ग्रहण भारत, दक्षिण एशिया में प्रत्यक्ष रूप से नहीं दिखेगा, लेकिन इसका ज्योतिषीय और खगोलीय प्रभाव महसूस किया जाएगा।
सूर्य, चंद्रमा एवं बुध कन्या में, शनि मीन में, मंगल तुला में और गुरु मिथुन में रहेंगे। राशियों के ऊपर ये ग्रही स्थिति महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण के समय सूतक मान्य नहीं होगा, लेकिन मंत्र-जाप या शुभ कर्म वर्जित रखने की सलाह दी जाती है।
राशियों पर सूर्य ग्रहण का प्रभाव
इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव मुख्य रूप से कन्या (Virgo) राशि पर रहेगा, लेकिन अन्य कई राशियों को भी शुभ/अशुभ परिणाम दिख सकते हैं।
– वृषभ (Taurus)
खुशी और लाभ का समय। जोखिम भरे कामों में सफलता मिल सकती है। अधूरी योजनाएं पूरी होंगी।
– सिंह (Leo)
आर्थिक बढ़ोतरी, नया बिजनेस या प्रॉपर्टी लाभ, सफलता के अवसर।
– तुला (Libra)
पारिवारिक समस्याओं का हल, भूमि-वाहन संबंधी फायदे, रिश्तों में मजबूती।
– कन्या (Virgo)
मानसिक उतार-चढ़ाव, स्वास्थ्य में अचानक बदलाव, तनाव या पुरानी समस्याओं से रहत के योग।
– मीन (Pisces)
कार्यस्थल पर बदलाव, रिश्तों में सुधार, नये अवसर।
– अन्य राशियाँ
मिथुन, मेष, कर्क, वृश्चिक, धनु, कुंभ, आदि को मिलाजुला असर दिख सकता है, किसी पुरानी दुविधा का समाधान या नई शुरुआत की संभावना। कुछ को तनाव, संबंध या स्वास्थ्य में सावधानी की ज़रूरत है।
सूर्य ग्रहण के दौरान ज्योतिषीय उपाय
सूर्यग्रहण का वक्त ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से संवेदनशील माना गया है। नकारात्मक प्रभाव कम करने के लिए अपनाएँ ये उपाय:
ग्रहण के समय सूर्य मंत्र, आदित्य हृदय स्तोत्र, या सूर्य चालीसा पढ़ें।
पीले वस्त्र पहनें, सूर्य को जल चढ़ाएँ।
दान करें—गेहूं, गुड़, तांबा, पीतल या धन का दान शुभफलकारी।
गरीब, पशु-पक्षियों को भोजन व जल कराएँ।
ग्रहण के दौरान भोजन-जल का सेवन टालें।
तुलसी या गंगाजल का छिड़काव घर में करें।
ग्रहण के अंत के बाद स्नान कर, साफ वस्त्र पहनें और परिवार सहित पूजा करें।
गर्भवती महिलाएँ, छोटे बच्चे व रोगियों को विशेष सतर्कता रखें।
ज्योतिषियों की सलाह, क्या न करें?
नए काम, रिश्तों की शुरुआत या निवेश से बचें।
कोर्ट-कचेहरी, ना-उम्मीद विषयों में फैसला न लें।
ग्रहण के समय अनावश्यक यात्रा या विदेश जाना टालें।
तनाव, अवसाद या पुरानी बीमारियों के लिए स्वास्थ्य चेकअप करवाएं।
निष्कर्ष: 21 सितंबर का सूर्य ग्रहण ज्योतिष, विज्ञान और धार्मिक दृष्टि से एक महत्त्वपूर्ण घटना है। कन्या समेत कई राशियों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है। उचित उपाय, सतर्कता और आध्यात्मिक साधना से शुभ परिणाम मिल सकते हैं। ग्रहण को अवसर माने, अपने जीवन में नये बदलाव व सकारात्मकता लाएँ।
Disclaimer: यह लेख ज्योतिषीय शास्त्र, पौराणिक मान्यताओं और सार्वजनिक-पत्र स्रोतों से संकलित है। सूर्य ग्रहण का प्रभाव व्यक्तिगत कुंडली, द्रष्टि और परिस्थितियों पर निर्भर करता है। सूतक नियम स्थानीय मान्यताओं व वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार बदल सकते हैं।
आग्रह और आपके अमूल्य सुझाव
क्या आपके जीवन या राशि पर ग्रहण का कभी असर पड़ा है? क्या आप इस बार के सूर्य ग्रहण को लेकर कोई विशेष उपाय अपनाने वाले हैं? अपने विचार और ज्योतिषीय प्रश्न नीचे कमेंट में साझा करें!
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