New Hyundai Creta Hybrid: टेस्टिंग में दिखी नई SUV, 25+ kmpl माइलेज का दावा
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में जब भी किसी मध्यमवर्गीय परिवार की पहली प्रीमियम पसंद की बात आती है, तो हुंडई क्रेटा का नाम सबसे ऊपर उभरकर आता है। लेकिन जैसे-जैसे पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं और सख्त पर्यावरण नियमों के चलते डीजल इंजनों का भविष्य अनिश्चित दिख रहा है, ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक बड़े इंजन बदलाव की आहट सुनाई देने लगी है। दक्षिण कोरियाई ऑटोमोबाइल दिग्गज हुंडई की सबसे ज्यादा बिकने वाली मिड-साइज एसयूवी अब अपने सबसे बड़े ऐतिहासिक बदलाव के दौर में प्रवेश कर चुकी है। हाल ही में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सड़कों पर नई क्रेटा हाइब्रिड (New Hyundai Creta Hybrid) को भारी कैमोफ्लाज (कवर) के साथ टेस्टिंग करते हुए कैमरे में कैद किया गया है।
यह साधारण फेसलिफ्ट नहीं, बल्कि कंपनी की तीसरी पीढ़ी की अगली जनरेशन क्रेटा का हिस्सा बताई जा रही है, जिसमें सेल्फ-चार्जिंग स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड (Strong Hybrid) पावरट्रेन लगाया गया है। 25 किलोमीटर प्रति लीटर से ज्यादा के ईंधन माइलेज का दावा करने वाली यह नई एसयूवी सीधे तौर पर मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा (Grand Vitara) और टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर (Hyryder) के हाइब्रिड एकाधिकार को सीधी चुनौती देने की तैयारी में है। 2027 की पहली छमाही में भारतीय सड़कों पर उतरने की संभावना के साथ, यह खबर उन लाखों कार खरीदारों के लिए सबसे बड़ी राहत साबित हो सकती है जो इलेक्ट्रिक कार की रेंज की चिंता (Range Anxiety) के बिना डीजल जैसा भारी माइलेज और पेट्रोल जैसी स्मूथ ड्राइव चाहते हैं।
प्रमुख बिंदु (Key Highlights)
स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड तकनीक का आगाज: नई पीढ़ी की क्रेटा में टोयोटा-मारुति की तरह सेल्फ-चार्जिंग पेट्रोल-इलेक्ट्रिक स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम देखने को मिलेगा।
25+ kmpl का बेजोड़ माइलेज दावा: आंतरिक परीक्षण डेटा और ऑटोमोटिव सूत्रों के मुताबिक, यह हाइब्रिड सेटअप शहर और हाईवे दोनों में 25 से 27 किमी प्रति लीटर का माइलेज देने में सक्षम होगा।
डीजल इंजन का बेहतरीन विकल्प: भविष्य में लागू होने वाले सख्त कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी (CAFE III) मानकों के मद्देनजर यह हाइब्रिड मॉडल कंपनी के लोकप्रिय 1.5-लीटर CRDi डीजल इंजन की जगह या उसके समानांतर उतारा जाएगा।
टेस्टिंग म्यूल में दिखे नए डिजाइन एलिमेंट्स: स्पाई तस्वीरों से पुष्टि होती है कि इसमें बिल्कुल नया फ्रंट ग्रिल, कनेक्टेड एलईडी बार, नए डिजाइन के एयरोडायनामिक अलॉय व्हील्स और बड़ा केबिन लेआउट मिलेगा।
लॉन्च टाइमलाइन: उद्योग सूत्रों और सप्लाई-चेन रिपोर्टों के अनुसार, भारत में इस एसयूवी का आधिकारिक डेब्यू 2027 की पहली छमाही (जनवरी–जून 2027) में होने की प्रबल संभावना है।
लेवल-2+ ADAS और आधुनिक केबिन: इसमें डुअल 12.3-इंच कर्व्ड पैनोरमिक डिस्प्ले, 360-डिग्री कैमरा, वेंटिलेटेड सीट्स और उन्नत ऑटोनॉमस ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) मिलेगा।
इलेक्ट्रिक ड्राइव मोड (Pure EV Mode): ट्रैफिक में कम गति पर यह गाड़ी बिना पेट्रोल जलाए केवल बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर की मदद से पूरी तरह साइलेंट चलेगी।
ताजा अपडेट: सड़कों पर दिखी ‘कोडनेम Ni1i’ टेस्ट कार
ऑटोमोटिव जासूसों (Spy Photographers) ने चेन्नई के पास हुंडई के श्रीपेरंबुदूर विनिर्माण संयंत्र के निकट एक भारी रूप से ढकी हुई एसयूवी को टेस्ट रन के दौरान स्पॉट किया। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, कंपनी इस नए प्रोजेक्ट पर कोडनेम ‘Ni1i’ के तहत काम कर रही है।
कैमोफ्लाज के बावजूद इस टेस्ट कार के पिछले पहियों के पास रीजेनरेटिव ब्रेकिंग से जुड़े सेंसर, अंडरबॉडी में बैटरी पैक का प्रोटेक्टिव केसिंग और साइलेंट स्टार्ट के संकेत मिले हैं। जब गाड़ी ट्रैफिक सिग्नल से आगे बढ़ी, तो शुरुआती 20 से 30 मीटर तक इंजन की कोई आवाज नहीं आई, जो इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि गाड़ी शुद्ध ईवी (Pure EV) मोड में शुरू होकर आगे बढ़ी।
बैकग्राउंड स्टोरी: आखिर हुंडई को हाइब्रिड का रुख क्यों करना पड़ा?
हुंडई इंडिया ने लंबे समय तक भारतीय बाजार में दोतरफा रणनीति अपनाई—एक तरफ पेट्रोल और डीजल इंजन, और दूसरी तरफ कोना व आयोनिक-5 जैसी शुद्ध इलेक्ट्रिक कारें (Pure EVs)। हालांकि, 2024 से 2026 के बीच भारतीय बाजार की हकीकत ने पूरे ऑटो जगत को चौंका दिया।
मारुति सुजुकी और टोयोटा ने अपनी ग्रैंड विटारा और हाइराइडर के मजबूत हाइब्रिड वेरिएंट्स के दम पर बाजार का एक बड़ा हिस्सा अपने नाम कर लिया। भारतीय खरीदार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और महंगी बैटरी रिप्लेसमेंट की चिंताओं के कारण पूरी तरह इलेक्ट्रिक पर जाने के बजाय हाइब्रिड को तरजीह देने लगे। हाइब्रिड गाड़ियों में न तो चार्जिंग के लिए प्लग ढूंढने का झंझट होता है और न ही लंबी यात्राओं में बीच रास्ते में रुकने का डर।
इसके अतिरिक्त, भारत सरकार के पर्यावरण नियम (BS6 Phase-2 और आगामी CAFE III नियम) छोटे और मध्यम डीजल इंजनों के निर्माण को अत्यधिक खर्चीला बना रहे हैं। ऐसे में हुंडई के पास अपने मिड-साइज एसयूवी ताज को बचाए रखने के लिए नई क्रेटा हाइब्रिड को विकसित करने के अलावा कोई दूसरा व्यावहारिक रास्ता नहीं बचा था।
रोचक तथ्य: हुंडई क्रेटा ने 2015 में भारत में लॉन्च होने के बाद से अब तक 11 लाख से अधिक यूनिट्स की घरेलू बिक्री का आंकड़ा पार किया है। भारतीय एसयूवी बाजार में बिकने वाली हर तीसरी मिड-साइज एसयूवी क्रेटा ही होती है।
क्या हुआ खास? कैसा होगा नया हाइब्रिड पावरट्रेन (Technical Breakdown)
हुंडई की वैश्विक इंजीनियरिंग टीम ने इस नई हाइब्रिड प्रणाली को विशेष रूप से उभरते एशियाई बाजारों की कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया है।
1. इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर का तालमेल
मिली जानकारियों के अनुसार, नई क्रेटा हाइब्रिड में 1.5-लीटर 4-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड एटकिंसन-साइकिल पेट्रोल इंजन के साथ एक हाई-आउटपुट परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर (PMSM) जोड़ी जाएगी।
कंबाइंड पावर आउटपुट: लगभग 140 से 145 हॉर्सपावर (hp) और 250 Nm से अधिक का संयुक्त पीक टॉर्क।
बैटरी क्षमता: लगभग 1.5 kWh से 1.8 kWh क्षमता का लिथियम-आयन बैटरी पैक, जिसे रियर फ्लोर या पिछली सीटों के नीचे कुशलतापूर्वक लगाया जाएगा ताकि 433 लीटर का बूट स्पेस प्रभावित न हो।
ट्रांसमिशन: इसमें पारंपरिक सीवीटी के बजाय अधिक रिफाइंड और रिस्पॉन्सिव ई-सीवीटी (e-CVT) या विशेष रूप से ट्यून्ड 6-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक हाइब्रिड ट्रांसमिशन दिए जाने की चर्चा है।
2. तीन ड्राइविंग मोड्स का जादू
EV मोड (शुद्ध इलेक्ट्रिक): बंपर-टू-बंपर ट्रैफिक या 40 किमी/घंटा से कम रफ्तार पर पेट्रोल इंजन पूरी तरह बंद रहेगा। कार केवल बैटरी पावर पर चलेगी, जिससे शून्य प्रदूषण और शून्य ईंधन खपत होगी।
हाइब्रिड मोड (संतुलित प्रदर्शन): सामान्य ड्राइविंग और मध्यम गति पर पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर मिलकर काम करेंगे। जब भी आप एक्सीलरेटर दबाएंगे, मोटर तत्काल टॉर्क प्रदान करेगी।
इंजन मोड व रीजेनरेशन: हाईवे पर तेज गति में मुख्य रूप से पेट्रोल इंजन काम करेगा और साथ ही बैटरी को चार्ज करता रहेगा। ब्रेक लगाने पर उत्पन्न ऊर्जा बैटरी में वापस स्टोर होगी (Regenerative Braking)।
उद्योग विशेषज्ञों का विश्लेषण (Automotive Expert View)
देश के वरिष्ठ ऑटोमोटिव पत्रकारों और मोबिलिटी रिसर्च एनालिस्ट्स का मानना है कि हुंडई का यह दांव सीधे तौर पर भारतीय कार बाजार के भविष्य को पुनर्परिभाषित करेगा।
एक्सपर्ट व्यू: ऑटोमोटिव रिसर्च विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे विकासशील बाजार में जहां 70% बिजली आज भी थर्मल पावर से बनती है और चार्जिंग नेटवर्क केवल बड़े एक्सप्रेसवे तक सीमित है, वहां स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड ही पर्यावरण और उपभोक्ता दोनों के लिए सबसे व्यावहारिक पुल (Bridge Technology) है। यदि हुंडई स्थानीय स्तर पर बैटरी और हाइब्रिड ट्रांसमिशन का निर्माण करके क्रेटा हाइब्रिड की कीमत मारुति-टोयोटा के मुकाबले आक्रामक रखती है, तो यह सेगमेंट में एकतरफा बढ़त बना सकती है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि क्रेटा का हाइब्रिड मॉडल आने के बाद किया सेल्टोस (Kia Seltos) में भी यही तकनीक बहुत तेजी से साझा की जाएगी, क्योंकि दोनों कंपनियां एक ही प्लेटफॉर्म आर्किटेक्चर का उपयोग करती हैं।
तुलना: क्रेटा हाइब्रिड बनाम मौजूदा प्रतिद्वंद्वी (Mobile Friendly Table)
ग्राहकों की समझ के लिए आगामी क्रेटा हाइब्रिड और बाजार में पहले से मौजूद प्रतिद्वंद्वी हाइब्रिड कारों के अनुमानित तकनीकी आंकड़ों का तुलनात्मक विवरण:
| पैमाना / फीचर्स | नई क्रेटा हाइब्रिड (अनुमानित) | मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा हाइब्रिड | टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर हाइब्रिड |
| इंजन क्षमता | 1.5-लीटर पेट्रोल + इलेक्ट्रिक मोटर | 1.5-लीटर 3-सिलेंडर + इलेक्ट्रिक मोटर | 1.5-लीटर 3-सिलेंडर + इलेक्ट्रिक मोटर |
| कंबाइंड पावर | ~140–145 bhp | 114 bhp | 114 bhp |
| अनुमानित माइलेज | 25.0 – 27.5 kmpl | 27.97 kmpl (ARAI) | 27.97 kmpl (ARAI) |
| ट्रांसमिशन | e-CVT / डेडिकेटेड हाइब्रिड AT | e-CVT | e-CVT |
| बैटरी पैक | ~1.6 kWh लिथियम-आयन | 1.77 kWh लिथियम-आयन | 1.77 kWh लिथियम-आयन |
| संभावित एक्स-शोरूम कीमत | ₹18.50 लाख – ₹23.00 लाख | ₹18.43 लाख – ₹20.09 लाख | ₹18.64 लाख – ₹20.19 लाख |
| लॉन्च समय-सीमा | 2027 की पहली छमाही (H1) | बाजार में पहले से उपलब्ध | बाजार में पहले से उपलब्ध |
महत्वपूर्ण नोट (Important Note): हाइब्रिड गाड़ियों पर केंद्र सरकार का जीएसटी (GST) स्लैब वर्तमान में 43% (28% GST + 15% सेस) है। उद्योग जगत लगातार इसे घटाकर 18% या 12% करने की मांग कर रहा है। यदि भविष्य में सरकार हाइब्रिड पर टैक्स कम करती है, तो इन गाड़ियों की ऑन-रोड कीमतें 2 से 3 लाख रुपये तक घट सकती हैं।
केबिन, फीचर्स और सुरक्षा के नए आयाम
नई पीढ़ी की क्रेटा हाइब्रिड में केवल इंजन ही नया नहीं होगा, बल्कि इसके इंटीरियर को भी भविष्य की तकनीक से लैस किया जाएगा:
सस्टेनेबल और लग्जरी इंटीरियर: केबिन में इको-फ्रेंडली लेदर, रीसाइकिल्ड फैब्रिक और प्रीमियम सॉफ्ट-टच मैटेरियल्स का उपयोग किया जाएगा।
सॉफ्टवेयर-डिफाइंड कार (SDV): नई इलेक्ट्रॉनिक आर्किटेक्चर के साथ यह कार ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट्स को सपोर्ट करेगी, जिससे समय-समय पर इंजन मैपिंग, नेविगेशन और इंफोटेनमेंट फीचर्स घर बैठे अपडेट हो सकेंगे।
नेक्स्ट-जेन ADAS (लेवल 2+): रडार और कैमरा आधारित सिस्टम में ब्लाइंड स्पॉट कोलिजन प्रिवेंशन, लेन कीप असिस्ट, अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल विद स्टॉप-एंड-गो और ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे 20 से अधिक आधुनिक सुरक्षा फीचर्स शामिल होंगे।
सुरक्षा मानक: भारत-एनसीएपी (Bharat NCAP) क्रैश टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग हासिल करने के लक्ष्य के साथ इसके बॉडी शैल में 75% से अधिक एडवांस हाई-स्ट्रेंथ स्टील (AHSS) का उपयोग किया जाएगा। 6 एयरबैग्स, हिल असिस्ट, ईएसपी और ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक्स मानक होंगे।
आम नागरिकों, दैनिक यात्रियों और परिवारों पर प्रभाव
एक सामान्य भारतीय कार मालिक के लिए क्रेटा हाइब्रिड का आगमन क्या मायने रखता है?
ईंधन खर्च में भारी कटौती: मान लीजिए कोई पेशेवर रोजाना 50 किलोमीटर की यात्रा दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु या मुंबई जैसे महानगरों में करता है। वर्तमान पेट्रोल क्रेटा (11-12 kmpl सिटी माइलेज) में मासिक पेट्रोल खर्च लगभग ₹12,000 से ₹14,000 आता है। नई क्रेटा हाइब्रिड में 25 kmpl माइलेज मिलने से यह खर्च घटकर लगभग ₹6,000 रह जाएगा—यानी सीधे 50% से अधिक की मासिक बचत!
डीजल बैन के डर से मुक्ति: दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध है और ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत सर्दियों में डीजल कारों के संचालन पर रोक लग जाती है। हाइब्रिड पेट्रोल होने के कारण इस गाड़ी पर ऐसा कोई प्रतिबंध लागू नहीं होगा और इसकी आरटीओ वैधता पूरे 15 साल रहेगी।
साइलेंट और वाइब्रेशन-फ्री सफर: इलेक्ट्रिक मोटर से चलने के कारण शहर के जाम में गाड़ी के अंदर शून्य कंपन (Zero NVH) रहता है, जिससे लंबे सफर के बाद भी मानसिक और शारीरिक थकान महसूस नहीं होती।
रीडर अलर्ट (Reader Alert): इंटरनेट पर कुछ असत्यापित दावों में इसे 2026 के मध्य में ही लॉन्च होने की बात कही जा रही है। वाहन विनिर्माता के आधिकारिक प्रोडक्शन चक्र और कंपोनेंट वेंडर्स के शेड्यूल के अनुसार, इसका व्यावसायिक उत्पादन 2026 के अंत में शुरू होगा और शोरूम डिलीवरी 2027 की शुरुआत से ही संभव होगी। किसी भी अनाधिकारिक डीलर के पास अभी एडवांस बुकिंग राशि जमा न करें।
भविष्य का प्रभाव: 2027 और उसके बाद का ऑटो परिदृश्य
क्रेटा हाइब्रिड का प्रवेश केवल एक मॉडल की सफलता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरे मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट के समीकरण बदल देगा:
डीजल इंजनों की विदाई में तेजी: हुंडई द्वारा हाइब्रिड को अपनाते ही अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियां जैसे टाटा मोटर्स, महिंद्रा और स्कोडा-फॉक्सवैगन पर भी हाइब्रिड तकनीक लाने का दबाव बढ़ेगा।
बैटरी रीसाइक्लिंग और लोकल मैन्युफैक्चरिंग: हुंडई इंडिया तमिलनाडु में अपनी मेगा सेल-पैकिंग और हाइब्रिड कंपोनेंट फैक्ट्री को तेजी से तैयार कर रही है। इससे देश में स्थानीय रोजगार और तकनीकी कौशल को जबर्दस्त बढ़ावा मिलेगा।
रीसेल वैल्यू में मजबूती: पेट्रोल कारों की तुलना में हाइब्रिड कारों की रीसेल वैल्यू यूज्ड कार मार्केट में कहीं अधिक स्थिर रहती है, क्योंकि भविष्य के खरीदार कम माइलेज वाली पुरानी पेट्रोल कारों से दूरी बना रहे हैं।
कार खरीदारों को क्या रणनीति अपनानी चाहिए? (Actionable Advice for Buyers)
यदि आप अगले 6 से 12 महीनों में एक नई एसयूवी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके सामने यह दुविधा हो सकती है कि क्या मौजूदा क्रेटा फेसलिफ्ट खरीदें या 2027 में आने वाली नई क्रेटा हाइब्रिड का इंतजार करें?
किन लोगों को अभी मौजूदा मॉडल ले लेना चाहिए?: यदि आपकी मौजूदा कार पुरानी हो चुकी है, आपकी मासिक रनिंग 800-1000 किलोमीटर से कम है और आपको तुरंत एक भरोसेमंद गाड़ी चाहिए, तो मौजूदा 1.5-लीटर पेट्रोल या टर्बो-पेट्रोल क्रेटा आज भी एक बेहतरीन विकल्प है।
किन लोगों को 2027 तक इंतजार करना चाहिए?: यदि आपकी दैनिक रनिंग 40 से 80 किलोमीटर के बीच है, आप अगले 10-15 सालों के लिए एक ‘फ्यूचर-प्रूफ’ कार चाहते हैं, आप दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रदूषण-संवेदनशील क्षेत्र में रहते हैं और आपका बजट ₹20 से ₹24 लाख के बीच है, तो आपके लिए क्रेटा हाइब्रिड का इंतजार करना 100% फायदेमंद सौदा साबित होगा।
निष्कर्ष
भारतीय ऑटोमोबाइल क्रांति अब ‘सिर्फ पावर’ से आगे बढ़कर ‘पावर और पर्यावरण’ के संतुलन की ओर बढ़ चुकी है। नई क्रेटा हाइब्रिड इसी नए युग का सबसे बड़ा चेहरा बनने जा रही है। टेस्टिंग म्यूल से छनकर आ रही जानकारियां यह साफ कर रही हैं कि हुंडई ने भारतीय ग्राहकों की सबसे दुखती रग—यानी माइलेज और लंबी उम्र—पर सटीक निशाना साधा है।
25+ kmpl का दावा, 15 साल की प्रदूषण-मुक्त आरटीओ उम्र, आधुनिक डिजाइन और क्रेटा का पुराना अटूट भरोसा—यह चौतरफा पैकेज 2027 में भारतीय सड़कों पर उतरते ही मिड-साइज एसयूवी बाजार में नए कीर्तिमान स्थापित करने का पूरा माद्दा रखता है। मारुति और टोयोटा के लिए यह एक कड़ा संदेश है कि हाइब्रिड का मैदान अब खाली नहीं रहने वाला।
आधिकारिक लॉन्च तिथियों, इंजन स्पेसिफिकेशन्स और डीलरशिप प्री-बुकिंग घोषणाओं के लिए हुंडई मोटर इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट (hyundai.com/in) और प्रमाणित ऑटो मीडिया पोर्टल्स पर नजर बनाए रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: नई क्रेटा हाइब्रिड भारत में कब लॉन्च होगी?
उत्तर: ऑटोमोबाइल उद्योग के सूत्रों और टेस्टिंग साइकिल के अनुसार, नई जनरेशन हुंडई क्रेटा हाइब्रिड को भारत में 2027 की पहली छमाही (जनवरी से जून 2027 के बीच) में आधिकारिक रूप से लॉन्च किए जाने की पूरी संभावना है।
Q2: क्रेटा हाइब्रिड का अनुमानित माइलेज कितना होगा?
उत्तर: इसमें उपयोग की जाने वाली 1.5-लीटर एटकिंसन-साइकिल पेट्रोल इंजन और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इलेक्ट्रिक मोटर के तालमेल से यह एसयूवी वास्तविक ड्राइविंग परिस्थितियों में 23 से 25 kmpl और एआरएआई (ARAI) परीक्षणों में 27 kmpl तक का माइलेज देने में सक्षम होगी।
Q3: क्या क्रेटा हाइब्रिड को घर पर चार्ज करने की आवश्यकता होगी?
उत्तर: नहीं। यह एक ‘सेल्फ-चार्जिंग स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड’ (HEV) कार होगी। इसमें लगी लिथियम-आयन बैटरी गाड़ी के चलने के दौरान पेट्रोल इंजन और रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग (ब्रेक लगाने से बनने वाली ऊर्जा) से अपने आप चार्ज होती रहती है। इसे किसी बाहरी प्लग या चार्जिंग स्टेशन से चार्ज नहीं करना पड़ता।
Q4: नई क्रेटा हाइब्रिड की संभावित कीमत क्या हो सकती है?
उत्तर: हाइब्रिड तकनीक और एडवांस बैटरी पैक के चलते इसकी एक्स-शोरूम कीमत मौजूदा टॉप-एंड पेट्रोल वेरिएंट्स से लगभग ₹1.5 लाख से ₹2.5 लाख अधिक हो सकती है। अनुमान के मुताबिक इसकी कीमत ₹18.50 लाख से शुरू होकर ₹23 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच रहने की उम्मीद है।
Q5: क्या हाइब्रिड आने के बाद डीजल क्रेटा बंद हो जाएगी?
उत्तर: शुरुआती चरण में हुंडई हाइब्रिड और डीजल दोनों विकल्पों को साथ रख सकती है। लेकिन 2027 के बाद कड़े होने वाले CAFE III और उत्सर्जन नियमों के चलते हाइब्रिड वेरिएंट धीरे-धीरे डीजल की जगह ले लेगा, क्योंकि हाइब्रिड में डीजल जैसा ही टॉर्क और उससे भी बेहतर माइलेज मिलता है।
Q6: क्या क्रेटा हाइब्रिड में शुद्ध इलेक्ट्रिक (EV Mode) में चलने की सुविधा होगी?
उत्तर: जी हां, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड होने के कारण इसमें एक डेडिकेटेड ‘EV Mode’ बटन मिलेगा। कम गति और भारी ट्रैफिक में यह एसयूवी बिना किसी पेट्रोल खपत और आवाज के केवल बैटरी पर 2 से 3 किलोमीटर तक लगातार चल सकेगी।
Q7: क्रेटा हाइब्रिड का सीधा मुकाबला किन गाड़ियों से होगा?
उत्तर: भारतीय बाजार में इसका सीधा मुकाबला मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड, टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर हाइब्रिड और आगामी होंडा एलिवेट हाइब्रिड से होगा।
Q8: क्या क्रेटा हाइब्रिड पर दिल्ली-एनसीआर का 10 साल वाला डीजल नियम लागू होगा?
उत्तर: नहीं। चूंकि यह मूल रूप से एक पेट्रोल-इलेक्ट्रिक हाइब्रिड वाहन है, इसलिए इस पर पेट्रोल वाहनों के नियम लागू होंगे। दिल्ली-एनसीआर में इसकी कानूनी पंजीकरण वैधता पूरे 15 साल की रहेगी।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह समाचार विश्लेषण ऑटोमोबाइल उद्योग के विश्वसनीय सूत्रों, पेटेंट लीक्स, सप्लायर-चेन रिपोर्टों और टेस्टिंग के दौरान खींची गई स्पाई तस्वीरों के तकनीकी मूल्यांकन पर आधारित है। वाहन के फीचर्स, तकनीकी आंकड़े, इंजन क्षमता, माइलेज और आधिकारिक लॉन्च की तारीख से संबंधित अंतिम और प्रामाणिक जानकारी हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India Ltd.) द्वारा आधिकारिक लॉन्च के समय ही घोषित की जाएगी।


























