दिल्ली-वाराणसी दूसरी स्लीपर वंदे भारत: प्रयागराज-कानपुर होकर चलेगी, 823 यात्री कर सकेंगे सफर
दिल्ली और वाराणसी के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे एक नई स्लीपर वंदे भारत ट्रेन शुरू करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित ट्रेन रात में चलेगी और नई दिल्ली को वाराणसी से जोड़ेगी। इसके रूट में प्रयागराज और कानपुर सेंट्रल को भी शामिल किए जाने की योजना है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक रेलवे इसे दिवाली के आसपास शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है, जबकि ट्रायल इसी महीने शुरू होने की संभावना बताई गई है।
यह सेवा शुरू होने पर दिल्ली, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी के बीच लंबी दूरी की रात की यात्रा के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध होगा। खास बात यह है कि इसमें यात्रियों को बैठने के बजाय सोने के लिए बर्थ वाली स्लीपर व्यवस्था मिलेगी।
हालांकि, यात्रियों को अभी टिकट बुकिंग या किराये को लेकर इंतजार करना होगा। रेलवे बोर्ड की ओर से ट्रेन नंबर, किराया और नियमित संचालन की अंतिम तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
16 कोच में 823 यात्रियों की क्षमता
प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे और करीब 823 यात्री सफर कर सकेंगे। इस ट्रेन की कोच संरचना में:
- 11 एसी थ्री-टियर कोच
- 4 एसी टू-टियर कोच
- 1 एसी फर्स्ट क्लास कोच
शामिल होंगे। यही 16-कोच और 823 यात्री वाली संरचना भारतीय रेलवे की स्लीपर वंदे भारत ट्रेनसेट के आधिकारिक विवरण में भी दी गई है।
स्लीपर वंदे भारत को खास तौर पर लंबी दूरी और रात की यात्रा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें आरामदायक बर्थ, बेहतर सस्पेंशन, आधुनिक इंटीरियर और यात्रियों की सुविधा से जुड़े कई फीचर शामिल हैं।
प्रस्तावित रूट में ये स्टेशन शामिल
ताजा रिपोर्टों के अनुसार प्रस्तावित रूट नई दिल्ली–वाराणसी होगा और ट्रेन बीच में कानपुर सेंट्रल तथा प्रयागराज से होकर गुजरेगी। इससे उत्तर प्रदेश के इन प्रमुख शहरों के यात्रियों को भी रात में दिल्ली और वाराणसी के बीच तेज कनेक्टिविटी का विकल्प मिल सकता है।
रिपोर्ट किए गए प्रस्तावित टाइमिंग के अनुसार वाराणसी कैंट से ट्रेन रात करीब 9:20 बजे रवाना होकर लगभग 10:45 बजे प्रयागराज और 12:35 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंच सकती है। इसके बाद सुबह करीब 5 बजे नई दिल्ली पहुंचने का प्रस्ताव है।
वापसी दिशा में नई दिल्ली से रात करीब 9:20 बजे रवाना होकर ट्रेन सुबह करीब 5 बजे वाराणसी पहुंचने का प्रस्ताव बताया गया है।
ध्यान दें: ये प्रस्तावित टाइमिंग हैं, अंतिम टाइम टेबल नहीं। ट्रायल, परिचालन मंजूरी और रेलवे बोर्ड के अंतिम निर्णय के बाद इनमें बदलाव हो सकता है।
130 से 160 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार
प्रस्तावित ट्रेन के संचालन में ट्रैक की स्थिति और मिशन रफ्तार से जुड़े कार्यों के आधार पर लगभग 130 से 160 किमी प्रति घंटे की गति की बात सामने आई है। इससे दिल्ली, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी के बीच रात की यात्रा का समय कम करने में मदद मिल सकती है।
यहां एक अंतर समझना जरूरी है। स्लीपर वंदे भारत ट्रेनसेट का डिजाइन अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे तक की गति के लिए किया गया है, लेकिन किसी खास रूट पर इसकी वास्तविक परिचालन गति ट्रैक, सिग्नलिंग, सुरक्षा और अन्य परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर करती है। सरकारी दस्तावेजों में स्लीपर ट्रेन के 180 किमी प्रति घंटे तक के डिजाइन और परीक्षण का उल्लेख है।
रात में सफर, सुबह पहुंचने की सुविधा
दिल्ली-वाराणसी रूट पर पहले से वंदे भारत चेयर कार सेवा उपलब्ध है। मार्च 2026 तक रेलवे की सूची में नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत सेवा 22435/22436 के रूप में दर्ज थी।
नई स्लीपर सेवा का उद्देश्य अलग तरह की यात्रा जरूरत को पूरा करना है। चेयर कार सेवा मुख्य रूप से दिन की यात्रा के लिए उपयोगी है, जबकि स्लीपर ट्रेन में यात्री रात के दौरान अपनी बर्थ पर आराम करते हुए सफर कर सकते हैं।
यदि प्रस्तावित टाइमिंग लागू होती है तो यात्री रात में दिल्ली या वाराणसी से रवाना होकर सुबह दूसरे शहर पहुंच सकेंगे। इससे दिन के समय की बचत हो सकती है और यात्रियों को होटल या रात के अतिरिक्त ठहराव की जरूरत भी कम पड़ सकती है।
प्रयागराज और कानपुर के यात्रियों को क्या फायदा?
प्रस्तावित रूट में प्रयागराज और कानपुर को शामिल किए जाने से इन दोनों शहरों के यात्रियों के लिए दिल्ली और वाराणसी की कनेक्टिविटी बढ़ सकती है।
प्रयागराज से दिल्ली की ओर रात में यात्रा करने वाले यात्रियों को स्लीपर बर्थ का विकल्प मिलेगा। इसी तरह कानपुर से दिल्ली या वाराणसी जाने वाले यात्रियों को भी रात की यात्रा का एक आधुनिक विकल्प मिल सकता है।
प्रयागराज महाकुंभ और धार्मिक पर्यटन सहित कई कारणों से महत्वपूर्ण रेल केंद्र है, जबकि कानपुर उत्तर प्रदेश का बड़ा औद्योगिक और व्यावसायिक शहर है। ऐसे में दोनों शहरों को इस रूट से जोड़ने का प्रस्ताव यात्रियों के लिए उपयोगी हो सकता है।
स्लीपर वंदे भारत में कैसी सुविधाएं मिलेंगी?
भारतीय रेलवे द्वारा विकसित स्लीपर वंदे भारत ट्रेनसेट को लंबी दूरी की यात्रा के लिए तैयार किया गया है। सरकारी जानकारी के अनुसार इसमें आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम, एर्गोनॉमिक इंटीरियर, बेहतर सैनिटेशन और सुरक्षा से जुड़े फीचर शामिल हैं।
ट्रेन में 16 वातानुकूलित कोच होंगे। अलग-अलग श्रेणियों के यात्रियों के लिए फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी की व्यवस्था होगी।
स्लीपर वंदे भारत ट्रेनसेट में यात्रियों की सुरक्षा के लिए कवच और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम जैसे आधुनिक सुरक्षा फीचर भी शामिल किए गए हैं।
पहली स्लीपर वंदे भारत के बाद दूसरी सेवा
भारतीय रेलवे स्लीपर वंदे भारत ट्रेनसेट का चरणबद्ध विस्तार कर रहा है। फरवरी 2026 में रेल मंत्रालय ने बताया था कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के लिए 260 रेक बनाने की योजना है और इन्हें मांग तथा परिचालन तैयारियों के आधार पर चरणबद्ध तरीके से सेवा में शामिल किया जाएगा।
सरकारी दस्तावेजों में स्लीपर वंदे भारत के परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रिया पूरी होने का भी उल्लेख किया गया है। इसका डिजाइन लंबी दूरी की रात की यात्रा के लिए किया गया है।
दिल्ली-वाराणसी की प्रस्तावित सेवा ऐसे ही स्लीपर ट्रेनसेट के विस्तार का हिस्सा होगी।
टिकट कब से बुक होंगे?
अभी टिकट बुकिंग शुरू होने की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। रेलवे बोर्ड की ओर से ट्रेन नंबर, किराया और नियमित संचालन की तारीख घोषित होने के बाद ही बुकिंग की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
इसलिए यात्रियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी कथित ट्रेन नंबर, किराये या बुकिंग लिंक पर भरोसा करने से पहले रेलवे की आधिकारिक सूचना की जांच करनी चाहिए।
ट्रेन शुरू होने के बाद टिकट उपलब्धता और किराया भारतीय रेलवे के आधिकारिक टिकटिंग सिस्टम पर देखा जा सकेगा।
क्या दिवाली तक ट्रेन शुरू हो जाएगी?
रेलवे अधिकारियों की ओर से इसे दिवाली तक शुरू करने की तैयारी की बात रिपोर्टों में सामने आई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की 18 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार ट्रायल इसी महीने शुरू होने की संभावना है और सेवा को दिवाली तक शुरू करने का लक्ष्य बताया गया है।
लेकिन अभी इसे पक्की लॉन्च तारीख नहीं माना जा सकता। ट्रेन का ट्रायल, सुरक्षा जांच, परिचालन मंजूरी और रेलवे बोर्ड की अंतिम स्वीकृति जैसे चरण पूरे होने बाकी हैं।
इसलिए यात्रियों को दिवाली के लिए यात्रा की योजना बनाते समय आधिकारिक टाइम टेबल जारी होने का इंतजार करना चाहिए।
किराया कितना होगा?
दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत का अंतिम किराया अभी घोषित नहीं हुआ है। किराया फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी की श्रेणी तथा रेलवे द्वारा तय अन्य शुल्कों के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
चूंकि यह एक प्रीमियम स्लीपर ट्रेनसेट है, इसलिए इसका किराया सामान्य स्लीपर या अन्य पारंपरिक ट्रेनों से अलग हो सकता है। लेकिन जब तक रेलवे बोर्ड आधिकारिक किराया जारी नहीं करता, तब तक किसी अनुमानित रकम को निश्चित किराया मानना सही नहीं होगा।
यात्रियों को अभी किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
अगर आप दिल्ली, कानपुर, प्रयागराज या वाराणसी के बीच यात्रा करते हैं तो इस नई ट्रेन से जुड़ी आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रख सकते हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी बातें:
- अभी ट्रेन को प्रस्तावित सेवा मानें।
- नियमित संचालन की तारीख की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें।
- ट्रेन नंबर और किराये की पुष्टि रेलवे से करें।
- सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी बुकिंग लिंक से बचें।
- टिकट बुकिंग शुरू होने के बाद उपलब्धता की जांच करें।
- अंतिम टाइम टेबल के अनुसार ही यात्रा की योजना बनाएं।
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दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत: 10 सवाल-जवाब
1. दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत कब शुरू होगी?
रेलवे इसे दिवाली के आसपास शुरू करने की तैयारी कर रहा है, लेकिन नियमित संचालन की अंतिम तारीख अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है।
2. इस ट्रेन का रूट क्या होगा?
प्रस्तावित रूट नई दिल्ली से वाराणसी का है। इसमें प्रयागराज और कानपुर सेंट्रल प्रमुख स्टॉपेज बताए गए हैं।
3. ट्रेन में कितने कोच होंगे?
ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे।
4. इसमें कितने यात्री सफर कर सकेंगे?
स्लीपर वंदे भारत की कुल क्षमता करीब 823 यात्रियों की होगी।
5. कितने थर्ड एसी कोच होंगे?
ट्रेन में 11 एसी थ्री-टियर कोच होंगे।
6. क्या इसमें सेकंड एसी और फर्स्ट एसी भी होगा?
हां। प्रस्तावित 16-कोच संरचना में चार एसी टू-टियर और एक एसी फर्स्ट क्लास कोच शामिल है।
7. ट्रेन कितनी तेज चलेगी?
प्रस्तावित रूट पर करीब 130 से 160 किमी प्रति घंटे तक की परिचालन गति की रिपोर्ट है। ट्रेनसेट का डिजाइन 180 किमी प्रति घंटे तक की गति के लिए है।
8. दिल्ली से वाराणसी पहुंचने में कितना समय लगेगा?
प्रस्तावित टाइमिंग के अनुसार नई दिल्ली से रात करीब 9:20 बजे रवाना होकर सुबह करीब 5 बजे वाराणसी पहुंचने की बात सामने आई है। हालांकि अंतिम टाइम टेबल अभी जारी नहीं हुआ है।
9. ट्रेन का किराया कितना होगा?
अभी रेलवे बोर्ड ने किराया घोषित नहीं किया है।
10. क्या अभी टिकट बुक कर सकते हैं?
नहीं। नियमित संचालन की तारीख, ट्रेन नंबर और किराया घोषित होने के बाद ही आधिकारिक बुकिंग की जानकारी उपलब्ध होगी।
निष्कर्ष
दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत उत्तर भारत के यात्रियों के लिए रात की यात्रा का नया विकल्प बन सकती है। प्रस्तावित 16-कोच ट्रेन में करीब 823 यात्री सफर कर सकेंगे और इसके रूट में नई दिल्ली, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज और वाराणसी शामिल होंगे। रिपोर्टों के अनुसार रेलवे इसे दिवाली के आसपास शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
हालांकि, अभी ट्रेन की नियमित सेवा शुरू नहीं हुई है। ट्रेन नंबर, किराया और अंतिम संचालन तारीख की घोषणा रेलवे बोर्ड से होना बाकी है। इसलिए यात्रियों को आधिकारिक टाइम टेबल और बुकिंग शुरू होने का इंतजार करना चाहिए।
Disclaimer
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों और विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर प्रस्तुत की गई है। परिस्थितियों या आधिकारिक निर्णयों में बदलाव होने पर जानकारी बदल सकती है। पाठकों को किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित विभाग या आधिकारिक स्रोत से नवीनतम जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।




























