IIT बॉम्बे साहिल केस: एग्जाम हॉल का CCTV सामने आया
IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले में परीक्षा हॉल का CCTV फुटेज सामने आने के बाद घटनाक्रम को लेकर नई जानकारी सामने आई है। 23 सितंबर 2026 को सामने आए फुटेज के बारे में रिपोर्टों में बताया गया है कि परीक्षा के दौरान साहिल अपने पास मौजूद मोबाइल की ओर देखते दिखाई देते हैं। इसके बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला उनके पास पहुंचते हैं, उनसे बात करते हैं और उन्हें परीक्षा हॉल से बाहर ले जाते दिखाई देते हैं।
यह फुटेज उस मामले की जांच का हिस्सा है जिसमें 20 वर्षीय दूसरे वर्ष के BTech छात्र साहिल वाकोड़े की 18 सितंबर को मौत हुई थी। मुंबई क्राइम ब्रांच अब परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल से जुड़े CCTV रिकॉर्ड तथा अन्य साक्ष्यों की मदद से घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार कर रही है।
हालांकि CCTV फुटेज से परीक्षा हॉल में हुई कुछ गतिविधियां दिखाई देती हैं, लेकिन इससे घटना के बाद की परिस्थितियों या साहिल की मौत के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। पुलिस जांच अभी जारी है।
परीक्षा हॉल के CCTV में क्या दिखाई दे रहा है?
रिपोर्टों के मुताबिक, 18 सितंबर को दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच का CCTV फुटेज जांच के लिए महत्वपूर्ण है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार करीब 50 सेकंड के फुटेज में साहिल परीक्षा हॉल की पहली बेंच पर बैठे दिखाई देते हैं। वह नीचे या अपनी जेब की ओर देखते हैं, जिसके बाद परीक्षा की निगरानी कर रहे एक प्रोफेसर उनके पास आते हैं।
India Today द्वारा रिपोर्ट किए गए फुटेज में साहिल को परीक्षा के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करते हुए देखा गया है। इसके बाद प्रोफेसर डूला उनके पास पहुंचते हैं, परीक्षा का पेपर और उत्तर पुस्तिका लेते हैं तथा उन्हें बाहर चलने के लिए कहते दिखाई देते हैं।
यही दृश्य अब जांचकर्ताओं के लिए घटनाक्रम की शुरुआती कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
प्रोफेसर डूला साहिल के पास क्यों पहुंचे?
उपलब्ध CCTV रिपोर्टों के अनुसार, प्रोफेसर डूला ने साहिल को अपने पास मौजूद मोबाइल के संबंध में रोका और उनसे पूछताछ की। इसके बाद साहिल अपनी सीट से उठते हैं और परीक्षा हॉल से बाहर जाते दिखाई देते हैं।
हालांकि CCTV केवल दृश्य गतिविधियों को दिखाता है। बातचीत में वास्तव में क्या कहा गया, उसका पूरा संदर्भ क्या था और उस समय परीक्षा संबंधी कौन-सी कार्रवाई तय की गई थी, इसका अंतिम निष्कर्ष पुलिस की जांच और संबंधित रिकॉर्ड से ही सामने आएगा।
ChatGPT इस्तेमाल को लेकर क्या विवाद है?
इस मामले में शुरुआत में IIT बॉम्बे की ओर से साहिल पर परीक्षा के दौरान ChatGPT का इस्तेमाल कर कथित रूप से नकल करने से संबंधित जानकारी सार्वजनिक हुई थी। बाद में संस्थान ने अपने पहले के संचार के लिए माफी मांगी और कहा कि साहिल की मौत से जुड़ी परिस्थितियां जांच के अधीन हैं।
इसलिए वर्तमान स्थिति में CCTV में मोबाइल दिखाई देने की बात और ChatGPT के इस्तेमाल का अंतिम निष्कर्ष एक ही बात नहीं हैं।
CCTV फुटेज मोबाइल के इस्तेमाल की घटना को दिखाता है, जबकि उस मोबाइल से वास्तव में क्या किया गया था और क्या ChatGPT का इस्तेमाल हुआ था, यह जांच का विषय है।
साहिल के साथ परीक्षा हॉल में क्या हुआ था?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा के दौरान साहिल के पास मोबाइल होने की जानकारी सामने आने के बाद प्रोफेसर डूला उनके पास पहुंचे। CCTV में उन्हें साहिल से बात करते और फिर परीक्षा हॉल से बाहर जाते हुए देखा गया है।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, जांचकर्ता उस समय परीक्षा हॉल में मौजूद छात्रों से भी पूछताछ कर रहे हैं ताकि प्रोफेसर और साहिल के बीच हुई बातचीत तथा उसके बाद की घटनाओं को समझा जा सके।
इसलिए CCTV के साथ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
CCTV से घटनाक्रम की टाइमलाइन बनाने में मदद
मुंबई क्राइम ब्रांच अब सिर्फ परीक्षा हॉल के फुटेज तक सीमित नहीं है। जांच में कैंपस और हॉस्टल के CCTV रिकॉर्ड भी देखे जा रहे हैं।
इंडियन एक्सप्रेस और इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्टों के अनुसार, जांचकर्ता परीक्षा खत्म होने के बाद साहिल की गतिविधियों को उनके हॉस्टल लौटने तक जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए CCTV, डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों के साथ छात्रों और फैकल्टी के बयान भी लिए जा रहे हैं।
इससे जांचकर्ताओं को घटनाओं का क्रम समझने में मदद मिल सकती है।
साहिल की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद
साहिल वाकोड़े की मौत के बाद IIT बॉम्बे कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। छात्रों की ओर से संस्थान में छात्र कल्याण, शिकायत निवारण और जांच प्रक्रिया से संबंधित कई मांगें रखी गईं।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, छात्रों ने 18 मांगों वाला चार्टर संस्थान को सौंपा था, जिसमें मामले की स्वतंत्र जांच और छात्र कल्याण व्यवस्था में सुधार जैसी मांगें शामिल थीं। संस्थान प्रशासन ने बाद में इन मांगों पर सहमति जताई।
छात्र प्रतिनिधियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध परीक्षा में किसी भी तरह के cheating या academic misconduct को सही ठहराने के लिए नहीं था, बल्कि वे संस्थागत प्रक्रियाओं और छात्र कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सुधार चाहते थे।
प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला पर क्या कार्रवाई हुई?
साहिल मामले के बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को IIT बॉम्बे के Dean (Administrative Affairs) पद से हटा दिया गया। संस्थान ने स्पष्ट किया कि उन्हें प्रशासनिक पद से हटाया गया है, जबकि वे संस्थान में प्रोफेसर बने हुए हैं।
यह कार्रवाई मामले की जांच और कैंपस में जारी विरोध के बीच हुई।
साथ ही, साहिल के परिवार की ओर से प्रोफेसर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। किसी आरोप या FIR को अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं माना जा सकता।
साहिल के परिवार ने क्या आरोप लगाए?
साहिल के परिवार ने प्रोफेसर और संस्थान से जुड़े कुछ लोगों पर उत्पीड़न तथा जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस में मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
दूसरी ओर, IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर डूला का समर्थन करते हुए कहा है कि उन्होंने संस्थान के नियमों के अनुसार अपना कर्तव्य निभाया।
इस तरह मामले में अलग-अलग पक्षों के दावे मौजूद हैं और उनकी सत्यता का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही किया जा सकता है।
IIT बॉम्बे ने पहले के बयान पर माफी क्यों मांगी?
मामले के शुरुआती दिनों में संस्थान की ओर से साहिल की मौत और परीक्षा में कथित ChatGPT इस्तेमाल के बीच संबंध का उल्लेख किया गया था। बाद में IIT बॉम्बे ने अपने पहले के संचार को वापस लेते हुए माफी मांगी।
संस्थान ने कहा कि घटना की परिस्थितियां अभी जांच के अधीन हैं और पहले की जानकारी को लेकर खेद व्यक्त किया।
इस बदलाव के बाद जांच में उपलब्ध प्रत्यक्ष साक्ष्यों, CCTV रिकॉर्ड और अन्य सामग्री का महत्व और बढ़ गया है।
IIT बॉम्बे साहिल केस में अब पुलिस क्या जांच रही है?
मुंबई क्राइम ब्रांच के सामने मुख्य काम घटनाओं की पूरी टाइमलाइन तैयार करना है।
जांच में प्रमुख रूप से—
- परीक्षा हॉल का CCTV,
- परीक्षा के दौरान साहिल और प्रोफेसर के बीच हुई घटनाएं,
- परीक्षा हॉल में मौजूद छात्रों के बयान,
- कैंपस CCTV,
- हॉस्टल से जुड़े CCTV रिकॉर्ड,
- डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्य,
- मामले में दर्ज FIR और संबंधित बयान
की जांच की जा रही है।
जांचकर्ता यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि परीक्षा हॉल से बाहर जाने के बाद साहिल के साथ क्या घटनाक्रम हुआ और किन परिस्थितियों में उनकी मौत हुई।
क्या CCTV फुटेज से पूरी सच्चाई सामने आ गई?
नहीं। CCTV फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य है, लेकिन यह पूरे मामले का अकेला अंतिम प्रमाण नहीं है।
फुटेज से परीक्षा हॉल में दिखाई देने वाली गतिविधियों का पता चलता है। लेकिन बातचीत की पूरी सामग्री, उस समय मौजूद अन्य परिस्थितियां, परीक्षा से संबंधित आधिकारिक प्रक्रिया और बाद की घटनाओं को समझने के लिए दूसरे साक्ष्यों की भी आवश्यकता होगी।
इसी वजह से पुलिस CCTV के साथ प्रत्यक्षदर्शियों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य फोरेंसिक सामग्री की जांच कर रही है।
परीक्षा में मोबाइल इस्तेमाल को लेकर क्या स्पष्ट है?
सामान्य रूप से परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को academic misconduct माना जा सकता है, लेकिन इस विशेष मामले में घटना से जुड़ी अंतिम प्रशासनिक या कानूनी स्थिति जांच और संस्थागत रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
CCTV रिपोर्टों में साहिल को मोबाइल की ओर देखते और उसके बाद प्रोफेसर द्वारा उनसे पूछताछ किए जाने की बात सामने आई है।
वहीं छात्रों ने भी अपने बयान में स्पष्ट किया है कि वे cheating या academic misconduct को सही नहीं ठहराते। उनका मुद्दा घटना के बाद संस्थागत प्रक्रिया और छात्र कल्याण से जुड़ा है।
IIT बॉम्बे साहिल केस में आगे क्या होगा?
मामले में आगे की दिशा मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच से तय होगी। पुलिस CCTV और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाओं की कड़ी जोड़ रही है।
जांच पूरी होने से पहले किसी एक घटना को साहिल की मौत का अंतिम कारण बताना उचित नहीं होगा। इसी तरह किसी व्यक्ति पर लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने से पहले सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
इस मामले में परीक्षा हॉल का CCTV एक महत्वपूर्ण नया साक्ष्य जरूर है, लेकिन जांच अभी जारी है।
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FAQ: IIT बॉम्बे साहिल केस और CCTV फुटेज से जुड़े सवाल
सवाल 1: IIT बॉम्बे साहिल केस में नया CCTV क्या दिखाता है?
रिपोर्टों के अनुसार फुटेज में साहिल वाकोड़े परीक्षा के दौरान अपने मोबाइल की ओर देखते दिखाई देते हैं। इसके बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला उनके पास आते हैं, उनसे बात करते हैं और उन्हें परीक्षा हॉल से बाहर ले जाते दिखाई देते हैं।
सवाल 2: CCTV फुटेज कब का है?
रिपोर्टों के अनुसार यह 18 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच की अवधि का फुटेज है।
सवाल 3: क्या CCTV में ChatGPT इस्तेमाल दिखाई देता है?
नहीं। CCTV रिपोर्टों में मोबाइल इस्तेमाल दिखाई देने की बात कही गई है। मोबाइल पर वास्तव में ChatGPT या किसी अन्य ऐप का इस्तेमाल हुआ था या नहीं, यह अलग जांच का विषय है। IIT बॉम्बे ने भी अपने शुरुआती ChatGPT संबंधी संचार के लिए बाद में माफी मांगी थी।
सवाल 4: साहिल को परीक्षा हॉल से किसने बाहर ले जाया?
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला ने उनसे बात करने के बाद उन्हें परीक्षा हॉल से बाहर जाने के लिए कहा/ले गए।
सवाल 5: क्या प्रोफेसर डूला दोषी साबित हो चुके हैं?
नहीं। उनके खिलाफ आरोप और पुलिस जांच मौजूद हैं, लेकिन आरोप या FIR अपने आप में दोष सिद्ध नहीं करते। मामले की जांच जारी है।
सवाल 6: इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
मुंबई पुलिस की Crime Branch मामले की जांच कर रही है और CCTV, डिजिटल साक्ष्य तथा संबंधित लोगों के बयान जुटा रही है।
सवाल 7: क्या IIT बॉम्बे ने प्रोफेसर डूला पर कार्रवाई की है?
उन्हें Dean (Administrative Affairs) के प्रशासनिक पद से हटा दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार वे प्रोफेसर और Department of Energy Science and Engineering के प्रमुख के रूप में बने हुए हैं।
सवाल 8: क्या IIT बॉम्बे ने अपने पहले बयान पर माफी मांगी?
हां। संस्थान ने साहिल की मौत से जुड़ी परिस्थितियों पर अपने पहले के संचार के लिए माफी मांगी और कहा कि मामले की परिस्थितियां जांच के अधीन हैं।
सवाल 9: क्या छात्रों ने cheating को सही ठहराया है?
छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि वे cheating या academic misconduct को समर्थन नहीं देते। उनका विरोध संस्थागत प्रक्रियाओं और छात्र कल्याण से जुड़े मुद्दों को लेकर था।
सवाल 10: क्या CCTV से साहिल की मौत के कारण का पता चल गया है?
नहीं। CCTV परीक्षा हॉल की कुछ गतिविधियों की जानकारी देता है, लेकिन मौत से जुड़ी पूरी परिस्थितियों को समझने के लिए पुलिस अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
IIT बॉम्बे साहिल केस में CCTV से क्या बदला?
परीक्षा हॉल का CCTV सामने आने से 18 सितंबर की घटना के एक महत्वपूर्ण हिस्से का दृश्य रिकॉर्ड जांचकर्ताओं के सामने आया है। फुटेज में साहिल के मोबाइल की ओर देखने, प्रोफेसर के उनके पास पहुंचने और परीक्षा हॉल से बाहर जाने की गतिविधियां दिखाई देने की रिपोर्ट है।
लेकिन इस फुटेज को पूरे मामले का अंतिम निष्कर्ष मानना जल्दबाजी होगी। साहिल की मौत से जुड़ी परिस्थितियों, परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों और परीक्षा के दौरान हुई कार्रवाई की पूरी तस्वीर पुलिस जांच, अन्य CCTV रिकॉर्ड, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और डिजिटल/फोरेंसिक साक्ष्यों से सामने आएगी।
फिलहाल IIT बॉम्बे साहिल केस में CCTV एक अहम साक्ष्य के रूप में जांच का हिस्सा है और मुंबई क्राइम ब्रांच पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में जुटी है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों और विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर प्रस्तुत की गई है। परिस्थितियों या आधिकारिक निर्णयों में बदलाव होने पर जानकारी बदल सकती है। पाठकों को किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित विभाग या आधिकारिक स्रोत से नवीनतम जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।





























