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Toggleदेशभर में इस साल सर्दियों की विदाई उम्मीद से कहीं ज्यादा जल्दी हो गई है। फरवरी के महीने में ही उत्तर भारत के कई राज्यों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि मार्च और अप्रैल में गर्मी के तेवर और भी कड़े हो सकते हैं।
Weather Update 2026: हाय हाय गर्मी! होली से पहले ही गर्मी कर रही बेहाल, जानें इस साल गर्मी कैसे रहेगी?
भारत में इस बार वसंत ऋतु का अहसास होने से पहले ही लू (Heatwave) जैसी स्थिति बनने लगी है। Weather Update 2026 के अनुसार, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस ऊपर बना हुआ है। लोग अभी से ही ऊनी कपड़ों को छोड़ सूती कपड़ों पर आ गए हैं, जबकि आमतौर पर होली के बाद ही पंखे और एसी की जरूरत पड़ती थी।
Bharati Fast News की विशेष पड़ताल के अनुसार, इस साल गर्मी के जल्दी आने के पीछे ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ की कमी और प्रशांत महासागर में बदलती समुद्री स्थितियों (La Niña to ENSO-neutral) को जिम्मेदार माना जा रहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि इस बार 2026 का साल पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
IMD Heatwave Forecast 2026: फरवरी में ही क्यों तपने लगा है आसमान?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया है। IMD Heatwave Forecast 2026 के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
तापमान का ग्राफ: दिल्ली के सफदरजंग में फरवरी के तीसरे हफ्ते में ही पारा 30.5°C तक जा पहुँचा है। वहीं, राजस्थान के बाड़मेर और फलोदी में तापमान 34-35°C के करीब है।
वर्षा की कमी: उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में फरवरी के महीने में होने वाली बारिश (Maavath) इस बार नगण्य रही है, जिससे वातावरण में नमी कम है और सोलर रेडिएशन सीधे जमीन को गर्म कर रहा है।
अगले 7 दिनों का हाल: आगामी एक सप्ताह में उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में 3 से 4 डिग्री की और बढ़ोतरी होने की संभावना है।

फसलों पर संकट: क्या गेहूं और सरसों की पैदावार पर पड़ेगा असर?
गर्मी का समय से पहले आना केवल इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि अन्नदाता के लिए भी चिंता का विषय है। Weather Update 2026 के कारण रबी की फसलों पर ‘हीट स्ट्रेस’ (Heat Stress) का खतरा मंडरा रहा है।
गेहूं की फसल: गेहूं के दाने भरने (Grain Filling Stage) के समय यदि तापमान 30 डिग्री से ऊपर जाता है, तो दाना छोटा और सिकुड़ा हुआ रह जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ा, तो पैदावार में 10% से 15% तक की कमी आ सकती है।
सरसों और तिलहन: सरसों की कटाई का समय पास है, लेकिन तेज धूप के कारण फलियां समय से पहले सूख रही हैं, जिससे तेल की मात्रा पर असर पड़ सकता है।
कृषि सलाह: Bharati Fast News किसानों को सलाह देता है कि वे अपनी खड़ी फसलों में हल्की और बार-बार सिंचाई (Light Irrigation) करें ताकि जमीन में नमी बनी रहे।
सेहत के लिए चेतावनी: “फरवरी की धूप, मई का अहसास”
चिकित्सकों ने इस बदलते मौसम को सेहत के लिए खतरनाक बताया है। Summer Temperature Trends India के अनुसार, दिन और रात के तापमान में भारी अंतर (Diurnal Variation) के कारण वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
डिहाइड्रेशन: अभी से ही शरीर में पानी की कमी होने लगी है।
हीट एक्जॉशन: अचानक तेज धूप के संपर्क में आने से चक्कर आना और कमजोरी महसूस होना सामान्य हो गया है।
स्किन प्रॉब्लम्स: पराबैंगनी किरणों (UV Index) के बढ़ते स्तर के कारण सनबर्न और खुजली की शिकायतें बढ़ रही हैं।
मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
क्या 2026 बनेगा अब तक का सबसे गर्म साल?
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2026 का ग्रीष्मकाल पिछले साल (2025) की तुलना में अधिक कष्टकारी हो सकता है। IMD Heatwave Forecast 2026 के मुताबिक, जून-जुलाई के दौरान ‘एल नीनो’ (El Niño) स्थितियां विकसित होने की 60% संभावना है, जो अक्सर कमजोर मानसून और भीषण गर्मी का संकेत देती हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: होली 2026 पर मौसम कैसा रहेगा? A: होली (मार्च के मध्य) तक उत्तर भारत के कई शहरों में पारा 35-37 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने का अनुमान है। इस बार होली पर ‘सूखी और गर्म’ हवाएं चल सकती हैं।
Q2: इस साल लू (Heatwave) कब से शुरू होगी? A: मौसम विभाग के अनुसार, मार्च के दूसरे सप्ताह से मध्य भारत और राजस्थान के कुछ इलाकों में ‘लू’ की पहली लहर शुरू हो सकती है।
Q3: क्या इस बार मानसून पर गर्मी का असर पड़ेगा? A: शुरुआती संकेतों के अनुसार, एल नीनो के सक्रिय होने से मानसून की बारिश में कुछ देरी या अनिश्चितता देखी जा सकती है। सटीक जानकारी अप्रैल में आने वाले मानसून पूर्वानुमान में मिलेगी।
Q4: अचानक बढ़ती गर्मी से बचने के लिए क्या करें? A: दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और ओआरएस (ORS) का सेवन करें।
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निष्कर्ष: Weather Update 2026 के ये शुरुआती आंकड़े डराने वाले हैं। फरवरी में ही मई जैसी तपिश का अहसास होना ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के स्पष्ट संकेत हैं। Bharati Fast News की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि इस साल हमें पानी की बचत और अपनी सेहत के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है। यदि आप किसान हैं, तो अपनी फसलों की अतिरिक्त देखभाल शुरू कर दें और यदि आप शहर में रहते हैं, तो बढ़ते बिजली बिल और पानी की किल्लत के लिए तैयार रहें।
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अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों और विशेषज्ञों के पूर्वानुमान पर आधारित है। मौसम एक गतिशील प्रक्रिया है, जिसमें बदलाव संभव है। ताज़ा जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक सरकारी बुलेटिन का अनुसरण करें। Bharati Fast News किसी भी अप्रत्याशित मौसमी बदलाव के लिए उत्तरदायी नहीं है।
लेखक: मौसम डेस्क, Bharati Fast News https://bharatifastnews.com/












