यह लेख सर्दियों में शराब पीने से जुड़ी सदियों पुरानी धारणाओं, वैज्ञानिक तथ्यों और स्वास्थ्य जोखिमों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसका उद्देश्य “सर्दियों में शराब” के बारे में फैले मिथकों को दूर करना और इसके वास्तविक प्रभावों के बारे में जानकारी प्रदान करना है। सर्दियों के मौसम में बहुत से लोग मानते हैं कि शराब पीने से “बॉडी गर्म” रहती है और ठंड कम लगती है, लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार यह धारणा आधी–अधूरी और खतरनाक है। अल्कोहल शरीर की नसों को फैलाकर कुछ देर के लिए गर्माहट का अहसास तो देता है, लेकिन इससे असली बॉडी हीट तेजी से बाहर निकलती है और हाइपोथर्मिया, BP गिरने, हार्ट स्ट्रेस, ब्रेन पर असर और दुर्घटनाओं का रिस्क बढ़ जाता है। इसी लिए सर्दियों में शराब पीते समय बरतें ये जरूरी सावधानियाँ समझना हर उस व्यक्ति के लिए ज़रूरी है जो कभी–कभार या रेगुलर ड्रिंक करता है।
सर्दियों में शराब पीते समय बरतें ये जरूरी सावधानियाँ – वरना सेहत पर पड़ सकता है भारी असर
Bharati Fast News इस स्पेशल रिपोर्ट में सर्दियों के सीज़न में शराब पीने से जुड़े मिथक, सेहत पर असर, सही लिमिट, खाने–पीने और लाइफस्टाइल से जुड़ी सावधानियों को आसान भाषा में समझा रहा है-ताकि आप और आपका परिवार सुरक्षित रह सके।

शराब और ठंड का रिश्ता: क्यों “अंदर से गर्मी” वाला एहसास आधा सच और आधा धोखा है?
- सर्दी के मौसम में अलाव के पास बैठकर शराब पीने का दृश्य एक आम कल्पना है, जिससे यह धारणा बनती है कि शराब ठंड में गरमाहट देती है।
- यह लेख इस धारणा की सच्चाई की पड़ताल करता है और बताता है कि क्या यह एक सुखद कल्पना है या एक खतरनाक भ्रम।
- यह शराब और सर्दी के जटिल रिश्ते, इसके ऐतिहासिक आधार, वैज्ञानिक तथ्यों, स्वास्थ्य जोखिमों और भविष्य के जागरूकता अभियानों पर प्रकाश डालता है।
सर्दियों में शराब पीते समय बरतें ये जरूरी सावधानियाँ: पहले समझें बॉडी पर इसका असर
शराब पीते ही त्वचा के पास की नसें फैल जाती हैं, जिससे स्किन की सतह तक ज्यादा खून पहुंचता है और कुछ मिनटों के लिए गर्माहट महसूस होती है। यह वही कारण है कि लोग ठंड में “चेहरा लाल” होते देखते हैं और मान लेते हैं कि शराब ने बॉडी को गर्म कर दिया।
लेकिन असल में क्या होता है?
जैसे ही खून सतह पर आता है, शरीर की अंदरूनी गर्मी तेजी से बाहर निकलने लगती है।
बॉडी का कोर टेम्परेचर धीरे–धीरे कम हो सकता है, जबकि दिमाग को लगता है कि वो गर्म है, इसलिए आपको ठंड का एहसास कम होता है और आप कम कपड़े पहन कर या बाहर ज्यादा देर खड़े हो जाते हैं।
इस “फेक वॉर्मथ” की वजह से ठंड में बाहर खड़े रहना, ड्राइव करना या पैदल चलना हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्ट जैसी कंडीशन का खतरा बढ़ा सकता है (खासकर बुजुर्ग, डायबिटिक, हार्ट पेशेंट और पतले/कमज़ोर लोगों में)।
यानी जो लोग सोचते हैं कि ठंड में दो–चार पैग बॉडी को बचा लेंगे, वे असल में खुद को ज़्यादा रिस्क में डाल सकते हैं।
इतिहास के पन्नों से: शराब को ‘सर्दी का दोस्त’ मानने की परंपरा
सदियों से, विभिन्न सभ्यताओं में शराब को दवा, दर्द निवारक और गरमाहट के स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है।
कॉलोनियल अमेरिका:
“स्ट्रॉन्ग वाटर्स” का उपयोग ठंड से बचने और बीमारियों से लड़ने के लिए किया जाता था।
मध्यकालीन यूरोप:
“मल्ड वाइन” को सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए पिया जाता था।
सेंट बर्नार्ड कुत्ते:
बर्फ में फंसे लोगों की मदद के लिए शराब की बोतलें ले जाने वाले कुत्तों की छवि शराब के बारे में एक खतरनाक मिथक को बढ़ावा देती है।
उस समय ज्ञान और सुविधाओं की कमी के कारण, लोग तात्कालिक गर्मी के एहसास को फायदेमंद मानते थे, जबकि यह एक भ्रम था।

वैज्ञानिक सच: शराब शरीर को ठंडा करती है, गर्म नहीं
वासोडिलेशन (Vasodilation):
शराब पीने के बाद रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं, खासकर त्वचा के पास। इससे त्वचा की सतह पर खून का बहाव बढ़ता है और गर्मी का एहसास होता है।
धोखा:
यह ‘गर्मी’ सिर्फ एक भ्रम है। त्वचा की सतह पर रक्त आने से शरीर के अंदरूनी अंगों से गर्मी दूर होती है।
कोर बॉडी टेम्परेचर का गिरना:
त्वचा की सतह पर रक्त के प्रवाह से शरीर का मुख्य तापमान (कोर बॉडी टेम्परेचर) गिर जाता है।
हाइपोथर्मिया (Hypothermia):
यह स्थिति तब होती है जब शरीर गर्मी पैदा करने की तुलना में तेजी से गर्मी खोने लगता है।
कंपकंपी (Shivering) में बाधा:
शराब कंपकंपी की प्राकृतिक प्रक्रिया को बाधित करती है, जिससे शरीर के लिए गर्मी पैदा करना मुश्किल हो जाता है।
परिणाम: “सर्दियों में शराब” पीने से हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है, खासकर ठंडे वातावरण में।
सर्दियों में शराब पीने के छिपे हुए खतरे
हाइपोथर्मिया:
- शरीर गर्मी पैदा करने की तुलना में तेजी से गर्मी खोने लगता है।
- लक्षण: अत्यधिक ठंड लगना, भ्रम, सुस्ती, धीमी या अस्पष्ट वाणी, शरीर का अकड़ना।
- जानलेवा हो सकता है; तत्काल चिकित्सा सहायता आवश्यक है।
- कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए विशेष रूप से खतरनाक, क्योंकि शराब प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करती है।
निर्णय लेने की क्षमता पर असर:
- ठंड में गलत फैसले लेने की संभावना बढ़ जाती है (जैसे, पर्याप्त कपड़े न पहनना, बाहर देर तक रुकना)।
- बर्फ़ीली सतहों पर गिरने का जोखिम बढ़ जाता है।
निर्जलीकरण (Dehydration):
- शराब एक मूत्रवर्धक है, जिससे शरीर से पानी की कमी होती है।
- निर्जलीकरण हाइपोथर्मिया को बढ़ा सकता है।
हृदय पर अतिरिक्त बोझ:
- शरीर को गर्म रखने के लिए हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
- दिल के दौरे का खतरा बढ़ सकता है।

सर्दियों में शराब के 5 बड़े नुकसान: दिल, दिमाग, लीवर और इम्यूनिटी पर डबल अटैक
1. हार्ट पर डबल स्ट्रेस
ठंड अपने आप में ही ब्लड प्रेशर और हार्ट की धड़कन पर दबाव बढ़ाती है।
अल्कोहल हार्ट रेट बढ़ाता है, ब्लड प्रेशर की फ्लक्चुएशन और ब्लड क्लॉटिंग का रिस्क बढ़ा सकता है।
हार्ट डिजीज, हाई BP और कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों के लिए यह कॉम्बो ज़्यादा खतरनाक हो जाता है।
2. दिमाग पर असर और हादसों का खतरा
ठंड में अल्कोहल का sedative इफेक्ट ज़्यादा महसूस हो सकता है—नींद, सुस्ती, judgment कमजोर।
धुंध, कोहरा और फिसलन भरी सड़कों के साथ अगर नशा जुड़ जाए तो रोड एक्सिडेंट, गिरने, चोट लगने का रिस्क कई गुना बढ़ जाता है।
3. इम्यून सिस्टम कमजोर
सर्दियों में वैसे ही फ्लू, वायरल और सर्दी–जुकाम ज़्यादा होते हैं।
ऊपर से अल्कोहल इम्यून सेल्स की क्षमता को घटा सकता है, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और recovery स्लो हो सकती है।
4. लीवर और किडनी पर अतिरिक्त बोझ
ठंड में लोग पानी कम और caffeinated या alcoholic ड्रिंक ज़्यादा लेते हैं, इससे डिहाइड्रेशन का रिस्क।
लीवर को शराब ब्रेकडाउन करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जो लंबे समय में fatty liver, hepatitis या सिरोसिस जैसे रिस्क बढ़ा सकती है।
5. स्किन और जोड़ों पर अप्रत्यक्ष असर
डिहाइड्रेशन और ब्लड फ्लो में बदलाव से स्किन ड्राई, फटी और रैशेज़ की प्रॉब्लम बढ़ सकती है।
जोड़ों के दर्द (arthritis) वाले लोगों को ठंड + अल्कोहल की वजह से सूजन और stiffness ज़्यादा महसूस हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय और दिशानिर्देश
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO):
- “शराब की कोई सुरक्षित मात्रा नहीं है।”
- शराब को ग्रुप 1 कार्सिनोजन (कैंसर का कारण) माना जाता है।
- “पहली बूंद से ही खतरा शुरू” हो जाता है।
अन्य प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान (NHS, CDC):
- ‘कम जोखिम’ वाले सेवन की सीमाएं निर्धारित की गई हैं (पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग)।
- ‘बिंग ड्रिंकिंग’ (एक बार में बहुत अधिक शराब पीना) से बचने की सलाह दी जाती है।
- सर्दियों की छुट्टियों और त्योहारों के दौरान शराब की बढ़ती खपत पर चिंता व्यक्त की जाती है।
“सर्दियों में शराब” को लेकर विवाद और भ्रांतियाँ
- विवाद: कुछ लोग अभी भी मानते हैं कि शराब शरीर को गर्म रखती है, जबकि अन्य इसके खतरों से अवगत हैं।
- भ्रांतियाँ: पुराने शोधों में शराब के कुछ संभावित लाभों का उल्लेख था, लेकिन नए शोधों से पता चलता है कि ये लाभ नगण्य हैं।
- जलवायु और शराब की खपत: ठंडे, कम धूप वाले इलाकों में शराबखोरी बढ़ने की संभावना होती है, संभवतः मौसमी डिप्रेशन से निपटने के लिए।
- सार्वजनिक समझ और वैज्ञानिक प्रमाणों के बीच अंतर: बहुत से लोग शराब के खतरों के बारे में पूरी तरह से अवगत नहीं हैं।

सर्दियों में शराब पीते समय बरतें ये जरूरी सावधानियाँ: 10 प्रैक्टिकल सेफ्टी रूल्स
यहां वे पॉइंट्स हैं जिन्हें आप आर्टिकल के मेन “एक्शन सेक्शन” की तरह 2800+ शब्दों तक डिटेल कर सकते हैं—हर रूल के नीचे कारण, उदाहरण, डॉक्टर की सलाह और छोटी स्टोरी जोड़कर कंटेंट लंबा किया जा सकता है।
1. खाली पेट कभी शराब न पिएं
पहले कुछ हल्का–फुल्का लेकिन हेल्दी खा लें-जैसे सूप, सलाद, सूखे मेवे, हल्का स्नैक।
खाली पेट अल्कोहल जल्दी ब्लड में पहुंचती है, नशा तेज चढ़ता है, BP और शुगर लेवल जल्दी गिर–बढ़ सकते हैं।
2. “सेफ लिमिट” से ज़्यादा कभी न जाएं
पुरुषों के लिए दिन में 2 ड्रिंक (एक ड्रिंक = 30ml–कड़ी शराब/330ml बीयर) से ज़्यादा और महिलाओं के लिए 1 ड्रिंक से ज़्यादा सेहत के लिए हाई रिस्क माना जाता है।
सप्ताह में 1–2 अल्कोहल–फ्री दिन रखें, लगातार रोज़ाना न पिएं।
3. ठंड की वजह से “एक्स्ट्रा पैग” न लें
यह सोचकर 2–3 की जगह 4–5 पैग लेना कि “बहुत ठंड है, आज चल जाएगा” सबसे खतरनाक आदतों में से एक है।
जैसे–जैसे नशा बढ़ता है, आपको ठंड कम लगेगी, लेकिन बॉडी का तापमान और बैलेन्स बिगड़ता जाएगा।
4. अल्कोहल के साथ पानी और खाना बैलेंस करें
हर पेग के बीच एक ग्लास पानी या सूप लें, इससे डिहाइड्रेशन कम होगा।
साथ में प्रोटीन और हेल्दी फैट वाला खाना (चना, पनीर, नट्स, एग, दाल) रखें, सिर्फ नमकीन–कुर्कुरे और तली चीज़ों पर निर्भर न रहें।
5. दवाओं और शराब को कभी मिक्स न करें
BP, शुगर, डिप्रेशन, नींद, दर्द या एंटीबायोटिक दवाएं ले रहे हों तो बिना डॉक्टर की सलाह के शराब बिल्कुल अवॉइड करें।
बहुत सी दवाओं के साथ अल्कोहल मिलने पर लीवर डैमेज, ब्लीडिंग, हार्ट या ब्रेन पर खतरनाक असर हो सकता है।
6. सर्दियों में शराब पीकर ड्राइविंग सख्त मना
कोहरा, धुंध और फिसलन भरी सड़कों पर sober ड्राइविंग भी जोखिम भरी होती है; ऐसे में नशे के साथ ड्राइव करना न सिर्फ अपनी बल्कि दूसरों की जान भी खतरे में डालने जैसा है।
पहले से तय करें: या तो designated driver रखिए या cab/bike–taxi बुक कीजिए।
7. खुले में बैठकर ज्यादा देर तक न पिएं
रूफ–टॉप, टेरेस, खुले लॉन या बोनफायर के पास घंटों बैठकर पीने से शरीर ठंडी हवा और स्मॉग के कॉम्बिनेशन में फंस जाता है।
कोशिश करें कि ज़्यादातर समय इनडोर, हवा से कुछ हद तक प्रोटेक्टेड जगह पर रहें; बोनफायर से खूब धुआं हो तो थोड़ा दूरी बना कर बैठें।
8. बुजुर्ग, डायबिटिक और हार्ट पेशेंट के लिए अतिरिक्त सावधानी
BP या हार्ट डिजीज वाले लोगों में अचानक चक्कर, सीने में दर्द, सांस फूलना, पसीना, बेहोशी जैसे लक्षण को हल्के में न लें।
अगर डॉक्टर ने पहले से अल्कोहल पर कंट्रोल या मना किया है, तो लाभ–हानि सोचने के बजाय साफ–साफ “No” कहना ही बेहतर है।
9. मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें
कई लोग सर्दियों, अकेलेपन या स्ट्रेस की वजह से “मूड ठीक करने” के लिए शराब पर डिपेंड हो जाते हैं—यह alcoholism की शुरुआती चेतावनी हो सकती है।
अगर लग रहा हो कि बिना ड्रिंक किए सुकून नहीं मिलता, तो family support और प्रोफेशनल काउंसलर की मदद लेना बेहतर रहेगा।
10. घर के माहौल में “रिस्पॉन्सिबल ड्रिंकिंग कल्चर” बनाएं
परिवार में कम उम्र के बच्चे या टीनेजर हैं तो उनके सामने over–drinking, शराब के glorification से बचें।
घर की पार्टियों में पानी, जूस, मॉकटेल और अल्कोहल–फ्री ऑप्शंस भी रखें, ताकि हर किसी के पास हेल्दी चॉइस हो।
भविष्य की राह: जागरूकता अभियान और नए शोध
नवीनतम शोधों से चौंकाने वाले तथ्य:
- शराब और कैंसर: डीएनए को नुकसान पहुंचाना, हार्मोन में बदलाव, कैंसर का खतरा बढ़ाना।
- मस्तिष्क और लत: शराब ‘सेल्फ-मेडिकेशन’ के साथ-साथ ‘खुशी’ का कारण बन सकती है, जिससे लत का खतरा बढ़ता है।
- प्रतिरक्षा प्रणाली: रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करती है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज करती है।
- हृदय रोग और स्ट्रोक: एक ड्रिंक भी खतरा बढ़ा सकती है।
- शराब से संबंधित मौतें: ऐतिहासिक रूप से कम आंकलन किया गया है।
भविष्य के स्वास्थ्य अभियान:
- “कोई सुरक्षित मात्रा नहीं” और कैंसर लिंक पर केंद्रित शक्तिशाली संदेश।
- “Dry January” जैसे सफल अभियानों से प्रेरणा।
- लक्षित संदेश (Targeted Messaging) और सामुदायिक पहल का महत्व।
- शराब मुक्ति कार्यक्रमों को स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के साथ एकीकृत करना।
सर्दियों में सुरक्षित रहने के लिए ज़रूरी सावधानियाँ
- सीमित मात्रा में सेवन: “सर्दियों में शराब” पीने की आदत पर नियंत्रण रखें।
- हाइड्रेटेड रहें: शराब के साथ खूब पानी और गैर-अल्कोहलिक पेय पिएं।
- पौष्टिक और गर्म भोजन: शराब पीने से पहले और उसके दौरान पौष्टिक और गर्म भोजन करें।
- परतों में कपड़े पहनें: शरीर की गर्मी बनाए रखने के लिए सही पोशाक पहनें।
- बाहर ज़्यादा देर न रुकें: शराब पीने के बाद ठंडी हवा से बचें।
- घर लौटने की व्यवस्था पहले से करें: सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें।
- शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त आराम: शरीर को अंदर से गर्म और मजबूत रखें।
- शरीर के संकेतों पर ध्यान दें: ठंड लगने या किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत प्रतिक्रिया करें।
सर्दियों में शराब पीने के 7 मुख्य लाभ: बॉडी गर्म रखने से लेकर हार्ट हेल्थ तक!
⚠️ महत्वपूर्ण चेतावनी पहले: सर्दियों में शराब पीने के कुछ संभावित लाभ बताए जा रहे हैं, लेकिन ये मॉडरेशन (पुरुषों के लिए दिन में 1-2 ड्रिंक, महिलाओं के लिए 1 ड्रिंक) में ही लागू होते हैं। ज्यादा पीना हाइपोथर्मिया, हार्ट अटैक, लीवर डैमेज और हादसों का खतरा बढ़ाता है। डॉक्टरों की सलाह: अगर हार्ट, BP, डायबिटीज, लीवर या दवा ले रहे हैं तो बिल्कुल अवॉइड करें। हमेशा खाने के साथ पिएं और पानी ज्यादा लें।
1. तुरंत गर्माहट का एहसास: बॉडी को ‘फेक हीट बूस्ट’
सर्दियों में शराब की सबसे बड़ी अपील यही है-पीते ही नसें फैलती हैं, खून का प्रवाह स्किन पर बढ़ता है और 10-15 मिनट के लिए गर्मी महसूस होती है।
कौन सी चुनें? रम (Rum) या व्हिस्की-इनकी वार्मिंग प्रॉपर्टी सबसे तेज। 30ml रम + हॉट वॉटर + नींबू = परफेक्ट विंटर टॉड्डी।
2. हार्ट हेल्थ में सहायक: ‘गुड कोलेस्ट्रॉल’ बढ़ाने में मदद
रिसर्च (जैसे रेड वाइन के resveratrol) दिखाती है कि मॉडरेट रेड वाइन HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) बढ़ा सकती है और ब्लड क्लॉटिंग रिस्क कम कर सकती है-खासकर ठंड में जब हार्ट पर स्ट्रेस बढ़ता है।
कौन सी चुनें? ड्राई रेड वाइन (Merlot/Cabernet Sauvignon)-150ml ग्लास, खाने के साथ।
3. इम्यूनिटी बूस्ट: एंटीऑक्सीडेंट्स से फ्लू से लड़ने में साथ
रेड वाइन, व्हिस्की या ब्रैंडी में polyphenols और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो इन्फ्लेमेशन कम करते हैं। सर्दियों के वायरल से बचाव में थोड़ी मदद।
कौन सी चुनें? डार्क रम या Cognac ब्रैंडी-1 छोटा पैग, अदरक-हल्दी चाय के साथ।
4. स्ट्रेस रिलीफ: विंटर ब्लूज़ और डिप्रेशन से राहत
ठंडे दिनों में SAD (सीजनल डिप्रेशन) आम है। अल्कोहल का mild sedative effect मूड रिलैक्स करता है, सोने में मदद।
कौन सी चुनें? बोरबॉन व्हिस्की या हॉट बटरड रम-रात को सोने से 2 घंटे पहले, हल्का।
5. ब्लड सर्कुलेशन बेहतर: ठंडी उंगलियां-पैर गर्म
वासोडिलेशन से हाथ-पैर की नसें खुलती हैं, जो ठंड में सुन्न होने वाली समस्या कम।
कौन सी चुनें? जिन एंड टॉनिक (कम शुगर टॉनिक के साथ)-लेकिन ज्यादा न।
6. डाइजेशन सहायक: ठंड में भारी खाने को पचाने में मदद
स्पाइसी फूड के साथ थोड़ी शराब डाइजेस्टिव जूस बढ़ाती है।
कौन सी चुनें? वर्माउथ या अमरेट्टो-खाने के बाद डाइजेस्टिफ।
7. सोशल और मेंटल बूस्ट: पार्टी सीज़न को एंजॉय
सर्दी की पार्टियों में मॉडरेशन में शराब मूड हल्का रखती है।
कौन सी चुनें? मल्टीग्रेन बीयर या लाइट वाइन-कम कैलोरी।
🎯 सर्दियों के लिए बेस्ट शराब चॉइसेस (मॉडरेशन में)
| प्रकार | क्यों बेस्ट? | मात्रा | साथ में क्या? |
|---|---|---|---|
| रम | वार्मिंग, सस्ती | 30ml | हॉट वॉटर+नींबू |
| रेड वाइन | हार्ट फ्रेंडली | 150ml | चीज/नट्स |
| व्हिस्की | स्ट्रेस रिलीफ | 30ml | अदरक चाय |
| ब्रैंडी | इम्यून बूस्ट | 30ml | हल्दी दूध |
फाइनल टिप: लाभ सिर्फ मॉडरेशन में। ज्यादा पीना नुकसानदायक। हमेशा टैक्सी लें, पानी पिएं और डॉक्टर से पूछें!

निष्कर्ष: समझदारी ही बचाव है
“सर्दियों में शराब” पीने का निर्णय लेते समय मिथकों को तोड़ें और वैज्ञानिक तथ्यों को अपनाएं। अपनी और अपनों की सेहत को प्राथमिकता दें। एक सुरक्षित, स्वस्थ और आनंददायक सर्दी के लिए सही जानकारी और जागरूकता आवश्यक है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जागरूकता और जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह किसी भी तरह की मेडिकल, लीगल या एडिक्शन ट्रीटमेंट की व्यक्तिगत सलाह नहीं है। अल्कोहल पूरी तरह से अवॉइड करना ही सेहत के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है, खासकर गर्भवती महिलाओं, बच्चों, हार्ट, लीवर, किडनी, शुगर, BP और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए। शराब सेवन, दवाओं के साथ इंटरैक्शन या किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या के मामले में अपने डॉक्टर या क्वालिफाइड हेल्थ प्रोफेशनल से सीधी सलाह अवश्य लें।


























