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जनगणना और जाति गणना सही तरीके से कराए सरकार : सांसद जिया उर्रहमान बर्क

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जनगणना और जाति गणना सही तरीके से कराए सरकार : सांसद जिया उर्रहमान बर्क

भारत में 16वीं जनगणना का आगाज हो चुका है। संभल सांसद जिया उर्रहमान बर्क ने स्वगणना (Self-Enumeration) प्रक्रिया पूरी करते हुए सरकार से मांग की है कि जनगणना के साथ जाति गणना को भी पारदर्शी तरीके से शामिल किया जाए।

देश की 16वीं जनगणना की प्रक्रिया अब धरातल पर उतर आई है। उत्तर प्रदेश के संभल में प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच ‘स्वगणना’ का दौर चल रहा है। इसी क्रम में संभल के सांसद जिया उर्रहमान बर्क ने अपने आवास पर प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में खुद की और अपने परिवार की स्वगणना पूरी की। इस दौरान उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए केंद्र सरकार को याद दिलाया कि देश का एक बड़ा तबका आज भी डिजिटल साक्षर नहीं है, इसलिए सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि हर व्यक्ति की गणना सटीक और सही तरीके से हो।

सांसद आवास पहुँची एसडीएम: स्वगणना की प्रक्रिया हुई पूरी

बुधवार को संभल की एसडीएम निधि पटेल राजस्व कर्मियों की टीम के साथ सांसद जिया उर्रहमान बर्क के आवास पर पहुँचीं। अधिकारियों ने सांसद और उनके पिता ममलुकुर्रहमान बर्क को 16वीं जनगणना के पहले चरण के बारे में विस्तृत जानकारी दी। एसडीएम ने बताया कि 7 मई से शुरू हुआ स्वगणना का यह कार्य 22 मई तक चलेगा। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह है कि शिक्षित नागरिक स्वयं पोर्टल पर जाकर अपनी सटीक जानकारी बिना किसी त्रुटि के भर सकें।

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संभल सांसद जिया उर्रहमान बर्क ने एसडीएम की मौजूदगी में पूरी की स्वगणना प्रक्रिया।

संसद से सड़क तक जाति गणना की मांग: बर्क का बड़ा बयान

स्वगणना प्रक्रिया पूरी करने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए सांसद जिया उर्रहमान बर्क ने जनगणना और जाति गणना के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “मैंने संसद के भीतर भी यह सवाल पुरज़ोर तरीके से उठाया था कि जनगणना के साथ जाति गणना भी होनी चाहिए। विपक्ष लगातार सरकार से पूछ रहा है कि इस प्रक्रिया में इतनी देरी क्यों हुई? हालांकि सरकार ने कोरोना काल का हवाला दिया है, लेकिन अब जब काम शुरू हुआ है, तो इसमें कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।”



गृहमंत्री के आश्वासन पर टिकी नज़रें

सांसद ने गृहमंत्री अमित शाह के उस जवाब का जिक्र किया जो संसद में दिया गया था। बर्क ने बताया, “गृहमंत्री ने संसद में कहा था कि पहले चरण में मकानों की गणना (Houselisting) का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिया है कि जब जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा, तो उसमें जाति गणना का भी कॉलम शामिल किया जाएगा। हमें उम्मीद है कि सरकार अपने वादे के मुताबिक सही तरीके से कार्य कराएगी ताकि हर जाति की वास्तविक संख्या का पता चल सके।”

आम जनता से अपील: सही जानकारी ही आपका अधिकार है

सांसद बर्क ने जनता से मज़बूत अपील करते हुए कहा कि जो लोग शिक्षित हैं और तकनीक का इस्तेमाल जानते हैं, वे स्वयं पोर्टल पर जाकर अपनी स्वगणना करें। वहीं, जो लोग ऑनलाइन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं, वे घर-घर आने वाली सरकारी टीम (प्रगणकों) का पूरा सहयोग करें और अपनी सही जानकारी दर्ज कराएं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रामीण और अशिक्षित तबके की गणना में विशेष सावधानी बरती जाए ताकि कोई भी नागरिक छूट न जाए।

Key Highlights:



निष्कर्ष

जनगणना और जाति गणना केवल एक सांख्यिकीय आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह भविष्य की सरकारी योजनाओं और सामाजिक न्याय की बुनियाद है। सांसद जिया उर्रहमान बर्क की यह पहल दर्शाती है कि जन-प्रतिनिधियों की जागरूकता से ही आम जनता इस महाभियान का हिस्सा बनेगी। सरकार के लिए चुनौती अब यह है कि वह विपक्ष और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए एक त्रुटिहीन और समावेशी जनगणना संपन्न कराए।


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⚠️ Disclaimer: यह लेख सांसद जिया उर्रहमान बर्क द्वारा दिए गए बयानों और वर्तमान प्रशासनिक सूचनाओं पर आधारित है।


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