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घुसपैठियों के खिलाफ RSS का रोडमैप: PM मोदी ने RSS शताब्दी पर किया ‘डेमोग्राफिक मिशन’ का जिक्र

घुसपैठियों के खिलाफ RSS का रोडमैप: PM मोदी ने RSS शताब्दी पर किया ‘डेमोग्राफिक मिशन’ का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अक्टूबर 2025 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह में भाग लेते हुए घुसपैठियों के खिलाफ RSS के रोडमैप और रणनीति की सराहना की। PM मोदी ने कहा कि RSS ने न केवल घुसपैठ और आर्थिक निर्भरता की समस्याओं की पहचान की है, बल्कि इनसे निपटने के लिए एक व्यापक रोडमैप भी तैयार किया है। उन्होंने 15 अगस्त को घोषित ‘डेमोग्राफिक मिशन’ का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

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RSS शताब्दी: PM मोदी ने घुसपैठियों के खिलाफ RSS के रोडमैप की सराहना की, जानें पूरी खबर।

स्वतंत्रता दिवस की घोषणा का दोहराव

PM मोदी ने अपने भाषण में 15 अगस्त 2025 को लाल किले से की गई ‘डेमोग्राफिक मिशन’ की घोषणा को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह मिशन “भारतीय नागरिकों को उन घुसपैठियों से बचाने के लिए है जो युवाओं की आजीविका छीन रहे हैं और हमारी बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं”।

डेमोग्राफिक मिशन के मुख्य उद्देश्य


एकता में विविधता पर खतरा: PM मोदी की चिंता

भारत की आत्मा पर हमला

PM मोदी ने कहा कि “भारत की आत्मा हमेशा से विविधता में एकता रही है। अगर यह शक्ति टूट गई तो भारत कमजोर हो जाएगा”। उन्होंने चेतावनी दी कि आज देश ऐसी चुनौतियों का सामना कर रहा है जो सीधे तौर पर हमारी एकता, संस्कृति और सुरक्षा पर हमला हैं।

विभिन्न आयामों में चुनौतियां

PM मोदी के अनुसार भारत आज निम्नलिखित चुनौतियों का सामना कर रहा है:


घुसपैठ से भी बड़ा खतरा: जनसांख्यिकीय परिवर्तन

नई चुनौती की पहचान

PM मोदी ने एक महत्वपूर्ण बात कहते हुए बताया कि “सामाजिक सद्भावना के लिए आज घुसपैठियों से भी बड़ा खतरा जनसांख्यिकीय परिवर्तन की साजिश से है”। यह बयान इस बात को दर्शाता है कि सरकार न केवल सीमा पार से आने वाली घुसपैठ बल्कि जनसंख्या संरचना में हो रहे बदलाव को भी गंभीर चुनौती मानती है।

आंतरिक सुरक्षा से सीधा संबंध

“यह मुद्दा सीधे आंतरिक सुरक्षा और भविष्य की शांति से जुड़ा हुआ है,” PM मोदी ने कहा। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए सतर्कता और दृढ़ संकल्प की जरूरत है।


RSS का 100 साल का रोडमैप: एक विश्लेषण

स्थापना से लेकर आज तक का सफर

1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा नागपुर में स्थापित RSS का 100 साल का सफर अनेक चुनौतियों से भरा रहा है। PM मोदी ने इस बात की सराहना की कि संगठन ने “कितने भी प्रतिबंध लगाए गए, कितनी भी साजिशें रची गईं, कितने भी झूठे मुकदमे चलाए गए, RSS ने कभी द्वेष और घृणा में विश्वास नहीं किया”।

सामाजिक सुधार में RSS की भूमिका

PM मोदी ने RSS के सामाजिक सुधार कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा:


घुसपैठ रोकने के लिए RSS का रणनीतिक दृष्टिकोण

पंच-सूत्री कार्यक्रम

RSS के पांच मुख्य सिद्धांतों की PM मोदी ने सराहना की:

  1. स्व-बोध (आत्म-साक्षात्कार)

  2. सामाजिक सद्भावना

  3. पारिवारिक मूल्य

  4. नागरिक कर्तव्य

  5. पर्यावरण संरक्षण

आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य

PM मोदी ने कहा कि “आत्मनिर्भरता अब एक विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है”। उन्होंने स्वदेशी को एक आधारभूत नारा और ‘वोकल फॉर लोकल’ को एक प्रतिज्ञा बताया।


बंगाल में घुसपैठ का मुद्दा: राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

तृणमूल कांग्रेस पर आरोप

PM मोदी के बयान को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना माना जा रहा है। आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस वोट के बदले बांग्लादेश से घुसपैठ का समर्थन करती है।

तृणमूल का जवाब

तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि:


बिहार SIR और वोटर लिस्ट सफाई का उदाहरण

चुनाव आयोग का विशेष अभियान

बिहार में हाल ही में संपन्न विशेष गहन संशोधन (SIR) का उदाहरण देते हुए, चुनाव आयोग ने बताया कि इसमें नेपाली, म्यांमार और बांग्लादेशी नागरिकों के अनेक मामले मिले जो कानून के विपरीत वोटर के रूप में पंजीकृत थे। यह अभ्यास दिखाता है कि घुसपैठ की समस्या कितनी गंभीर है।


आर्थिक निर्भरता भी बड़ी चुनौती

दोहरी समस्या की पहचान

PM मोदी ने कहा कि “दूसरे देशों पर आर्थिक निर्भरता हमारी एकता तोड़ने की साजिश है”। उन्होंने इसे घुसपैठ के साथ-साथ एक प्रमुख राष्ट्रीय चुनौती बताया।

समाधान की दिशा


RSS की भूमिका में PM मोदी का व्यक्तिगत अनुभव

स्वयं का RSS कनेक्शन

PM मोदी ने स्वयं को RSS कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि उन्होंने संगठन के 100 साल के सफर को देखा है। वे एक RSS प्रचारक के रूप में काम कर चुके हैं और बाद में BJP में स्थानांतरित हुए।

महान व्यक्तित्वों की प्रशंसा

PM मोदी ने याद किया कि पूर्व राष्ट्रपति APJ अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी ने भी RSS के काम की प्रशंसा की थी। महात्मा गांधी ने भी RSS के अनुशासन की सराहना की थी।


RSS के पांच मुख्य सिद्धांत और उनका महत्व

व्यापक सामाजिक दृष्टिकोण

RSS के पांच मुख्य सिद्धांत जिनका PM मोदी ने उल्लेख किया:

  1. स्व-बोध: अपनी विरासत पर गर्व और आत्म-साक्षात्कार

  2. सामाजिक सद्भावना: हाशिए के लोगों को प्राथमिकता देकर सामाजिक न्याय

  3. पारिवारिक मूल्य: भारतीय पारिवारिक व्यवस्था का संरक्षण

  4. नागरिक कर्तव्य: कानून का सम्मान, राष्ट्रीय संपत्ति की देखभाल

  5. पर्यावरण संरक्षण: पारिस्थितिकी का संरक्षण


आपदाओं में RSS की भूमिका

प्रथम उत्तरदाता के रूप में

PM मोदी ने RSS को आपदाओं और युद्धों के समय “प्रथम उत्तरदाता” बताया। संगठन की सेवा भावना और त्वरित सहायता की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यही कारण है कि RSS समाज के साथ जुड़ा रहा है।


लोकतांत्रिक मूल्यों में RSS का विश्वास

घृणा और द्वेष से दूरी

PM मोदी ने कहा कि “RSS में घृणा और द्वेष को रोकने वाली चीज़ इसके कार्यकर्ताओं का लोकतांत्रिक मूल्यों में गहरा विश्वास था”। यह बात RSS की वैचारिक स्थिति को स्पष्ट करती है।


भविष्य की रणनीति: सतर्कता और दृढ़ता

निरंतर चुनौती का सामना

PM मोदी ने कहा कि “हमें इस चुनौती के लिए सचेत रहना होगा, इसका अडिग होकर सामना करना होगा”। यह दिखाता है कि सरकार घुसपैठ और जनसांख्यिकीय परिवर्तन को दीर्घकालिक चुनौती मानती है।


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Disclaimer: यह लेख आधिकारिक सरकारी बयानों, PM मोदी के भाषणों, RSS के आधिकारिक कार्यक्रमों और मुख्यधारा की मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। राजनीतिक विषयों पर अलग-अलग मत हो सकते हैं। यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है और किसी राजनीतिक दल या विचारधारा का प्रचार नहीं है। व्यक्तिगत राय बनाने से पहले विभिन्न स्रोतों से जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।


आग्रह और आपके अमूल्य सुझाव

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