भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एक बार फिर बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) के एकत्रीकरण को लेकर दिए गए बयानों ने निवेशकों और ग्राहकों के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। क्या Canara Bank, UCO Bank और Indian Overseas Bank (IOB) जैसे दिग्गज बैंक विलय की राह पर हैं? जानिए सरकार की भविष्य की योजना और इसका आप पर होने वाला असर।
PSU Bank Merger: क्या Canara, UCO और IOB का होगा विलय? वित्त मंत्री के बयान से बढ़ी हलचल
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर PSU Bank Merger को लेकर खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं। यह चर्चा तब और गंभीर हो गई जब सोमवार, 23 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री ने बजट के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बोर्ड को संबोधित किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में बैंकों के विलय के लिए कोई निश्चित ‘रोडमैप’ तैयार नहीं है, लेकिन उन्होंने “बैंकिंग फॉर विकसित भारत” के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव जरूर रखा है।
Bharati Fast News की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का लक्ष्य भारत में वैश्विक स्तर के 4-5 विशाल बैंक (Mega Banks) बनाना है, जो देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा कर सकें। ऐसे में केनरा बैंक, यूको बैंक और आईओबी जैसे बैंकों के नाम संभावित उम्मीदवारों के रूप में सामने आ रहे हैं।
Finance Minister on Bank Merger 2026: क्या कहा निर्मला सीतारमण ने?
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान Finance Minister on Bank Merger 2026 पर स्थिति स्पष्ट करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “मैं किसी भी रोडमैप से परिचित नहीं हूँ, क्योंकि वर्तमान में ऐसा कोई सक्रिय प्रस्ताव नहीं है।” हालांकि, उनके इस बयान के साथ एक और महत्वपूर्ण घोषणा जुड़ी थी:
उच्च-स्तरीय समिति: बजट 2026-27 में एक ‘High Level Committee on Banking for Viksit Bharat’ बनाने का प्रस्ताव है।
समिति का कार्य: यह समिति भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करेगी और वित्तीय स्थिरता, समावेशन व उपभोक्ता संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सुधारों का खाका तैयार करेगी।
भविष्य की संभावना: जानकारों का मानना है कि भले ही आज विलय की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यह समिति आने वाले समय में PSU Bank Merger की रूपरेखा तय कर सकती है।
Canara UCO IOB Merger News: क्यों चर्चा में हैं ये तीन बैंक?
बाजार विशेषज्ञों और ‘Merger 2.0’ के ब्लू प्रिंट की चर्चाओं में Canara UCO IOB Merger News सबसे ऊपर है। इसके पीछे कई रणनीतिक कारण बताए जा रहे हैं:
क्षेत्रीय तालमेल (Regional Synergy): केनरा बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) दोनों का दक्षिण भारत में मजबूत आधार है। इनके विलय से दक्षिण क्षेत्र में एक महा-बैंक खड़ा हो सकता है।
स्केल और दक्षता: वर्तमान में केनरा बैंक का मार्केट कैप ₹1.31 लाख करोड़ से अधिक है, जबकि आईओबी ₹67,937 करोड़ और यूको बैंक ₹36,063 करोड़ के साथ मजबूती से खड़ा है। इन तीनों के मिलने से यह बैंक देश का तीसरा या चौथा सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक बन जाएगा।
बड़ा व्यापार पोर्टफोलियो: यूको बैंक का पूर्वी भारत में अच्छा नेटवर्क है, जो केनरा बैंक की अखिल भारतीय उपस्थिति को और विस्तार दे सकता है।
PSU बैंकों की वर्तमान स्थिति (फरवरी 2026 के आंकड़े)
| बैंक का नाम | मार्केट कैप (₹ करोड़ में) | शाखाओं की संख्या (लगभग) |
| केनरा बैंक | ₹1,31,343.04 | 10,000+ |
| इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) | ₹67,937.25 | 3,300+ |
| यूको बैंक (UCO) | ₹36,063.77 | 3,300+ |
ग्राहकों और निवेशकों पर क्या होगा असर?
यदि भविष्य में PSU Bank Merger का फैसला लिया जाता है, तो इसके कई व्यावहारिक और वित्तीय प्रभाव होंगे:
ग्राहकों के लिए (For Customers):
IFSC कोड और चेकबुक: ग्राहकों को नए आईएफएससी (IFSC) कोड और नई चेकबुक जारी की जाएगी।
एकीकृत ऐप: ग्राहकों को एक आधुनिक और एकीकृत मोबाइल बैंकिंग ऐप की सुविधा मिलेगी।
शाखाओं का एकीकरण: कुछ स्थानों पर पास-पास स्थित शाखाओं को बंद या मर्ज किया जा सकता है।
निवेशकों के लिए (For Investors):
शेयरों का अनुपात: विलय होने पर छोटे बैंकों के निवेशकों को ‘एंकर बैंक’ के शेयर एक निश्चित अनुपात में दिए जाते हैं।
एसेट क्वालिटी: बड़े बैंकों के साथ जुड़ने से एनपीए (NPA) प्रबंधन में सुधार होता है, जिससे लंबे समय में शेयर की कीमतों में उछाल आ सकता है।
ताज़ा बैंकिंग अपडेट्स के लिए यहाँ क्लिक करें: बैंकिंग, फाइनेंस और मार्किट अपडेट के लिए फ़ास्ट और लेटेस्ट न्यूज़ यहाँ देखें
2020 के विलय से क्या मिली सीख?
भारत सरकार ने 1 अप्रैल 2020 को 10 सरकारी बैंकों का विलय कर 4 बड़े बैंक बनाए थे। उस अनुभव से पता चला कि बड़े बैंकों के पास उधार देने की क्षमता (Lending Capacity) बढ़ जाती है और वे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करने में सक्षम होते हैं। Finance Minister on Bank Merger 2026 की सुगबुगाहट इसी रणनीति का अगला हिस्सा मानी जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: क्या केनरा बैंक का निजीकरण (Privatization) हो रहा है?
A: नहीं, वर्तमान में सरकार का ध्यान बैंकों के निजीकरण के बजाय उनके एकीकरण और मजबूती पर है। केनरा बैंक एक ‘एंकर बैंक’ के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
Q2: क्या मेरा बैंक खाता नंबर बदल जाएगा?
A: विलय की स्थिति में खाता नंबर और ग्राहक आईडी (Customer ID) आमतौर पर बदल जाते हैं, लेकिन बैंक इसे अपडेट करने के लिए पर्याप्त समय और सूचना प्रदान करते हैं।
Q3: क्या एफडी (FD) की ब्याज दरें बदलेंगी?
A: मौजूदा सावधि जमा (FD) पर वही ब्याज मिलता रहेगा जो अनुबंध के समय तय हुआ था। हालांकि, नई एफडी पर नई दरें लागू होंगी।
Q4: विलय की आधिकारिक घोषणा कब तक हो सकती है?
A: वित्त मंत्री के अनुसार, अभी कोई सक्रिय योजना नहीं है। उच्च-स्तरीय समिति की रिपोर्ट आने के बाद (संभावित वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक) ही कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
निष्कर्ष: PSU Bank Merger की चर्चाओं ने भले ही बाजार में हलचल बढ़ा दी है, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के स्पष्टीकरण से यह साफ है कि सरकार बिना सोचे-समझे किसी जल्दबाजी में नहीं है। ‘बैंकिंग फॉर विकसित भारत’ समिति के गठन का उद्देश्य भारतीय बैंकों को ग्लोबल 50 की सूची में शामिल करना है। केनरा, यूको और आईओबी के ग्राहकों को फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि बैंकिंग सुधारों का अंतिम उद्देश्य उपभोक्ता की सुरक्षा और बेहतर सुविधा ही है।
बैंकिंग, निवेश और सरकारी योजनाओं की हर सटीक और ताज़ा जानकारी के लिए नियमित रूप से पढ़ते रहें Bharati Fast News।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख वर्तमान मीडिया रिपोर्टों, बजट दस्तावेजों और वित्त मंत्रालय के आधिकारिक बयानों पर आधारित है। PSU Bank Merger के बारे में कोई भी अंतिम निर्णय सरकार और आरबीआई द्वारा ही लिया जाएगा। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने बैंक या वित्तीय सलाहकार से संपर्क करें। Bharati Fast News किसी भी विसंगति के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।
FM Sitharaman rules out roadmap for PSU bank mergers
लेखक: बिज़नेस डेस्क, Bharati Fast News- https://bharatifastnews.com/












