PM आवास योजना यानी प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) केंद्रीय सरकार की वह फ्लैगशिप स्कीम है, जिसके तहत गरीब, निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पक्का घर दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना दो हिस्सों में चलती है – PMAY-G (ग्रामीण) और PMAY-U (Urban 2.0) – जहां गांव में सीधे घर बनाने के लिए ग्रांट और शहरों में होम लोन पर ब्याज सब्सिडी और पक्का घर के लिए सहायता दी जाती है।
PM आवास योजना क्या है? गांव और शहर में घर पाने का पूरा प्रोसेस और पात्रता
कल्पना कीजिए, बारिश हो या धूप, आपका अपना एक मजबूत पक्का घर हो! यह सपना अब हकीकत बन सकता है प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के साथ। यह योजना सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उन करोड़ों भारतीयों के लिए आशा की किरण है जो एक अदद छत के नीचे सुकून की जिंदगी जीना चाहते हैं।
भारत सरकार का “सबके लिए घर” का ये लक्ष्य कैसे बदल रहा है लाखों जिंदगियां? क्या यह वाकई में संभव है कि हर भारतीय के पास अपना घर हो? और इस सपने को साकार करने में PMAY की क्या भूमिका है?
शहरी और ग्रामीण, दोनों ही इलाकों में कैसे आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं, आइए जानते हैं भारती फास्ट न्यूज़ पर। हम इस योजना के हर पहलू को बारीकी से देखेंगे, ताकि आप सही जानकारी के साथ आगे बढ़ सकें।

सरकार का लक्ष्य “Housing for All” यानी हर परिवार के सिर पर पक्का छत देना है, और इसी उद्देश्य से PM आवास योजना क्या है वाला सवाल हर घर और गांव–शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। PMAY के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के बेघर या कच्चे/जर्जर घरों में रहने वाले परिवारों को मुफ्त/सब्सिडी वाली ग्रांट से पक्का घर दिया जाता है, जबकि शहरों में EWS–LIG–MIG आय वर्ग को होम लोन पर ब्याज सब्सिडी और पक्का मकान के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। PMAY-G (Gramin) की समय–सीमा को बढ़ाकर 2028–29 तक ले जाया गया है, जिसमें 2 करोड़ ग्रामीण घर और PMAY-U 2.0 के तहत शहरी गरीब और lower/middle income परिवारों को लक्षित किया जा रहा है।
PM आवास योजना क्या है? – स्कीम की मूल संरचना (PMAY-G और PMAY-U 2.0)
PM आवास योजना क्या है समझने के लिए दो हिस्सों को अलग–अलग समझना ज़रूरी है – PMAY-G (Gramin) और PMAY-U 2.0 (Urban)।
1. PMAY-G – ग्रामीण (गांव के लिए)
उद्देश्य: कच्चे या जर्जर घरों में रहने वाले ग्रामीण परिवारों को कम से कम 25 वर्ग मीटर का पक्का घर देना।
लक्षित लाभार्थी: SECC 2011 डेटा के आधार पर houseless या केवल 0–1–2 कमरों के कच्चे घर वाले परिवार।
फंडिंग: केंद्र और राज्य सरकार मिलकर – प्रति घर लगभग ₹1.20–1.30 लाख (साधारण क्षेत्र) और ₹1.30–1.50 लाख (पहाड़ी/कठिन क्षेत्र) + मनरेगा मजदूरी + स्वच्छ भारत शौचालय सहायता।
2. PMAY-U 2.0 – शहरी (शहर के लिए)
उद्देश्य: EWS/LIG/MIG शहरी परिवारों को Affordable Housing और होम लोन पर ब्याज सब्सिडी देना।
स्कीम के प्रमुख verticals:
In-situ slum redevelopment
Credit Linked / Interest Subsidy Scheme (ISS – पहले CLSS)
Affordable Housing in Partnership (AHP)
Beneficiary-led individual house construction/enhancement।
PMAY-U 2.0 के तहत 4% interest subsidy ISS मॉडल – आय ≤ ₹9 लाख, loan ≤ ₹25 लाख, property value ≤ ₹35 लाख आदि सीमाएँ तय की गई हैं।
सिंपल भाषा में:
गांव में – सरकार खुद पक्का घर बनवाने के लिए किस्तों में पैसा देती है।
शहर में – सरकार आपके home loan पर ब्याज में भारी सब्सिडी देती है और कुछ cases में सीधी subsidy/सहायता भी।
PM आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) – किसे मिलेगा घर, कितनी मिलेगी मदद?
PMAY-G: कौन–कौन पात्र हैं? (Eligibility – ग्रामीण)
ग्रामीण eligibility मुख्यतः deprivation score और SECC 2011 list पर आधारित है।
मुख्य पात्रता बिंदु (साधारण भाषा में):
परिवार के पास कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए या सिर्फ़ 0–1–2 कमरे वाला कच्चा/जर्जर मकान।
परिवार SECC 2011 डेटा में houseless या kachcha घर category में होना चाहिए।
प्राथमिकता उन परिवारों को:
जिनके घर में 16–59 वर्ष के बीच कोई वयस्क सदस्य नहीं।
जिनके घर में 25+ वर्ष का कोई साक्षर सदस्य नहीं।
महिला–प्रधान परिवार, जिसमें सभी सदस्य 16–59 वर्ष से बाहर हों।
विकलांग सदस्य सहित घर, जिसमें कोई सक्षम वयस्क न हो।
भूमि–हीन मजदूर परिवार, जो mostly casual labour से कमाते हैं।
परिवार सरकार में नौकरी न करता हो, आयकर/प्रोफेशन टैक्स न भरता हो, ट्रैक्टर/चार–पहिया/महंगे assets न हों आदि (डिटेल SECC parameters)।
PMAY-G: कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
घर का न्यूनतम आकार – 25 वर्ग मीटर (शौचालय सहित)।
प्रति घर वित्तीय सहायता:
सामान्य क्षेत्र: लगभग ₹1.20 लाख।
पहाड़ी/कठिन क्षेत्र: लगभग ₹1.30–1.50 लाख (राज्य share पर निर्भर)।
अतिरिक्त सहायता:
मनरेगा के तहत 90–95 दिन की मजदूरी का भुगतान (मजदूरी समर्थन)।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए अलग से राशि।
PMAY-G: आवेदन और लिस्ट में नाम कैसे देखें?
ऑनलाइन प्रक्रिया (सरलीकृत):
आधिकारिक PMAY-G पोर्टल या UMANG ऐप पर जाएं।
“Stakeholder” / “IAY/PMAY-G Beneficiary” विकल्प से अपने आधार/रजिस्ट्रेशन नंबर से स्थिति देखें।
नया आवेदन आमतौर पर ग्राम पंचायत/ब्लॉक ऑफिस के माध्यम से – गांव की ग्राम सभा में प्राथमिकता लिस्ट तय, फिर ऑनलाइन entry।
लिस्ट कैसे देखें:
pmawasgraminlist या आधिकारिक पोर्टल पर “Beneficiary List / Awaas Soft” के लिंक से अपने राज्य–जिला–ब्लॉक–ग्राम चुनकर देख सकते हैं कि आपका या आपके गांव का नाम list में है या नहीं।
इतिहास के पन्नों से: कैसे शुरू हुआ ‘अपना घर’ का सफर?
क्या आपको पता है, भारत में घर बनाने की सरकारी कोशिशें कितनी पुरानी हैं? दरअसल, यह सिलसिला आजादी के बाद से ही चला आ रहा है। वक्त के साथ नीतियां बदलीं, नजरिया बदला, लेकिन मकसद वही रहा – हर भारतीय को घर मुहैया कराना।
आजादी के बाद से चली आ रही आवास योजनाओं का एक छोटा सा दौरा करें तो, हम 1957 का ग्राम आवास कार्यक्रम देखते हैं। फिर आई इंदिरा आवास योजना (IAY), जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों को घर देने का प्रयास किया। ये योजनाएं अपनी जगह पर महत्वपूर्ण थीं, लेकिन वक्त के साथ इनकी कमियां सामने आने लगीं।
लेकिन, 2011 की जनगणना ने बताया – अभी भी करोड़ों लोग बिना पक्के घर के हैं! यह आंकड़ा चौंकाने वाला था। इससे साफ हो गया कि हमें कुछ नया, कुछ बड़ा करने की जरूरत है।
और यहीं से शुरू हुई प्रधानमंत्री आवास योजना की कहानी (जून 2015 में)। एक नए लक्ष्य और नई उम्मीदों के साथ। यह योजना सिर्फ पुरानी योजनाओं का विस्तार नहीं थी, बल्कि एक नई सोच के साथ आई थी।
PM आवास योजना शहरी (PMAY-U 2.0) – ब्याज सब्सिडी, पात्रता और लाभ
अब देखें शहरी हिस्से में PM आवास योजना क्या है – यानी PMAY-U 2.0।
PMAY-U 2.0: Eligibility (किसे लाभ?)
पीएम आवास योजना शहरी में आमतौर पर ये basic conditions रहती हैं:
लाभार्थी भारतीय नागरिक हो।
परिवार (पति–पत्नी–अविवाहित बच्चे) के नाम पर भारत में कहीं भी पक्का घर न हो।
Statutory towns और बाद में अधिसूचित शहरी क्षेत्रों में घर बनवाना या खरीदना।
परिवार EWS/LIG/MIG/ISS capped income limit के भीतर हो – नए ISS norms के अनुसार:
Income ≤ ₹9 लाख (संयुक्त household income)।
PMAY-U 2.0: Interest Subsidy Scheme (ISS) – कितना लाभ?
नए PMAY-U 2.0 – ISS के मुख्य बिंदु:
Household income: ≤ ₹9 लाख।
Home loan amount: ≤ ₹25 लाख।
Property value: ≤ ₹35 लाख।
Carpet area: ≤ 120 sqm (non-metro/metro दोनों के लिए broadly affordable definition)।
Interest subsidy: 4% सिर्फ़ पहले ₹8 लाख loan पर, बाकी राशि पर normal rate।
Max subsidy benefit लगभग ₹1.8 लाख तक (NPV capped)।
Subsidy बैंक/हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के माध्यम से loan account में directly adjust होती है, अक्सर 5 साल में किस्तों की तरह credit।
साधारण भाषा में – अगर आप शहरी इलाके में पहला घर खरीद रहे हैं, आपकी family income ≤ ₹9 लाख है और आप ₹25 लाख या उससे कम का home loan लेते हैं, तो PMAY-U 2.0 के तहत आपको loan पर करीब ₹1.5–1.8 लाख तक subsidy मिल सकती है, जिससे EMI काफी कम हो जाती है।
PM आवास योजना में आवेदन कैसे करें? – शहरी व ग्रामीण दोनों का Process
1. PMAY-G (ग्रामीण) – आवेदन प्रक्रिया (सरल रूप में)
PM आवास योजना क्या है ग्रामीण संस्करण में, आवेदन का मुख्य चैनल ग्राम पंचायत/ब्लॉक स्तर है।
SECC 2011 डेटा और ग्राम सभा के आधार पर प्राथमिकता सूची बनती है।
ग्राम पंचायत/ब्लॉक ऑफिस द्वारा AwaasSoft/PMAY-G पोर्टल में लाभार्थी का registration।
आधार, बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर और घर की स्थिति की geo-tagged फोटो upload।
जिले/राज्य स्तर पर verification के बाद beneficiary को स्वीकृति और किस्तों में राशि DBT के जरिए भेजी जाती है।
Beneficiary को घर निर्धारित समय (आमतौर पर 12–18 महीने) में पूरा करना होता है।
ऑनलाइन स्टेटस: UMANG, PMAY-G portal या खास websites से आधार/रजिस्ट्रेशन नंबर द्वारा स्थिति और किस्त status देख सकते हैं।
2. PMAY-U (Urban) – आवेदन प्रक्रिया
शहरी PM आवास योजना क्या है, इसे practically समझने के लिए application steps देखें।
Option A – सीधा ऑनलाइन Portal से (Self-Construction/Loan):
pmaymis.gov.in या pmay-urban.gov.in पर जाएं।
“Citizen Assessment” / “Eligibility Check” में आधार नंबर डालकर basic eligibility जांचें।
Online form में family details, income, वर्तमान residence और proposed house location भरें।
Aadhaar, income proof, no–pucca–house declaration, caste/minority certificate (यदि लागू) जैसे documents upload करें।
Option B – Bank/Housing Finance Company के जरिए (Loan + Subsidy):
Eligible borrower अपने preferred bank/HFC से home loan apply करे।
Bank borrower की PMAY-U 2.0 ISS eligibility check करके NHB/HUDCO/CLSS nodal agency को subsidy claim forward करता है।
Subsidy sanctioned होने पर रकम सीधे loan account में adjust हो जाती है और borrower की effective EMI कम हो जाती है।
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PM आवास योजना के लिए मुख्य Documents – एक नज़र में
Private banks और official guides के मुताबिक़ PMAY के लिए broadly ये documents ज़रूरी हैं:
Aadhaar card (सभी family members के लिए)।
Identity proof: PAN, Voter ID, Driving licence आदि।
Address proof: Ration card, electricity bill, rent agreement आदि।
Income proof:
Salary slip/ITR (urban loan cases)
Income certificate / BPL certificate (EWS/LIG/PMAY-G cases)।
“No pucca house” self-declaration/affidavit।
Caste certificate (SC/ST/OBC/minority) यदि लागू।
Bank account details और consent for DBT।
Property documents / land record (self-construction/extension cases)।
PM आवास योजना का लाभ – गांव vs शहर (संक्षिप्त तुलना)
| पहलू | PMAY-G (ग्रामीण) | PMAY-U 2.0 (शहरी) |
|---|---|---|
| लक्ष्य | ग्रामीण गरीब को पक्का घर | शहर के EWS/LIG/MIG को सस्ता घर/loan subsidy |
| सहायता का प्रकार | सीधी ग्रांट + मनरेगा + शौचालय सहायता | Home loan पर ब्याज सब्सिडी + कुछ cases में direct सहायता |
| राशि | ~₹1.2–1.5 लाख + मजदूरी | max ~₹1.8 लाख तक subsidy (loan पर) |
| eligibility आधार | SECC list + deprivation score | no pucca house, आय ≤ ₹9 लाख, property/loan caps |
| आवेदन | ग्राम पंचायत/PMAY-G portal | PMAY portal + bank/HFC – ISS के ज़रिए |
Conclusion: PM आवास योजना क्या है – पक्का घर अब सपना नहीं, योजना के जरिए हक़
PM आवास योजना क्या है का सीधा जवाब यह है कि यह सिर्फ़ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि उन करोड़ों परिवारों के लिए “जीवन स्तर सुधारने का टूल” है, जो अभी तक कच्चे या जर्जर घरों में रह रहे हैं या किराए के घर से अपना घर बनाने की राह देख रहे हैं। PMAY-G के ज़रिए गांवों में 25 वर्ग मीटर तक पक्का घर और PMAY-U 2.0 के ज़रिए शहरों में होम लोन पर 4% तक ब्याज सब्सिडी जैसी सुविधाएँ देकर सरकार “Housing for All” के लक्ष्य को तेज़ी से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
यदि आप eligibility criteria, दस्तावेज़ और आवेदन प्रक्रिया को अच्छी तरह समझकर अगले कुछ महीनों में सही चैनल (ग्राम पंचायत/बैंक/पोर्टल) के ज़रिए आवेदन करते हैं, तो आपका खुद का पक्का घर अब सिर्फ़ “कागज़ों की योजना” नहीं, बल्कि अगले कुछ सालों में हकीकत भी बन सकता है। यही इस स्कीम का सबसे बड़ा संदेश है।
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FAQ – PM आवास योजना क्या है? (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. PM आवास योजना क्या है और इसके कितने प्रकार हैं?
A: PM आवास योजना (PMAY) “Housing for All” मिशन के तहत गरीब और निम्न/मध्यम आय वर्ग को पक्का घर देने के लिए बनी है। इसके दो मुख्य प्रकार हैं – PMAY-G (Gramin) ग्रामीण क्षेत्रों के लिए और PMAY-U 2.0 (Urban) शहरों के लिए।
Q2. PMAY-G (ग्रामीण) के तहत किसे पक्का घर मिलता है?
A: जिन ग्रामीण परिवारों के पास कोई पक्का घर नहीं है या सिर्फ़ 0–1–2 कमरे वाला कच्चा/जर्जर मकान है, और जो SECC 2011 में deprivation category में हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है। महिला–प्रधान, SC/ST, विकलांग सदस्य वाले और भूमिहीन मजदूर परिवार भी प्राथमिकता में रहते हैं।
Q3. PMAY-G में कितनी राशि मिलती है?
A: सामान्यत: प्रति घर लगभग ₹1.20–1.30 लाख (साधारण क्षेत्र) और लगभग ₹1.30–1.50 लाख (पहाड़ी/कठिन क्षेत्र) तक सहायता दी जाती है, साथ ही मनरेगा मजदूरी और शौचालय के लिए अलग सहायता भी मिलती है।
Q4. PMAY-U 2.0 (शहरी) में क्या लाभ मिलता है?
A: शहरी योजना में eligible family को home loan पर 4% तक की interest subsidy मिलती है, जो loan के पहले ₹8 लाख हिस्से पर लागू होती है, maximum लाभ लगभग ₹1.8 लाख तक होता है। यह सुविधा income ≤ ₹9 लाख, loan ≤ ₹25 लाख और property value ≤ ₹35 लाख जैसे parameters के भीतर उपलब्ध है।
Q5. PM आवास योजना के लिए आवेदन कहाँ करें?
A: ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत/ब्लॉक कार्यालय के माध्यम से PMAY-G पोर्टल पर; शहरी क्षेत्र में pmaymis.gov.in / pmay-urban.gov.in पोर्टल या सीधे bank/housing finance company के जरिए loan + subsidy model से आवेदन किया जा सकता है।
Q6. PMAY में जरूरी documents कौन–कौन से हैं?
A: आधार कार्ड, पहचान–पत्र (PAN/Voter ID), address proof, income proof (salary slip/ITR/BPL certificate), “no pucca house” self-declaration, caste/minority certificate (यदि लागू), बैंक passbook, और property/land documents (जहाँ आवश्यक हो)।
Disclaimer:
यह लेख विभिन्न सरकारी पोर्टल्स और विश्वसनीय फाइनेंशियल/हाउसिंग साइट्स पर उपलब्ध गाइडलाइंस के आधार पर तैयार किया गया है। वास्तविक पात्रता, राशि और प्रक्रिया राज्य–वार और समय–समय पर जारी होने वाले सरकारी आदेशों पर निर्भर करती है। पाठक किसी भी आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट (pmay-urban.gov.in, pmaymis.gov.in, PMAY-G पोर्टल, myscheme.gov.in) और स्थानीय निकाय/बैंक से जानकारी अवश्य सत्यापित करें।














