नीरज चोपड़ा को मिली बड़ी सम्मानजनक जिम्मेदारी – बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल
भारतीय खेल जगत के चमकदार सितारे, दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट और जावेलिन थ्रो के विश्व रिकॉर्ड होल्डर नीरज चोपड़ा को भारतीय सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर अप्वॉइंट किया गया है। इस सम्मान को गुरुवार 22 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की उपस्थिति में औपचारिक रूप से दिया गया। यह पदभार न केवल नीरज की खेल उपलब्धियों की मान्यता है, बल्कि भारतीय सेना की खेलों और युवा प्रतिभाओं के प्रति सम्मान का भी प्रतीक है।
नीरज चोपड़ा ने अप्रैल 2025 में तेरिटोरियल आर्मी में इस पद का आधिकारिक योगदान प्राप्त किया था, लेकिन अब उनका पिपिंग समारोह हुआ, जिसमें उनके नये पद का परिचय दिलाया गया ।
भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा बने लेफ्टिनेंट कर्नल, देशभर में खुशी की लहर
हरियाणा के पानीपत जिले के खंडरा गांव में जन्मे नीरज चोपड़ा ने 2016 में भारतीय सेना की राजपूताना राइफल्स में नायब सूबेदार के रूप में सेवा शुरू की।
प्रमुख उपलब्धियां:
टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत का पहला एथलेटिक्स गोल्ड मेडल
पेरिस ओलंपिक 2024 में सिल्वर मेडल
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 का गोल्ड
एशियाई खेलों (2018, 2023) और कॉमनवेल्थ गेम्स (2018) में गोल्ड मेडल
डायमंड लीग की ख़िताबें
2025 में चैम्पियनशिप में रिकॉर्ड 90.23 मीटर थ्रो
नीरज को 2018 में अर्जुन अवॉर्ड, 2021 में खेल रत्न, 2022 में पद्मश्री, परम विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल सहित कई राष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हुए हैं।
उनकी सैन्य सेवा में भी लगातार पदोन्नति हुई, और वे 2022 में सूबेदार मेजर बने ।
लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद पदभार: सेना का विशिष्ट सम्मान
लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) पदभार नीरज चोपड़ा को अब भारतीय सेना द्वारा विशेष रूप से सुव्यवस्थित खेल और सेवा में योगदान के लिए प्रदान किया गया है। यह पद सम्मान का प्रतीक है जो सेना खेलों और देशभक्ति के प्रतिमूर्ति को पहचानता है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
राजनाथ सिंह ने नीरज को संबोधित करते हुए कहा: “नीरज चोपड़ा लगन, समर्पण तथा देशभक्ति का उच्चतम आदर्श हैं। उनकी उपलब्धियां युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। यह पदभार उनकी मेहनत और देश के प्रति समर्पण का सम्मान है।”
उन्होंने युवा खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि सेना खेलों की व्यक्तिगत और राष्ट्रीय गतिशीलता दोनों को बढ़ावा देती है ।
क्या है नीरज का सैनिक करियर?
नीरज चोपड़ा का सैन्य सफर 2016 में शुरू हुआ। उन्होंने महारत हासिल करते हुए एवरेज में पदोन्नति पाई है। यह मानद पदभार भारतीय सेना के खेल प्रोत्साहन कार्यक्रम का हिस्सा है, जो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सेना से जोड़कर उनका उत्साह बढ़ाता है।
सैन्य पदोन्नति की क्रमिकता:
2016: नायब सूबेदार
2018: सूबेदार
2022: सूबेदार मेजर
2025: लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद)
लीडरशिप, अनुशासन, और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्टता को देखते हुए एनाउंसमेंट किया गया। नीरज की सेवा ने सेना के प्रति उनकी वफादारी और समर्पण को सिद्ध किया है ।
युवा पीढ़ी के लिए उदाहरण और प्रेरणा
नीरज चोपड़ा भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो खेल और सेवा में उत्कृष्टता के संगम को दर्शाते हैं। उनकी सफलता ने दिखाया है कि कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और देशभक्ति के साथ हर क्षेत्र में उच्चतम लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
युवाओं के लिए प्रेरक पहलू:
ओलंपिक स्तर पर असाधारण प्रदर्शन
सेना के साथ जुड़कर राष्ट्र सेवा
राष्ट्रीय पुरस्कारों की श्रृंखला
समाज में खेलों की महत्ता का प्रचार
नीरज का सफर यह भी बताता है कि खेल और राष्ट्र सेवा एक साथ चल सकते हैं, और वे युवा खिलाड़ियों को यह संदेश देते हैं कि देश के प्रति अपना कर्तव्य निभाना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना खेल में सफलता।
भारतीय सेना में शारीरिक और मानसिक फिटनेस की भूमिका
नीरज के सैन्य पदभार से यह भी परिलक्षित होता है कि भारतीय सेना शारीरिक और मानसिक फिटनेस को कितना महत्व देती है। सेना में अनुशासन, समर्पण, रणनीतिक सोच और तकलीफ सहने की क्षमता आवश्यक है।
नीरज ने अपने करियर में यह सिद्ध किया है कि ये गुण खेल और सैन्य जीवन दोनों में सफलता के लिए आवश्यक हैं। उनका लेफ्टिनेंट कर्नल बनना युवा खिलाड़ियों को सेना के प्रति आकर्षित करने वाली ताकत बन सकता है।
सेना और खेल के बीच मजबूत कड़ी
भारतीय सेना ने हमेशा खेलों को उत्साहवर्धन दिया है। नीरज चोपड़ा की इस ऊँची पदवी से यह पहल और मजबूत हुई है। सेना के खेल प्रोत्साहन कार्यक्रम ने अनेक खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल बनाया है।
खेल और सेना के लाभ:
देशभक्ति के गुणों का विकास
मानसिक दृढ़ता और अनुशासन
टीम वर्क और नेतृत्व कौशल
राष्ट्रीय गौरव की अनुभूति
सेना में मानद पद देने से खिलाड़ियों को समाज में सम्मान मिलता है और भविष्य में सैन्य और खेल जगत के बीच सहयोग बढ़ता है ।
खुद नीरज चोपड़ा का बयान और भावनाएं
कीर्तिमान स्थापित करने वाले नीरज ने इस सम्मान पर खुशी जताई और कहा, “मेरे लिए यह सम्मान एक सपने के पूरा होने जैसा है। मैं भारतीय सेना का हिस्सा बनकर गर्व महसूस करता हूं। यह पदभार मेरे करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि यह देश के प्रति मेरे प्रेम और समर्पण को दर्शाता है।”
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि “अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत और समर्पण जरूरी है, और सेवा देश के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है।”
भविष्य की दिशा में नीरज चोपड़ा
नीरज चोपड़ा का यह पदभार उन्हें नई जिम्मेदारियां और अवसर देगा। वे अपनी खेल यात्रा के साथ-साथ भारतीय सेना के रूप में भी युवाओं के लिए आदर्श बनेंगे।
उनके आगामी लक्ष्य:
अंतरराष्ट्रीय खेलों में और पदक जीतना
भारतीय सेना में नई पहल करना
देश-विदेश में भारत का गौरव बढ़ाना
युवा पीढ़ी को प्रेरित करना
नीरज न केवल खेल और सेना के बीच सहयोग को मजबूत करेंगे बल्कि युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्तंभ भी बनाएंगे।

निष्कर्ष: नीरज चोपड़ा का भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल बनना सिर्फ एक पद नहीं बल्कि भारतीय युवा के लिए बेहद गर्व की बात है। यह उनके खेल और देश सेवा के समर्पण का प्रतीक है। नीरज ने यह दिखा दिया कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और देशभक्ति से हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
इस सम्मान से नीरज के जीवन की नई शुरुआत होगी और वे भारतीय सेना और खेल जगत की शान बढ़ाएंगे।
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