क्या चाँदी के दाम रचेंगे नया इतिहास? आज का सिल्वर रेट और 2026 का पूरा अनुमान
क्या चाँदी के दाम रचेंगे नया इतिहास? – यह सवाल हर निवेशक के मन में घूम रहा है क्योंकि 2025 में चाँदी ने सोने को पीछे छोड़ते हुए 180%+ रिटर्न दिया है। आज 27 दिसंबर 2025 को दिल्ली में चाँदी का रेट ₹2,33,000 प्रति किलो (10 ग्राम ₹2,330) पर ट्रेड कर रही है, जो पिछले 10 दिनों में ₹45,000+ की रॉकेट जैसी उछाल दिखा चुकी है। Motilal Oswal जैसे ब्रोकरेज ने 2026 के अंत तक ₹2.4 लाख/kg का टारगेट दिया है, जबकि Axis Direct ₹2.6 लाख तक की भविष्यवाणी कर रहा है। Bharati Fast News लाया है आज के रेट्स, शहरवार भाव, निवेश रणनीति और expert predictions का पूरा विश्लेषण। चांदी… श्वेत धातु… सदियों से मानव सभ्यता का अभिन्न अंग। कभी मुद्रा, कभी आभूषण, तो कभी प्रौद्योगिकी की रीढ़, चांदी ने हर दौर में अपनी उपयोगिता साबित की है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आज, दिसंबर 2025 में, चांदी के दाम एक नया अध्याय लिखने की तैयारी में हैं? क्या यह सिर्फ एक क्षणिक उछाल है, या फिर एक स्थायी परिवर्तन की शुरुआत? आइए, Bharati Fast News के साथ, चांदी के इस दिलचस्प सफर पर एक नज़र डालें।

क्या चांदी के दाम आसमान छू रहे हैं? एक झलक आज के मार्केट पर!
चांदी, यह बहुमुखी तत्व, एक अजीब दोहरी भूमिका निभाता है। एक तरफ, यह हमारी माताओं और पत्नियों को सजाने वाला आभूषण है, शादियों और त्योहारों का प्रतीक। दूसरी तरफ, यह भविष्य की नींव है, एक ऐसी धातु जो सौर पैनलों से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों तक, हर आधुनिक तकनीक में अनिवार्य है।
दिसंबर 2025 में, हम देख रहे हैं कि चांदी के दाम ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छू रहे हैं। क्या यह सच में सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा? क्या यह बुलबुला फूट जाएगा, या फिर यह एक नई वास्तविकता है?
आज, 27 दिसंबर 2025 को: $79.16 – $79.57 USD प्रति औंस
भारतीय बाजार में: ₹240.10 प्रति ग्राम (₹2,40,100 प्रति किलोग्राम)
एक महत्वपूर्ण बात जो समझनी ज़रूरी है, वह है स्पॉट प्राइस और फिजिकल चांदी के बीच का अंतर। स्पॉट प्राइस सिर्फ एक बेंचमार्क है, जबकि फिजिकल चांदी, जिसे आप वास्तव में खरीदते हैं, उसमें डीलर का प्रीमियम भी शामिल होता है। यह प्रीमियम चांदी की उपलब्धता, मांग और डीलर के मार्जिन पर निर्भर करता है। इसलिए, यदि आप चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो इस अंतर को समझना बहुत ज़रूरी है।
चांदी का सुनहरा इतिहास: उतार-चढ़ाव भरी कहानी
चांदी का इतिहास किसी रोमांचक उपन्यास से कम नहीं है। यह मुद्रा के रूप में शुरू हुआ, फिर औद्योगिक धातु बना, और अब, यह ‘ग्रीन एनर्जी’ के भविष्य का प्रतीक है।
- 19वीं सदी से पहले: चांदी ‘असली मुद्रा’ थी। अमेरिकी बाईमेटालिक सिस्टम इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है। लेकिन, 1873 में, “क्राइम ऑफ 1873” नामक एक कानून ने चांदी के मान को कम कर दिया, जिससे एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया।
- 20वीं सदी की शुरुआत: युद्ध, मंदी और अमेरिकी सरकार के हस्तक्षेप से भरी थी। प्रथम विश्व युद्ध ने अस्थिरता फैलाई, जबकि ग्रेट डिप्रेशन में चांदी का दाम गिरकर $0.28 प्रति औंस तक पहुंच गया। 1934 में, सिल्वर परचेज एक्ट के माध्यम से सरकार ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की, लेकिन इसके परिणाम मिश्रित रहे।
- औद्योगिक क्रांति: ने चांदी की भूमिका को बदल दिया। यह गहनों से ज़्यादा मशीनों में इस्तेमाल होने लगी। 1965 में, अमेरिकी सिक्कों से चांदी को हटा दिया गया, जो इसकी मौद्रिक भूमिका के अंत का प्रतीक था।
- ‘सिल्वर बूम’ और ‘सिल्वर थर्सडे’: 1979-80 में, हंट ब्रदर्स नामक दो भाइयों ने चांदी में सट्टा लगाया, जिससे कीमतें $50 प्रति औंस तक पहुंच गईं। लेकिन, यह बुलबुला फूट गया, और बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई।
- 21वीं सदी: चांदी को नई चुनौतियों और नए अवसरों का सामना करना पड़ा। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट, कोविड-19 महामारी और ‘रेडिट सिल्वर स्क्वीज’ ने बाजार को हिलाकर रख दिया। सोशल मीडिया ने भी चांदी के दाम को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- ‘ग्रीन एनर्जी’ का असर: सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ‘ग्रीन एनर्जी’ का बढ़ता असर है। सौर ऊर्जा ने चांदी की मांग को फिर से जगा दिया है, जिससे इसकी चमक और बढ़ गई है।
मौजूदा राय और बहस: क्या चांदी में निवेश सुरक्षित है?
विशेषज्ञों की राय में, चांदी के दाम और निवेश का गणित एक जटिल समीकरण है। बुलिश निवेशक चांदी में ज़बरदस्त उछाल देख रहे हैं, जबकि अर्थशास्त्री चेतावनी दे रहे हैं कि यह आर्थिक संकट का संकेत हो सकता है।
बुलिश निवेशकों के तर्क:
- सप्लाई की कमी: खनन उत्पादन स्थिर है, जबकि मांग बेकाबू है।
- औद्योगिक मांग में वृद्धि: सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, AI और 5G चांदी की मांग को बढ़ा रहे हैं।
- महंगाई से बचाव: और डॉलर की कमजोरी के कारण चांदी का ‘सेफ हेवन’ स्टेटस बढ़ रहा है।
- गोल्ड-सिल्वर रेशियो: बताता है कि चांदी अभी भी सोने के मुकाबले सस्ती है।
अर्थशास्त्रियों की चेतावनी:
- आर्थिक मंदी का संकेत: पीटर शिफ और जॉन रैपले जैसे अर्थशास्त्रियों का मानना है कि चांदी की मौजूदा तेजी 1980 के दशक की आर्थिक मंदी की तरह है।
- ‘इजी मनी’ का दौर: उनका कहना है कि यह ‘इजी मनी’ का दौर है, और अब जोखिम बढ़ गया है।
- अस्थिरता का जोखिम: चांदी की कीमत में ऐतिहासिक रूप से अधिक उतार-चढ़ाव देखा गया है।
Bharati Fast News के अनुसार, दिसंबर 2025 में चांदी के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं, और इसके पीछे कई कारण हैं। लेकिन, निवेशकों को सतर्क रहने और जोखिमों को समझने की ज़रूरत है।
चांदी से जुड़े विवाद और जोखिम: चमक के पीछे की चुनौतियाँ
- उतार-चढ़ाव: सोने के मुकाबले चांदी ज़्यादा झटके देती है।
- ‘पेपर मार्केट’ का प्रभाव: कुछ लोगों का मानना है कि बैंक कीमतों को नियंत्रित करते हैं।
- औद्योगिक मांग पर मंदी का असर: वैश्विक आर्थिक मंदी चांदी की औद्योगिक मांग को कम कर सकती है।
- ‘थ्रिफ्टिंग’ तकनीक: निर्माता कम चांदी का उपयोग करते हैं, जो मांग को कम कर सकती है।
- केंद्रीय बैंकों की नीतियां: और ब्याज दरें भी चांदी के दाम को प्रभावित करती हैं।
- तकनीकी प्रगति: जैसे सोने के आंशिक स्वामित्व, चांदी की मौद्रिक मांग को कम कर सकती हैं।
चाँदी के दाम रचेंगे नया इतिहास – आज 27 दिसंबर 2025 के लेटेस्ट सिल्वर रेट्स (शहरवार)
चाँदी के बाजार में उछाल जारी है। चाँदी के दाम रचेंगे नया इतिहास का संकेत देते हुए आज के रेट्स इस प्रकार हैं।
मुख्य शहरों में आज का चाँदी का भाव (प्रति 10 ग्राम):
| शहर | चाँदी का रेट (₹) | दैनिक बदलाव |
|---|---|---|
| दिल्ली | 2,330 | +100 |
| मुंबई | 2,458 | +110 |
| कोलकाता | 2,450 | +90 |
| चेन्नई | 2,440 | +80 |
| भोपाल | 2,290 | +70 |
| जयपुर | 2,350 | +95 |

पिछले 15 दिनों का ट्रेंड (दिल्ली – 10 ग्राम):
26 दिसंबर: ₹2,400 (0%)
24 दिसंबर: ₹2,330 (+4.48%)
23 दिसंबर: ₹2,230 (+1.83%)
19 दिसंबर: ₹2,090 (-0.95%)
कुल: 10 दिनों में +₹45,000/kg उछाल!
MCX पर सिल्वर फ्यूचर्स ₹2,45,886/kg पर बंद हुए, जो All-Time High नज़दीक है।
चाँदी के दाम रचेंगे नया इतिहास – क्यों उछाल? 7 प्रमुख कारण
2025 में चाँदी ने ₹1 लाख से ₹2.33 लाख/kg का सफर तय किया। चाँदी के दाम रचेंगे नया इतिहास के पीछे ये फैक्टर्स हैं।
1. Industrial Demand Explosion (59% Global Use):
Solar panels, EV batteries, electronics, AI chips में चाँदी अनिवार्य। 2025 में solar demand 25%+ बढ़ी।
“Thrifting paradox” – कम इस्तेमाल करने से demand और बढ़ गई।
2. Global Supply Deficit (7th Year):
2021-2025: 70 करोड़ औंस कमी; 2026 में 100 करोड़+। Mining stagnation।
Backwardation + High EFP spreads = Physical tightness।
3. Fed Rate Cuts + Weak Dollar:
US Fed की 2025-26 rate cuts से safe-haven + industrial metal दोनों bull run।
Gold-Silver ratio 100 से 66 – Silver undervalued।
4. Rupee Depreciation:
USD/INR ₹90+ forecast – Import silver महंगा, local rates ऊपर।
5. ETF Inflows + Sovereign Buying:
Indian Silver ETFs 70%+ YTD; MCX futures boom।
6. Geopolitical Tensions:
Middle East, US-China trade war से safe-haven demand।
7. China Factor:
World’s largest silver consumer; stimulus से industrial boom।
आज का सिल्वर रेट vs ऐतिहासिक हाई – कितना बचा है नया रिकॉर्ड तोड़ने में?
चाँदी के दाम रचेंगे नया इतिहास – देखें past vs present।
Historical Peaks (MCX Silver/kg):
2011: ₹65,000
2020: ₹75,000
2025 ATH: ₹1,17,250 (Aug); अब ₹2,33,000+!
2025 Performance:
Jan: ₹1 लाख/kg
Dec: ₹2.33 लाख/kg (+133%)
Gold: +45%; Silver ने outperform किया।
Volatility Note: Silver gold से 1.7x तेज चलती है – High risk, high reward।
चाँदी के दाम 2026 में कहाँ? Top Brokerages की Predictions
Experts bullish हैं। चाँदी के दाम रचेंगे नया इतिहास के संकेत।
Motilal Oswal: ₹2.4 लाख (2026 end); $70/oz global + ₹90/INR।
Axis Direct: ₹2.6 लाख; Dip पर buy (₹1.7-1.8L)।
CA Rachana Ranade: 2026 mega rally; Solar/EV driver।
Vedanta Chairman: Structural bull run।
Sharad Kohli Panel: Gold-Silver ratio 50 तक; Massive upside।
Technical Targets:
Support: ₹2.1-2.2 लाख/kg
Resistance: ₹2.46 लाख (2026 mid)
Long-term: ₹3 लाख+ (2030)।
Risks: Fed pause, China slowdown, Rupee strength।
भविष्य की ओर: क्या चांदी वाकई रचेगी नया इतिहास?
2026 और उसके बाद, चांदी के दाम का भविष्य अनिश्चित है, लेकिन कुछ रुझान स्पष्ट हैं।
सप्लाई डेफिसिट
नई खदानों की कमी, अयस्क की ग्रेड में गिरावट और निवेश का अभाव।
औद्योगिक मांग
सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, AI, 5G और सेमीकंडक्टर से ‘महा-उछाल’ की उम्मीद।
प्रतिस्थापन का अभाव
चांदी का कोई सच्चा और प्रभावी प्रतिस्थापन नहीं है, जो इसकी मांग को बनाए रखेगा।
भू-राजनीतिक तनाव & डी-डॉलराइज़ेशन
केंद्रीय बैंक चांदी खरीद रहे हैं, और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद है, जो गैर-उपज वाली संपत्ति के लिए अच्छा संकेत है। डॉलर की कमजोरी और ETF निवेश भी वैश्विक बाजार को मजबूत सपोर्ट दे रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुमान
UBS, BofA, Goldman Sachs, Citi और रॉबर्ट कियोसाकी जैसे विशेषज्ञों ने $100-$300 प्रति औंस तक के लक्ष्य रखे हैं।
Bharati Fast News का अनुमान है कि चांदी की रिकॉर्ड तोड़ रैली जारी रहने की संभावना है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की ज़रूरत है।

चाँदी में निवेश कैसे करें? SIP, ETF, Physical – Best Strategy 2026 के लिए
चाँदी के दाम रचेंगे नया इतिहास तो सही समय पर entry लें।
Investment Options:
| तरीका | फायदे | नुकसान | 2026 टिप |
|---|---|---|---|
| Physical Silver | Tangible, 99.9% pure | Storage, making charges (8-12%) | Coins/Bars; Hallmark check |
| MCX Futures | Leverage, backwardation profit | High volatility | Short-term traders |
| Silver ETFs | Easy, no storage | 0.5-1% expense ratio | Mirae/ HDFC Silver ETF; SIP mode |
| Digital Silver | Phone pe buy/sell | Platform risk | Groww/Zerodha; Start ₹100 |
| Silver FoF | Diversified | Paused inflows (tightness) | Wait for reopen |
SIP Strategy: ₹5,000/month; Dip पर extra। 2026 target 30-50% return।
Exit Rule: ₹2.4L+ पर partial book; Trail stops।
Gold vs Silver 2026 – कौन देगा ज़्यादा रिटर्न? Expert Comparison
चाँदी के दाम रचेंगे नया इतिहास या Gold? Comparison।
Silver Upside: 30-100% (₹2.4-3L)
Gold: 15-25% (₹1.1-1.3L/10g)
Ratio Target: 50 (अभी 66)
Silver volatility high लेकिन outperformance history।
Portfolio Allocation: 40% Gold, 60% Silver (aggressive)।

चाँदी खरीदने का सही समय? Technical + Fundamental Signals
Buy Signals:
RSI oversold (<40)
Gold-Silver ratio >70
MCX support ₹2.1L+
Fed cut confirmation।
2026 Roadmap: Q1 consolidation, Q2 rally (solar demand), Q4 peak।
Conclusion: चाँदी के दाम रचेंगे नया इतिहास – तैयार रहें 2026 Rally के लिए
हाँ, चाँदी के दाम रचेंगे नया इतिहास! आज ₹2.33 लाख/kg से 2026 में ₹2.4-2.6 लाख तक का सफर तय है – Industrial boom, supply crunch और weak rupee के दम पर। SIP/ETF से entry लें, dips buy करें और volatility handle करें। 180% 2025 returns के बाद 2026 भी bumper year साबित होगा।
Disclaimer: निवेश सलाह नहीं। Market risks apply। Expert से परामर्श लें। यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। चांदी या किसी भी कमोडिटी में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें। बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम रहता है।












