स्वास्थ्य बीमा विवादों से जूझते मरीजों को राहत, AHPI-Star Health समझौते के बाद अस्पतालों में कैशलेस सेवा फिर से शुरू होगी, पढ़ें पूरी न्यूज़।
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स्वास्थ्य बीमा विवाद के बाद राहत: AHPI-Star Health समझौते से 10 अक्टूबर से कैशलेस सेवा पुनः चालू होगी, पढ़ें पूरी न्यूज़।
कैशलेस सेवाओं के रुकने से मरीजों को हुआ भारी नुकसान
देश के कई अस्पतालों में बीमा विवाद के कारण कैशलेस सेवाएं बंद हो गईं थीं, जिससे लाखों मरीज आर्थिक रूप से प्रभावित हुए। मरीजों को इलाज हेतु स्वयं भुगतान करना पड़ा, जो उनके लिए एक बड़ी समस्या बन गई। इससे परिवारों की आर्थिक कमजोरी और स्वास्थ्य संकट दोनों बढ़ गए। अस्पताल समूहों और बीमा कंपनी Star Health के बीच टैरिफ और क्लेम के मामलों पर मतभेद की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई थी।
AHPI और Star Health के बीच विवाद का कारण और समाधान
AHPI ने Star Health पर पॉलिसी के टैरिफ में गड़बड़ी और देर से भुगतान का आरोप लगाया था। इसके जवाब में Star Health ने कुछ अस्पतालों की कैशलेस सेवा पर अस्थायी रोक लगाई थी। विवाद के बीच कई मरीज इलाज के लिए परेशान हुए। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच लंबे संवाद के बाद अब सहमति बन गई है और 10 अक्टूबर से कैशलेस सेवाएं पुनः शुरू होंगी।
कैशलेस सेवा पुनः शुरू होने का मरीजों पर प्रभाव
इस फैसले से मरीजों को आर्थिक राहत मिलेगी। इमरजेंसी या नियमित इलाज के दौरान उन्हें भारी रकम जमा नहीं करनी पड़ेगी। यह सेवा विशेषकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के लिए फायदेमंद होगी। कैशलेस सुविधा की पुनर्प्राप्ति से अस्पताल और बीमा कंपनियों के बीच संबंध भी सुधरेंगे।
अस्पताल समूह की मांग – स्वतंत्र स्वास्थ्य बीमा रेगुलेटर
बीमा विवादों से बचाव के लिए अस्पताल समूह ने एक स्वतंत्र रेगुलेटर बनाने की मांग भी की है। जो मरीज, अस्पताल और बीमा कंपनियों के अधिकारों की रक्षा कर सके। रेगुलेटर विवादों के त्वरित समाधान और क्लेम प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा, जिससे मरीजों का भरोसा बढ़ेगा।

Star Health का कथन और भविष्य की योजनाएं
Star Health ने बताया कि वे मरीजों की भलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। कंपनी ने कैशलेस सेवा पुनर्स्थापित कर मरीजों की समस्याओं का निवारण करने में तत्परता दिखाई है। वे भविष्य में क्लेम पेमेंट प्रक्रिया को और अधिक आसान और त्वरित बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्या करें मरीज – कैशलेस सुविधा का सुरक्षित उपयोग
इलाज से पहले पॉलिसी के नियम अच्छी तरह समझें।
क्लेम के लिए आवश्यक डाक्यूमेंट्स का पूरा रिकॉर्ड रखें।
जरूरत पड़े तो AHPI या Star Health के ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करें।
ऑनलाइन शिकायत प्रणाली का इस्तेमाल करें।
सरकार का संभावित कदम
सरकार से उम्मीद है कि वह मरीजों और अस्पतालों के हित में स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र की बेहतर निगरानी के लिए प्रभावी नियामक तंत्र विकसित करेगी। जिससे भविष्य में इस तरह के विवादों से बचा जा सके।
विवाद से जुड़े प्रमुख अस्पताल और पूरा मामला
इस विवाद में देश के बड़े-बड़े अस्पताल समूहों ने हिस्सा लिया था। प्रमुख रूप से विवादित अस्पताल समूहों में हैं:
Apollo Hospitals
Fortis Healthcare
Max Healthcare
Narayana Health
Manipal Hospitals
Medanta The Medicity
इन अस्पतालों ने AHPI के माध्यम से Star Health Insurance के खिलाफ क्लेम रिजेक्शन, कैशलेस क्लेम में विलंब, और टैरिफ रिवीजन न करने की समस्या उठाई। Star Health अपनी पॉलिसियों के तहत क्लेम्स पर डाटा सत्यापन प्रक्रिया को कड़ा कर रहा था और समय-सीमा में भुगतान करने में देरी हो रही थी, जिसके कारण अस्पतालों को सीधे वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा था।
AHPI क्या है?
AHPI का पूरा नाम है Association of Healthcare Providers (India)। यह भारत का एक प्रमुख और सबसे बड़ा अस्पतालों और हेल्थकेयर प्रदाताओं का संगठन है, जो देशभर के लगभग 15,000 अस्पतालों का प्रतिनिधित्व करता है। AHPI का मुख्य उद्देश्य भारत में हेल्थकेयर सेवा के मानकों को सुधारना, अस्पतालों के हितों की रक्षा करना, और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
AHPI की प्रमुख भूमिकाएं और कार्य:
अस्पतालों का प्रतिनिधित्व: AHPI सदस्य अस्पतालों के लिए नीतिगत बदलावों, नई स्वास्थ्य योजनाओं और बीमा मुद्दों में आवाज़ उठाता है।
बीमा कंपनियों के साथ तालमेल: यह अस्पतालों और हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों के बीच सामंजस्य स्थापित करने का कार्य करता है ताकि मरीजों को बेहतरीन सेवा मिल सके।
हेल्थकेयर सुधार: अस्पतालों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और मरीजों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर उपाय करता है।
नीतिगत सलाहकार: सरकार और स्वास्थ्य विभाग को नीतिगत सुझाव देता है ताकि हेल्थकेयर क्षेत्र में सुधार हो।
शिकायत निवारण: मरीजों और अस्पतालों के बीच उत्पन्न विवादों का समाधान कराने में मदद करता है, विशेषकर हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम संबंधित मामलों में।
सक्षिप्त में पूरा मामला
सितंबर 2025 में AHPI ने Star Health को नोटिस जारी किया और चेतावनी दी कि अगर समय पर क्लेम्स का भुगतान और टैरिफ संशोधन न किया गया तो वे 22 सितंबर से Star Health के कैशलेस क्लेम सेवा को रोक देंगे। इस कदम का सीधा प्रभाव मरीजों और अस्पतालों दोनों पर पड़ा। मरीजों को इलाज के दौरान भारी रकम अदा करनी पड़ी, जिससे इलाज में बाधा आई और अस्पतालों के कई विभागों में कैशलेस सुविधाएं पूरी तरह ठप्प हो गईं।
Star Health ने पहले तो इस नोटिस को चुनौती दी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों ने बातचीत शुरू की। इस बातचीत के दौरान कई मुद्दों जैसे टैरिफ रेट, क्लेम प्रोसेसिंग टाइमलाइन, और डॉक्युमेंटेशन प्रक्रिया को लेकर समझौता हुआ।
इस डील के तहत 10 अक्टूबर 2025 से अस्पतालों में कैशलेस क्लेम सेवाएं पुनर्स्थापित हो रही हैं, और बाकी बचे मुद्दों को अक्टूबर अंत तक सुलझाने का समय मिला है। इसके साथ ही AHPI और Star Health ने मरीजों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और भविष्य में इस तरह के विवाद न होने देने के लिए एक संयुक्त समिति बनाए जाने पर भी सहमति जताई है।
Disclaimer: यह लेख नवीनतम मीडिया रिपोर्टों, आधिकारिक बयानों और विशेषज्ञों की जानकारी पर आधारित है। स्वास्थ्य बीमा संबंधी किसी भी व्यक्तिगत समाधान के लिए संबंधित कंपनी या अस्पताल से संपर्क करें। Bharati Fast News कानूनी या वित्तीय सलाह प्रदान नहीं करता।
आग्रह और आपके अमूल्य सुझाव
आशा है यह जानकारी कैशलेस सर्विस पुनः शुरू होने और बीमा विवादों के समाधान पर आपके लिए उपयोगी साबित हुई होगी। अपने अनुभव, सुझाव या प्रश्न कमेंट सेक्शन में साझा करें। बेहतर और भरोसेमंद खबरों के लिए Bharati Fast News को फॉलो करें और इस पोस्ट को अपने नेटवर्क में जरूर शेयर करें।












