भारतीय सर्राफा बाजार में आज हाहाकार मचा हुआ है। चांदी की कीमतों में एक ही दिन में ₹15,000 प्रति किलोग्राम की जबरदस्त तेजी देखी गई है, जबकि सोना भी अपने अब तक के उच्चतम स्तर (All-time High) के करीब पहुंच गया है। वित्त मंत्री ने इस उछाल पर आधिकारिक बयान जारी कर असली वजहों का खुलासा किया है।
Gold-Silver Rates Today: चांदी ₹15,000 उछली, सोना भी रिकॉर्ड तेजी पर—वित्त मंत्री ने बताई वजह
आज यानी 23 फरवरी 2026 को सर्राफा बाजार के खुलते ही निवेशकों के चेहरे चमक उठे, लेकिन आम खरीदारों की जेब पर भारी बोझ पड़ गया है। Gold-Silver Rates Today के अनुसार, वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल और घरेलू मांग में अचानक आई तेजी के कारण सोने और चांदी के दामों ने पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।
दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,61,000 प्रति 10 ग्राम के पार निकल गई है। वहीं, चांदी में आई ₹15,000 की छलांग ने इसे ₹3,00,000 प्रति किलोग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंचा दिया है। Bharati Fast News की टीम ने बाजार विशेषज्ञों और सरकारी बयानों का विश्लेषण कर इस तेजी की तह तक जाने की कोशिश की है।
Gold Silver Price Hike Reasons 2026: आखिर क्यों लगी कीमतों में आग?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरबीआई (RBI) के साथ बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस तेजी के पीछे के मुख्य कारणों को स्पष्ट किया। Gold Silver Price Hike Reasons 2026 की सूची में सबसे ऊपर ‘वैश्विक केंद्रीय बैंकों की खरीदारी’ को रखा गया है।
1. केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने का भंडारण
वित्त मंत्री ने कहा, “दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (Central Banks) डॉलर के मुकाबले अपनी मुद्राओं को सुरक्षित रखने के लिए भारी मात्रा में सोने की खरीदारी और भंडारण कर रहे हैं। यह वैश्विक स्तर पर कीमतों को बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण है।”
2. अमेरिकी टैरिफ नीति और ट्रंप का प्रभाव
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ नीति पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। निवेशकों को लग रहा है कि डॉलर में अस्थिरता आ सकती है, इसलिए वे ‘सुरक्षित निवेश’ (Safe Haven) के रूप में सोने-चांदी की ओर भाग रहे हैं।
3. औद्योगिक मांग और सप्लाई चेन
चांदी की कीमतों में आई ₹15,000 की ऐतिहासिक तेजी के पीछे सौर ऊर्जा (Solar Sector) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बढ़ती इसकी औद्योगिक मांग है। भारत में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए चांदी की खपत रिकॉर्ड स्तर पर है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी सप्लाई में कमी देखी जा रही है।
Silver Rate Surges 15000 in India: चांदी ने बनाया नया इतिहास
सर्राफा कारोबारियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। Silver Rate Surges 15000 in India की खबर फैलते ही जेवराती और औद्योगिक मांग में जबरदस्त उछाल देखा गया। पिछले कुछ दिनों से चांदी ₹2,75,000 के आसपास कारोबार कर रही थी, जो अब अचानक ₹3,00,000 के आंकड़े को चुनौती दे रही है।
| शहर | चांदी की कीमत (प्रति किलो) | सोने की कीमत (24K/10g) |
| दिल्ली | ₹2,98,000 | ₹1,61,500 |
| मुंबई | ₹2,98,000 | ₹1,61,350 |
| चेन्नई | ₹3,02,000 | ₹1,61,990 |
| जयपुर | ₹2,98,500 | ₹1,61,500 |
निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?
Gold-Silver Rates Today में आई इस भारी तेजी के बाद आम निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या यह खरीदने का सही समय है या अभी इंतजार करना चाहिए?
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लॉन्ग टर्म निवेश: विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग 2-3 साल के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह तेजी डरावनी नहीं है। सोना हमेशा महंगाई के खिलाफ एक सुरक्षा कवच रहा है।
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SIP का सहारा लें: एक साथ बड़ी राशि निवेश करने के बजाय ‘डिजिटल गोल्ड’ या गोल्ड ईटीएफ (ETF) के माध्यम से किश्तों में निवेश करना अधिक समझदारी भरा फैसला होगा।
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बिकवाली से बचें: फिलहाल बाजार काफी अस्थिर है, इसलिए घबराहट में आकर अपनी पुरानी ज्वेलरी या सिक्के न बेचें।
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अंतरराष्ट्रीय हालात और डॉलर का दबाव
अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) की ब्याज दरों पर अनिश्चितता और मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी आग में घी डालने का काम किया है। जब-जब वैश्विक राजनीति में तनाव बढ़ता है, तब-तब बुलियन मार्केट (बुलियन बाजार) में तेजी आती है।
वित्त मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि सरकार और आरबीआई स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं, हालांकि उन्होंने फिलहाल सोने पर आयात शुल्क (Import Duty) घटाने के किसी भी संकेत से इनकार किया है। उनका मानना है कि यह उछाल वैश्विक रुझानों के अनुरूप है और घरेलू बाजार में आपूर्ति की कोई कमी नहीं है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: क्या आने वाले दिनों में सोने के दाम कम होंगे?
A: बाजार विश्लेषकों के अनुसार, जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता, कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना कम है। हालांकि, छोटी-मोटी गिरावट (Profit Booking) देखी जा सकती है।
Q2: 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने में क्या अंतर है?
A: 24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध होता है और निवेश के लिए बेहतर है, जबकि 22 कैरेट सोना 91.6% शुद्ध होता है और इसमें मजबूती के लिए अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं, जो आभूषण बनाने के काम आता है।
Q3: चांदी में इतनी अचानक तेजी क्यों आई?
A: चांदी का उपयोग अब केवल आभूषणों में नहीं, बल्कि हाई-टेक इंडस्ट्री, सोलर पैनल्स और चिप मेकिंग में बढ़ रहा है। डिमांड और सप्लाई का यह अंतर ही कीमतों को बढ़ा रहा है।
Q4: हॉलमार्क ज्वेलरी क्यों जरूरी है?
A: हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी देता है। भविष्य में जब आप इसे बेचने जाएंगे, तो आपको सही बाजार मूल्य (Market Rate) मिलेगा।
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निष्कर्ष: Gold-Silver Rates Today में आई यह हलचल इस बात का संकेत है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। वित्त मंत्री के बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि यह तेजी स्थानीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय कारकों की वजह से है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सोच-समझकर निर्णय लें। सोने और चांदी की चमक फीकी पड़ने के फिलहाल कोई आसार नहीं दिख रहे हैं।
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अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए। सोने-चांदी की कीमतों में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी बड़े निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। Bharati Fast News किसी भी वित्तीय लाभ या हानि के लिए उत्तरदायी नहीं है।
लेखक: बिज़नेस डेस्क, Bharati Fast News https://bharatifastnews.com/

