नई वोटर लिस्ट नीति: चुनाव आयोग करेगा अहम घोषणा
देश में लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष चुनावों का आधार सशक्त और शुद्ध मतदाता सूची है। ऐसे में “चुनाव आयोग नई वोटर लिस्ट नीति” को जल्दी ही नयी घोषणा के साथ लागू करने जा रहा है [Bharati Fast News]। आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस नीति का मुख्य उद्देश्य देश भर की वोटर लिस्ट को अद्यतित करना, डुप्लीकेट और अवैध नामों को हटाना, और नए योग्य मतदाताओं की शामिल करना है।
ECI से जुड़ी बड़ी खबर: पूरे देश में लागू हो सकता है मतदाता सूची का SIR सिस्टम
‘चुनाव आयोग नई वोटर लिस्ट नीति’ क्या है?
चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)” प्रक्रिया के तहत, वोटर लिस्ट का देशभर में जमीनी स्तर पर पुनरीक्षण किया जाएगा। यह घोषणा अभी अक्टूबर 2025 के अंत तक की जाएगी जिसमें शुरुआती चरण में असम, बंगाल, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु जैसे राज्यों को शामिल किया गया है जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होंगे। BLO यानी बूथ लेवल ऑफिसर्स घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाएंगे।
कोई भी योग्य नागरिक वोटर लिस्ट में अपना नाम जोड़ सकता है, बशर्ते पर्याप्त दस्तावेज सपोर्ट करें। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वस्त किया है कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सूचना के नहीं हटाया जायेगा। अगर किसी मतदाता का नाम गलती से हटा दिया गया तो फॉर्म 7 जमा कर पुनः नाम जोड़ सकते हैं।

वोटर लिस्ट संशोधन की प्रक्रिया
-
SIR प्रक्रिया सभी राज्यों के CEO की बैठक के बाद तय की गई, जिसमें राज्यों को पिचली संशोधित वोटर लिस्ट वेबसाइट पर अपलोड करने कहा गया।
-
पुनरीक्षण में मृतक, स्थानांतरित या अवैध नाम हटाए जाएंगे और नए योग्य युवाओं के नाम जोड़कर EPIC (Elector Photo Identity Card) जारी होगा।
-
SIR के दौरान विपक्ष ने चिंता जताई है कि डॉक्युमेंट न दे पाने पर कुछ लोगों का नाम कट सकता है, आयोग ने जवाब दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार सबको अवसर मिलेगा।
-
बिहार मॉडल के आधार पर देशभर में SIR प्रोसेस अपनाया जाएगा। बिहार में हाल ही में लाखों नाम हटाए गए और नए वोटर जुड़े।
SIR रिवीजन के लाभ और चुनौतियां
SIR रिवीजन के लाभ
-
वोटर लिस्ट अधिक विश्वसनीय और अद्यतित होगी।
-
मृत, डुप्लीकेट और अवैध मतदाताओं के नाम हटेंगे जिससे चुनावी पारदर्शिता बढ़ेगी।
-
नए युवाओं को वोटिंग अधिकार मिलेगा [Bharati Fast News]।
-
स्थानीय बूथ सहायकता व तकनीकी सुविधा में सुधार।
प्रमुख चुनौतियां
-
डॉक्युमेंटेशन की जटिलता के कारण कुछ योग्य नागरिक छूट सकते हैं।
-
विपक्षी दलों के आरोप कि कुछ नामों की कटौती अनियमित हो सकती है।
-
घर-घर सत्यापन हेतु BLO हेतु कार्यभार बढ़ना।
आपकी जिम्मेदारी – वोटर लिस्ट में नाम जांचें
-
आयोग द्वारा होने वाली SIR प्रक्रिया में अपना नाम जांचना आवश्यक है।
-
वोटर लिस्ट में नाम कटने की स्थिति में आयोग से संपर्क कर पुनः प्रवेश लिया जा सकता है।
-
घर-घर सत्यापन में BLO की मदद से आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
कैसे बनवाएं नया EPIC या नाम जुड़वाएं?
-
नई वोटर लिस्ट नीति के तहत 18 वर्ष या उससे ऊपर के भारतीय नागरिक अपना नाम ऑनलाइन या BLO के माध्यम से जुड़वा सकते हैं।
-
आधार, जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र जरूरी दस्तावेज माने जाएंगे।
-
नाम कटने या गलती के मामले में Form 7 से पुनः आवेदन करें।
निष्कर्ष: चुनाव आयोग नई वोटर लिस्ट नीति का भविष्य
चुनाव आयोग नई वोटर लिस्ट नीति से देश की चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र को नई मजबूती मिलेगी। SIR रिवीजन के इस अभियान से नयी तकनीक और पारदर्शिता आएगी, जिससे मजबूत मतदाता व्यवस्था विकसित होगी। हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझें और वोटर लिस्ट अपडेट में सहयोग करें।
Bharati Fast News – तेज़ खबरें, सच्ची खबरें – यही है भारती फास्ट न्यूज़
Disclaimer: यह लेख लोकहित व सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। मतदाता सूची, EPIC व चुनाव संबंधित दस्तावेज सटीक जानकारी के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट व BLO से संपर्क करें। किसी भी विवाद या असमंजस की स्थिति में विशेषज्ञ सलाह लेना उचित है।
आग्रह और आपके अमूल्य सुझाव
यदि आपके मन में मतदाता सूची या SIR प्रक्रिया से संबंधित कोई सवाल, सुझाव या अनुभव हो, कृपया नीचे कमेंट या हमारे सोशल मीडिया चैनल पर साझा करें। आपकी राय के आधार पर Bharati Fast News और बेहतर आलेख प्रस्तुत करता रहेगा।
Bharati Fast News पर यह भी देखें
Mahindra XUV700 को टक्कर देने आ रही हैं 3 नई SUV, जानें लॉन्च डेट और फीचर्स
पोस्ट से सम्बंधित अन्य ख़बर
ECI likely to make announcement on pan-India SIR of voters’ list on October 27: Officials