Bharati Fast News

दीपोत्सव 2025: इस बार 6 दिन होगी दिवाली की रौनक, खरीदारी के शुभ मुहूर्त सहित | Bharati Fast News

दीपोत्सव 2025: इस बार 6 दिन होगी दिवाली की रौनक, खरीदारी के शुभ मुहूर्त सहित

-Bharati Fast News

दीपोत्सव 2025 पारंपरिक तौर पर दीपावली पांच दिनों का महोत्सव होता है, लेकिन 2025 में पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि दो दिन पड़ने से यह उत्सव छह दिनों का हो गया है.​

दीपोत्सव 2025 सभी तिथियां व महत्त्व


दीपोत्सव 2025 मुख्य शुभ मुहूर्त (पूजा और खरीदारी)

धनतेरस पूजन एवं खरीदारी:

दीपावली लक्ष्मी-गणेश पूजा:

अन्य पर्वों के सामान्य मुहूर्त:


इन तिथियों एवं मुहूर्तों का पालन करके दीपोत्सव 2025 को पूर्ण भक्तिभाव, समृद्धि और उल्लास के साथ मनाएँ.

दिवाली (लक्ष्मी पूजा) 2025 के लिए संपूर्ण पूजाविधि और प्रमुख मंत्र नीचे दिए गए हैं। यह विधि शास्त्रों एवं पंचांग अनुसार है तथा मान्य धार्मिक स्रोतों से प्रमाणित है.​


दीपोत्सव 2025 लक्ष्मी पूजा विधि
  1. शुद्धिकरण व तैयारी:

    • स्नान करके साफ/नए वस्त्र पहनें।

    • पूजा-स्थान पूरी तरह गंगाजल से शुद्ध करें।

    • चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियाँ, कलश, और दीपक स्थापित करें.​

  2. स्थापना

    • कलश में जल, आम पत्ता, सुपारी, सिक्का रखें।

    • मूर्तियों के पास नया बहीखाता, कलम रखकर उनका पूजन करें.​

  3. आरंभिक मंत्र एवं संकल्प:

    • हाथ में जल, पुष्प, अक्षत और सिक्का लेकर दीपावली पूजा का संकल्प लें।

    • शुद्धि मंत्र:
      ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोपि वा। यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं सः बाह्याभ्यंतरः शुचिः।।

    • पृथ्वी-आदर मंत्र:
      ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्

  4. गणेश पूजा:

    • रोली व चावल का तिलक करें, पुष्प, फल व मिष्ठान अर्पित करें।

    • गणेश मंत्र:
      ॐ गं गणपतये नमः

  5. लक्ष्मी पूजन विधि:

    • अक्षत, सुगंध, लाल फूल, कुमकुम, हल्दी, चावल, चंदन अर्पित करें।

    • मुख्य लक्ष्मी मंत्र:
      ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः

    • अंग पूजा के मंत्र:
      ऊं चपलायै नम: पादौ पूजयामि। ऊं चंचलायै नम: जानूं पूजयामि। ऊं कमलायै नम: कटि पूजयामि। ऊं कात्यायिन्यै नम: नाभि पूजयामि। ऊं जगन्मातरे नम: जठरं पूजयामि। ऊं विश्ववल्लभायै नम: वक्षस्थल पूजयामि। ऊं कमलवासिन्यै नम: भुजौ पूजयामि। ऊं कमल पत्राक्ष्य नम: नेत्रत्रयं पूजयामि। ऊं श्रियै नम: शिरं: पूजयामि।​

  6. शुभ प्रसाद व नैवेद्य:

    • खीर, बताशे, लाई, फल, नारियल, सफेद मिठाई लें।

    • नैवेद्य मंत्र:
      इदं नानाविधि नैवेद्यानि ऊं महालक्ष्म्यै समर्पयामि

  7. दीप दान व वित्तीय समृद्धि विशेष पूजा:

    • श्री यंत्र स्थापित करें, श्री यंत्र पूजा:
      ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः

  8. आरती व मंत्र:

    • लक्ष्मी आरती: ॐ जय लक्ष्मी माता

    • लक्ष्मी सूक्त एवं श्री लक्ष्मी चालीसा पाठ भी कर सकते हैं.​


मुख्य पूजा मुहूर्त


इस विधि द्वारा लक्ष्मी पूजन करें और माँ लक्ष्मी के निम्न मंत्रों से घर में धन-समृद्धि, शांति और सुख की कामना करें.दिवाली 2025 के लिए लक्ष्मी पूजन की संपूर्ण विधि और प्रमुख मंत्र नीचे दिए गए हैं, जिन्हें शुभ मुहूर्त में करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.​


दिवाली (लक्ष्मी पूजा) 2025 संपूर्ण पूजाविधि

  1. पूजा का स्थान साफ करें, गंगाजल छिड़कें और लाल कपड़े पर लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें.​

  2. कलश (जल, सिक्का, सुपारी, आम पत्ता, नारियल) स्थापित करें, पास में नया बही-खाता, कलम रखें.​

  3. दीपक जलाएँ: एक घी का, एक तेल का, दोनों पंचायतों के पास रखें.​

  4. संकल्प लें: हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर संकल्प मंत्र बोलें:
    ऊँ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोपि वा।
    यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स: वाह्याभंतरः शुचिः।।

  5. गणेश पूजन:
    ॐ गं गणपतये नमः

  6. अंगपूजा (लक्ष्मी जी के अंग):
    ऊं चपलायै नम: पादौ पूजयामि, ऊं चंचलायै नम: जानूं पूजयामि, ऊं कमलायै नम: कटि पूजयामि, ऊं कात्यायिन्यै नम: नाभि पूजयामि, ऊं जगन्मातरे नम: जठरं पूजयामि, ऊं विश्ववल्लभायै नम: वक्षस्थल पूजयामि, ऊं कमलवासिन्यै नम: भुजौ पूजयामि, ऊं कमल पत्राक्ष्य नम: नेत्रत्रयं पूजयामि, ऊं श्रियै नम: शिरं: पूजयामि​

  7. मुख्य लक्ष्मी मंत्र:
    ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः

  8. श्री यंत्र की स्थापना कर 108 बार जप करें:
    ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः

  9. ऋद्धि-सिद्धि/अष्टसिद्धि मंत्र:
    ऊं अणिम्ने नम:, ओं महिम्ने नम:, ऊं गरिम्णे नम:, ओं लघिम्ने नम:, ऊं प्राप्त्यै नम:, ऊं प्राकाम्यै नम:, ऊं ईशितायै नम:, ओं वशितायै नम:

  10. प्रसाद/नैवेद्य अर्पण:
    इदं नानाविधि नैवेद्यानि ऊं महालक्ष्म्यै समर्पयामि

  11. लक्ष्मी आरती:
    ॐ जय लक्ष्मी माता


मुख्य पूजन मुहूर्त


इन विधियों व मंत्रों के साथ लक्ष्मी पूजा करें और अपने जीवन में सुख, शांति व समृद्धि का आह्वान करें.

धनतेरस पर दो दिनों की खरीदारी: शुभ मुहूर्त

इस बार धनतेरस 18 अक्टूबर दोपहर 12:20 बजे से लगी है, जो 19 अक्टूबर दोपहर 1:51 बजे तक रहेगी। इस दौरान सोना, चांदी, बर्तन, वाहन, जमीन, और घर का सामान खरीदना शुभ माना जाता है, पर 18 को शनिवार होने से लोहे की खरीदारी से बचें. पूजन मुहूर्त 18 अक्टूबर शाम 7:16 से रात 8:20 बजे तक रहेगा.​


दीवाली क्यों मनाई जाती है?

दिवाली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम के अयोध्या लौटने और माता लक्ष्मी के प्रकटोत्सव पर यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन लोग घरों को दीपकों से सजाते हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है.


बढ़ती आर्थिक गतिविधियाँ: दीवाली पर कारोबार

हर साल दीवाली के वक्त बाजारों में जोरदार रौनक रहती है। इस बार दो दिन खरीदारी होने से व्यापार में और तेजी देखने को मिलेगी.


Rituals and Traditions


दीवाली सेलिब्रेशन: डिजिटल ट्रेंड

सोशल मीडिया पर #Diwali2025, #FestivalTrends, #Deepotsav2025 के साथ अपनी खुशियाँ साझा करें, आकर्षक फोटो, वीडियो, और शायरी के साथ.​


मशहूर कहानियाँ और मान्यताएँ

भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर इसी तिथि को प्रकट हुए थे। माता लक्ष्मी दिवाली की रात कमल पर विराजमान हुई थीं, इसीलिए दीपावली को धन-समृद्धि का पर्व कहते हैं.​


मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य

दीपोत्सव खुशियाँ, उम्मीद, और सकारात्मकता बढ़ाने का पर्व है। पूजा, ध्यान, और सामाजिक कार्यक्रम अवसाद कम करने में मददगार हैं.​


कमाई-खर्च, निवेश और सावधानियाँ

इस बार 6 दिनों के उत्सव में निवेश के बेहतर अवसर बनेंगे, लेकिन लोहे, वाहन, प्रॉपर्टी की खरीददारी के लिए पंचांग सलाह देख लें.​


Disclaimer: यह लेख धार्मिक ग्रंथों, पंचांग, और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। खरीदारी व पूजन के लिए स्थानीय नियम व पंडितों की सलाह जरूर लें.​

आग्रह और आपके अमूल्य सुझाव

कृपया नीचे कमेंट्स में अपने अनुभव सांझा करें, पसंदीदा त्योहार कैसे मनाते हैं, या दीवाली-धनतेरस के बारे में कोई सवाल पूछें! अपने अमूल्य सुझावों से हमें और बेहतर बनने में मदद करें।

पोस्ट से सम्बंधित अन्य ख़बर-इस बार 5 नहीं, 6 दिन का होगा दीपोत्सव, धनतेरस पर दो दिन होगी खरीदारी, जानिए क्या है शुभ मुहूर्त?

Bharati Fast News पर यह भी देखेंGarena Free Fire Max के लिए 11 अक्टूबर 2025 के बेस्ट रिडीम कोड्स

Exit mobile version