कुबैर देवता कौन हैं? पूजा विधि और महत्व पूरी जानकारी
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कुबैर (कुबेर) हिंदू धर्म में धन और समृद्धि के देवता माने जाते हैं। वे यक्षों के राजा और देवताओं के कोषाध्यक्ष कहलाते हैं। माना जाता है कि कुबैर देव की पूजा से आर्थिक प्रगति, व्यापारिक सफलता और घर में समृद्धि आती है। कुबैर देव की पूजा विशेष रूप से धनतेरस, दीपावली और वार्षिक पवित्र अवसरों पर की जाती है।

कुबैर देवता की पूजा विधि
पूजा स्थल और सामग्री
पूजा स्थल पर कुबैर की मूर्ति या तस्वीर उत्तर दिशा की ओर रखें।
यदि मूर्ति न हो तो तिजोरी, आभूषणों के बक्से को कुबैर की तरह मानकर पूजा करें।
पूजा सामग्री में चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, फल आदि शामिल करें।
पूजा के मुख्य मंत्र और आराधना
कुबैर देव के आवाहन मंत्र का उच्चारण करें:
“ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥”पांच पुष्प अर्पित करें और चंदन, दीप, धूप से पूजन करें।
आरती करें और प्रसाद वितरण करें।
कुबैर देवता पूजा के लाभ
आर्थिक संपन्नता और व्यापार में वृद्धि होती है।
जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सौभाग्य आता है।
वित्तीय संकट, कर्ज़ और आर्थिक बाधाएँ दूर होती हैं।
घर-दुआर धन-संपदा से भर जाता है।विशेष उपाय और ध्यान
कुबैर देव की फोटो/मूर्ति के पास सिन्दूर से स्वस्तिक बनाएं।
पूजा के बाद बजरंग बाण और कुबेर मंत्र जपना शुभ होता है।
वट वृक्ष की पूजा और जल चढ़ाना भी कुबैर देव की कृपा पाने के लिए जरूरी माना जाता है।

कुबैर देवता कौन हैं?
कुबैर (कुबेर) हिन्दू धर्म में धन के देवता माने जाते हैं। वे यक्षों के राजा और लोकपाल हैं, जिनका वास मुख्य रूप से घर के उत्तर दिशा में माना जाता है।
कुबैर को भगवान शिव का परम भक्त भी समझा जाता है और इन्हें नौ निधियों का स्वामी भी कहा जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, कुबैर महर्षि विश्रवा के पुत्र थे और लंका के राजा रावण के सौतेले भाई भी।
वे कैलाश पर्वत के निकट अपनी राजधानी अलकापुरी में विराजमान हैं।
कुबैर श्वेत वर्ण, अष्टदंत (आठ दांत), तीन चरणों वाले और गदाधारी के रूप में वर्णित हैं।
कुबैर की पूजा का महत्व
कुबैर देवता को धन, समृद्धि, वैभव और व्यापार का संरक्षक माना जाता है। उनकी पूजा करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और धन की कमी नहीं होती।
विशेष रूप से दीपावली के पर्व पर कुबैर जी की पूजा की जाती है क्योंकि यह त्योहार धन की देवी लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर को समर्पित है।
माना जाता है कि कुबेर देव की कृपा से व्यक्ति के घर-द्वार में हमेशा संपदा बनी रहती है और ये आर्थिक संकटों से रक्षा करते हैं।
कुबेर देवता की पूजा से व्यापार, अर्थिक स्थिति और संपूर्ण जीवन में समृद्धि आती है।
कब और कैसे होती है कुबैर पूजा?
कब करें पूजा?
धनतेरस पर कुबैर की पूजा का विशेष महत्व है।
दीपावली के दिन और हर शुक्रवार को भी इस पूजा को शुभ माना जाता है।
मासिक तृतीया तिथि को भी कुबेर पूजा वर्षभर की जाती है।
पूजा विधि
पूजा स्थल पर कुबैर की मूर्ति या चित्र उत्तर दिशा की ओर रखें।
पूजा में चंदन, फूल, अक्षत, जल, दीप, धूप आदि का इस्तेमाल करें।
मंत्र जाप करें:
“ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा”पूजा के बाद कुबेर आरती करें और प्रसाद वितरण करें।
खरीदे गए धन-संपत्ति (जैसे सोना, चांदी, नकद) को पूजा के बाद रखने की परंपरा है।
दिवाली पर कुबैर पूजा क्यों है खास?
दिवाली के समय धन की देवी लक्ष्मी की पूजा के साथ-साथ कुबैर देव की पूजा भी की जाती है। इसे धन-आयुष और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
कहा जाता है कि कुबेर देव की दया दृष्टि जहाँ पड़ती है वहाँ धन की कोई कमी नहीं होती।
पुराने समय में यक्ष कुबेर के साथ ही धन की रक्षा करते थे, इसलिए कोई भी आर्थिक कार्य या व्यापार शुरू करने से पहले कुबेर देव की पूजा अनिवार्य मानी जाती है।
दिवाली के पांच पर्वों में से धनतेरस और अमावस्या पर कुबैर की पूजा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
कुबैर के बारे में कुछ रोचक तथ्य
कुबैर देवता की राजधानी अलकापुरी हिमालय के समीप है, जहाँ धन-सम्पदा संचित रहती है।
वे भगवान शिव के अत्यंत प्रिय भक्त माने जाते हैं।
कुबेर के पति स्वर्ण लक्ष्मी हैं, जो सम्पदा की देवी हैं।
धन-तेरस के दिन कुबेर और लक्ष्मी दोनों की पूजा से घर में धन की वृद्धि होती है।

कुबैर पूजा का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व
पूजन से न केवल भौतिक समृद्धि आती है, बल्कि मानसिक शांति और संतोष भी।
कुबेर देवता की पूजा से हाथ उठते हैं और कर्म में सफलता मिलती है।
यह सम्पूर्ण जीवन में खुशहाली और शुभता को प्रेरित करता है।
Disclaimer: यह ब्लॉग धार्मिक और आध्यात्मिक जानकारी देने के लिए है। पूजा विधि, मंत्र और अनुष्ठान में क्षेत्रीय रीति-रिवाजों और पुरोहित की सलाह के अनुसार ही करें।
आग्रह और आपके अमूल्य सुझाव
क्या आपने कुबैर देव की पूजा की है? आपके अनुभव और सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। कृपया नीचे कमेंट बॉक्स में बताएं।
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