• Latest
  • Trending
  • All
  • Gold & Silver Rate
  • News
  • Election News
  • Education News
  • Employment News
  • Corruption & Crime News
ब्रेकिंग न्यूज़: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पहली बार पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति

ब्रेकिंग न्यूज़: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पहली बार पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति

6 महीना ago
iOS 27 अपडेट

iOS 27 जारी: iPhone में आए ये बड़े बदलाव, जानें किन मॉडल्स को मिलेगा नया अपडेट

16 घंटे ago
Vijay पर टिप्पणी

Vijay पर टिप्पणी को लेकर DMK नेताओं पर केस, ए. राजा और सेकर बाबू पर पुलिस कार्रवाई

16 घंटे ago
UPI भुगतान नियम

UPI Rule Change: ₹2,000 से ऊपर के कुछ भुगतान पर 0.4% शुल्क, ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा बोझ

16 घंटे ago
SSC CHSL भर्ती 2026

SSC CHSL भर्ती 2026: 2,536 पदों पर आवेदन शुरू, 12वीं पास 7 अक्टूबर तक करें आवेदन

16 घंटे ago
UPSSSC Veterinary Pharmacist भर्ती 2026

UPSSSC Veterinary Pharmacist भर्ती 2026: 1,308 पदों पर आवेदन शुरू, 5 अक्टूबर तक मौका

16 घंटे ago
UP Special TET 2026

UP Special TET 2026: आवेदन शुरू, 4 अक्टूबर तक भरें फॉर्म; 3 नवंबर को परीक्षा

1 दिन ago
भारत vs अफगानिस्तान दूसरा टी20

IND vs AFG 2nd T20: संजू सैमसन फिर टीम में, वैभव सूर्यवंशी को नहीं मिला मौका

1 दिन ago
सरकारी यूरेनियम भंडार

Saudi Arabia Uranium: मदीना में मिला 11 करोड़ टन अयस्क, यूरेनियम के साथ Rare Earth Minerals भी

1 दिन ago
बसपा राजस्थान चुनाव

Rajasthan Nikay Chunav: BSP ने जीतीं 19 सीटें, मायावती बोलीं- ‘धांधली न होती तो रिजल्ट और बेहतर होता’

2 दिन ago
Delhi-NCR Pollution

Delhi-NCR Pollution: नवंबर-दिसंबर में स्कूलों की Sports Competitions टालने की सलाह, CAQM अलर्ट

2 दिन ago
  • Home
  • News
  • National News
  • Employment News
  • Education News
  • Weather News
  • Government Schemes
  • AI News
  • Health News
  • Contact Us
बुधवार, सितम्बर 16, 2026
  • Login
Bharati Fast News
  • Home
  • News
  • National News
  • Employment News
  • Education News
  • Weather News
  • Government Schemes
  • AI News
  • Health News
  • Contact Us
Join Telegram
No Result
View All Result
  • Home
  • News
  • National News
  • Employment News
  • Education News
  • Weather News
  • Government Schemes
  • AI News
  • Health News
  • Contact Us
No Result
View All Result
Bharati Fast News
Join Telegram
No Result
View All Result

Home - Government Laws & Regulations - ब्रेकिंग न्यूज़: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पहली बार पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति

ब्रेकिंग न्यूज़: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पहली बार पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति

कोमा जैसी स्थिति में मरीज के लाइफ सपोर्ट हटाने की मंजूरी, अदालत ने दिया ऐतिहासिक आदेश | Bharati Fast News

Abhay Jeet Singh by Abhay Jeet Singh
11/03/2026
in Government Laws & Regulations, News
0
ब्रेकिंग न्यूज़: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पहली बार पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति-Bharati Fast News

ब्रेकिंग न्यूज़: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पहली बार पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति-Bharati Fast News

495
SHARES
1.4k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

भारत के न्यायिक इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। माननीय उच्चतम न्यायालय ने एक युगांतकारी निर्णय सुनाते हुए असाध्य रोगों से जूझ रहे और कोमा में पड़े मरीजों के लिए ‘गरिमा के साथ मृत्यु’ के अधिकार को मान्यता दे दी है।

‘ब्रेकिंग न्यूज़: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पहली बार पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति

आज 11 मार्च 2026 को नई दिल्ली में एक संवैधानिक पीठ ने Supreme Court Euthanasia Decision सुनाते हुए स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति ऐसी चिकित्सा स्थिति में है जहाँ से वापसी संभव नहीं है, तो उसे कृत्रिम जीवन रक्षक प्रणाली (Life Support) पर रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। Bharati Fast News की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने “लिविंग विल” (Living Will) की प्रक्रिया को भी सरल बना दिया है। इस फैसले का सीधा असर उन हजारों परिवारों पर पड़ेगा जो अपने प्रियजनों को वेंटिलेटर पर तिल-तिल मरते हुए देखने को विवश थे।


मुख्य खबर: Supreme Court Euthanasia Decision और ‘लिविंग विल’ की नई व्याख्या

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि प्रत्येक मनुष्य को सम्मान के साथ जीने के साथ-साथ सम्मान के साथ मरने का भी मौलिक अधिकार है। Supreme Court Euthanasia Decision के तहत अब कोई भी स्वस्थ व्यक्ति भविष्य के लिए एक ‘लिविंग विल’ तैयार कर सकता है। इसमें वह यह स्पष्ट कर सकता है कि यदि भविष्य में वह ऐसी स्थिति में पहुँच जाए जहाँ उसका मस्तिष्क मृत (Brain Dead) हो जाए या वह स्थायी कोमा (Vegetative State) में चला जाए, तो उसे मशीनों के सहारे जीवित न रखा जाए।

न्यायालय ने 2018 के अपने पुराने फैसले में संशोधन करते हुए दिशा-निर्देशों को और अधिक व्यावहारिक बना दिया है। अब ‘लिविंग विल’ के प्रमाणीकरण के लिए मजिस्ट्रेट की उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी, बल्कि इसे राजपत्रित अधिकारी के समक्ष भी सत्यापित किया जा सकेगा। यह ऐतिहासिक निर्णय जस्टिस की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने सर्वसम्मति से लिया है।


क्या हुआ? पैसिव यूथेनेशिया के नियम और कानूनी प्रक्रिया

अदालत ने Passive Euthanasia Guidelines in India 2026 को स्पष्ट करते हुए इसे दो श्रेणियों में विभाजित किया है। Supreme Court Euthanasia Decision को लागू करने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होगा:

ख़ास आपके लिए बेस्ट न्यूज़

UPI Rule Change: ₹2,000 से ऊपर के कुछ भुगतान पर 0.4% शुल्क, ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा बोझ

Delhi-NCR Pollution: नवंबर-दिसंबर में स्कूलों की Sports Competitions टालने की सलाह, CAQM अलर्ट

Greater Noida Owl Attack: सोसाइटी में दहशत फैलाने वाले उल्लू रेस्क्यू, कई लोगों पर किया था हमला

1. पैसिव यूथेनेशिया क्या है?

सक्रिय यूथेनेशिया (जहर का इंजेक्शन देना) भारत में अभी भी प्रतिबंधित है। पैसिव यूथेनेशिया का अर्थ है—इलाज बंद कर देना या लाइफ सपोर्ट हटा लेना ताकि प्रकृति अपना काम कर सके।

2. मेडिकल बोर्ड का गठन:

यदि किसी मरीज ने ‘लिविंग विल’ नहीं बनाई है, तो उसके परिजन अस्पताल से अनुरोध कर सकते हैं। इसके बाद अस्पताल को एक ‘प्राइमरी मेडिकल बोर्ड’ बनाना होगा। यदि वह बोर्ड सहमत होता है, तो जिला स्तर पर एक ‘सेकेंडरी मेडिकल बोर्ड’ इसकी जांच करेगा।

3. जिला मजिस्ट्रेट की भूमिका:

Supreme Court Euthanasia Decision के अनुसार, यदि दोनों मेडिकल बोर्ड अनुमति दे देते हैं, तो इसकी सूचना जिला मजिस्ट्रेट को दी जाएगी, जो अंतिम रूप से इस पर अपनी सहमति प्रदान करेंगे।

4. अंगदान को प्रोत्साहन:

कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि इस प्रक्रिया से अंगदान (Organ Donation) की संभावनाओं को भी बल मिलेगा, जिससे अन्य कई लोगों की जान बचाई जा सकेगी।

कानूनी और सामाजिक मुद्दों की विस्तृत कवरेज के लिए यहाँ क्लिक करें: Legal News – Bharati Fast News


लोगों की प्रतिक्रिया: समाज और चिकित्सा जगत में हलचल

इस Supreme Court Euthanasia Decision के बाद पूरे देश में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे ‘मानवीय गरिमा’ की जीत बताया है।

अरुणा शानबाग मामले से जुड़े रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह फैसला उन लोगों के लिए मुक्ति का मार्ग है जो वर्षों से अस्पताल के बिस्तरों पर बेजान पड़े हैं। वहीं, कुछ धार्मिक संस्थाओं ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इसका दुरुपयोग हो सकता है। चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि Right to Die with Dignity SC Verdict से डॉक्टरों पर से वह नैतिक बोझ कम होगा जिसमें वे जानते हुए भी कि मरीज ठीक नहीं हो सकता, उसे वेंटिलेटर पर रखने को मजबूर होते थे।

Supreme Court Euthanasia Decision-Bharati Fast News
ब्रेकिंग न्यूज़: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पहली बार पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति

आगे क्या होगा? पारदर्शिता और सुरक्षा के उपाय

भविष्य में Supreme Court Euthanasia Decision के क्रियान्वयन के लिए सरकार एक व्यापक डिजिटल रजिस्ट्री बनाने पर विचार कर रही है।

  • डिजिटल लिविंग विल: सरकार एक पोर्टल लॉन्च कर सकती है जहाँ नागरिक अपनी ‘लिविंग विल’ को डिजिटल रूप से स्टोर कर सकेंगे, जो उनके आधार कार्ड से लिंक होगा।

  • दुरुपयोग पर रोक: कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि परिजनों या डॉक्टरों की मंशा में कोई खोट पाया गया, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

  • अस्पताल के प्रोटोकॉल: देश भर के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों को अगले 6 महीनों के भीतर अपनी ‘एथिक्स कमेटी’ को इस फैसले के अनुरूप अपडेट करना होगा।

👉 यह भी पढ़ें:

📰 योगी सरकार की पेंशन योजना: वृद्धावस्था और विधवा पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन की पूरी जानकारी


📰 संभल के इमाम पर 7 करोड़ का जुर्माना: सरकारी जमीन कब्जे पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: क्या भारत में कोई भी व्यक्ति मृत्यु मांग सकता है? A: नहीं, केवल वही मरीज जो ‘परमानेंट वेजिटेटिव स्टेट’ में हैं और जिनके बचने की कोई उम्मीद नहीं है, उन पर ही Supreme Court Euthanasia Decision लागू होता है।

Q2: ‘लिविंग विल’ (Living Will) क्या है? A: यह एक कानूनी दस्तावेज है जिसमें व्यक्ति पहले से लिख देता है कि यदि वह भविष्य में कोमा में जाए, तो उसे वेंटिलेटर पर न रखा जाए।

Q3: क्या डॉक्टर अपनी मर्जी से लाइफ सपोर्ट हटा सकते हैं? A: नहीं, इसके लिए दो अलग-अलग मेडिकल बोर्ड और परिजनों की सहमति अनिवार्य है।

Q4: सक्रिय (Active) और पैसिव (Passive) यूथेनेशिया में क्या अंतर है? A: सक्रिय में जानबूझकर मौत दी जाती है (जैसे इंजेक्शन), जो अवैध है। पैसिव में केवल मशीनी सहारा हटाया जाता है, जिसे अब अनुमति मिल गई है।

बाहरी स्रोत (External Link): Official Judgment – Supreme Court of India


निष्कर्ष: Supreme Court Euthanasia Decision भारत की न्यायिक प्रगति का एक बड़ा उदाहरण है। यह फैसला हमें याद दिलाता है कि जीवन का अर्थ केवल सांसें लेना नहीं, बल्कि गरिमा के साथ अस्तित्व बनाए रखना है। हालाँकि इसके क्रियान्वयन में अत्यंत सावधानी और नैतिकता की आवश्यकता होगी, लेकिन यह निश्चित रूप से उन असाध्य मरीजों के लिए एक मानवीय राहत है जिनका जीवन केवल मशीनों के शोर तक सीमित रह गया था।

देश के कानून और न्याय से जुड़ी हर बारीक अपडेट के लिए जुड़े रहें Bharati Fast News के साथ।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। पैसिव यूथेनेशिया या लिविंग विल से संबंधित कानूनी प्रक्रिया के लिए किसी अनुभवी वकील या चिकित्सा विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। Bharati Fast News इस संवेदनशील मुद्दे पर किसी भी प्रकार के दुरुपयोग का समर्थन नहीं करता है।


लेखक: Bharati Fast News Legal Desk हमारी टीम आपको देश के बड़े संवैधानिक फैसलों की जानकारी सरल और सटीक भाषा में देने के लिए समर्पित है।

📢 न्याय और मानवता से जुड़ी इस बड़ी खबर को BharatiFastNews.com पर अपने करीबियों के साथ साझा करें!

यह खबर भी पढ़ें
रोजगारSBI PO Notification 2025 हिंदी में।

SBI PO Notification 2025 हिंदी में।

मनोरंजनसितारे ज़मीन पर: आमिर खान की वापसी एक संजीदा किरदार

सितारे ज़मीन पर: आमिर खान की वापसी एक संजीदा किरदार

समाचारअग्निवीर भर्ती 2026 नोटिफिकेशन OUT! Indian Army में 25,000+ नौकरियाँ, Apply करना जानें वरना मौका छूट जाएगा

अग्निवीर भर्ती 2026 नोटिफिकेशन OUT! Indian Army में 25,000+ नौकरियाँ, Apply करना जानें वरना मौका छूट जाएगा

खेलसौरव गांगुली की उपलब्धियों में जुड़ा नया अध्याय, ICC Hall of Fame में मिला स्थान

सौरव गांगुली की उपलब्धियों में जुड़ा नया अध्याय, ICC Hall of Fame में मिला स्थान

नवीनतम खबरें
नई खबर iOS 27 जारी: iPhone में आए ये बड़े बदलाव, जानें किन मॉडल्स को मिलेगा नया अपडेट

iOS 27 जारी: iPhone में आए ये बड़े बदलाव, जानें किन मॉडल्स को मिलेगा नया अपडेट

16 सितम्बर 2026
नई खबर Vijay पर टिप्पणी को लेकर DMK नेताओं पर केस, ए. राजा और सेकर बाबू पर पुलिस कार्रवाई

Vijay पर टिप्पणी को लेकर DMK नेताओं पर केस, ए. राजा और सेकर बाबू पर पुलिस कार्रवाई

16 सितम्बर 2026
Abhay Jeet Singh

Abhay Jeet Singh

Abhay Bharati Fast News में लेखक एवं संपादक के रूप में कार्यरत हैं। ये टेक्नोलॉजी, मनोरंजन, खेल और सामयिक घटनाओं से संबंधित विषयों पर समाचार लेखन और संपादन का कार्य करते हैं।इनकी जिम्मेदारी विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी एकत्र करना, तथ्यों का सत्यापन करना तथा सामग्री की संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशन सुनिश्चित करना है।भूमिका: Author & Editor – Bharati Fast News

RelatedPosts

EPFO WhatsApp Channel
News

EPFO WhatsApp Channel: अब WhatsApp पर मिलेंगे PF अपडेट, ऐसे जुड़ें Official Channel से

सितम्बर 15, 2026
पटना हाईकोर्ट चीफ जस्टिस
Government Laws & Regulations

Patna High Court: जस्टिस वी. कामेश्वर राव ने ली 49वें चीफ जस्टिस की शपथ

सितम्बर 15, 2026
सीमांचल एक्सप्रेस हादसा
News

सीमांचल एक्सप्रेस: इमरजेंसी खिड़की से गिरा 9 महीने का मासूम, 23 घंटे बाद ट्रैक किनारे मिला शव

सितम्बर 14, 2026
Mandsaur Treasure
News

मंदसौर Treasure: नींव से निकले 700+ ब्रिटिशकालीन चांदी के सिक्के, बंटवारे ने खोल दिया राज

सितम्बर 14, 2026
Justice Pushpendra Singh Bhati
Government Laws & Regulations

Justice Pushpendra Singh Bhati ने ली J&K हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ

सितम्बर 9, 2026
CJI सूर्यकांत अरावली मामला
Government Laws & Regulations

CJI सूर्यकांत की सख्ती: ‘मेरे रिटायरमेंट का इंतजार है?’ अरावली रिपोर्ट पर 30 नवंबर की डेडलाइन

सितम्बर 8, 2026

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

I agree to the Terms & Conditions and Privacy Policy.

🔥 Trending News

  • iOS 27 जारी: iPhone में आए ये बड़े बदलाव, जानें किन मॉडल्स को मिलेगा नया अपडेट
  • Vijay पर टिप्पणी को लेकर DMK नेताओं पर केस, ए. राजा और सेकर बाबू पर पुलिस कार्रवाई
  • UPI Rule Change: ₹2,000 से ऊपर के कुछ भुगतान पर 0.4% शुल्क, ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा बोझ
  • SSC CHSL भर्ती 2026: 2,536 पदों पर आवेदन शुरू, 12वीं पास 7 अक्टूबर तक करें आवेदन
  • UPSSSC Veterinary Pharmacist भर्ती 2026: 1,308 पदों पर आवेदन शुरू, 5 अक्टूबर तक मौका
  • UP Special TET 2026: आवेदन शुरू, 4 अक्टूबर तक भरें फॉर्म; 3 नवंबर को परीक्षा
  • IND vs AFG 2nd T20: संजू सैमसन फिर टीम में, वैभव सूर्यवंशी को नहीं मिला मौका
  • Saudi Arabia Uranium: मदीना में मिला 11 करोड़ टन अयस्क, यूरेनियम के साथ Rare Earth Minerals भी
  • Rajasthan Nikay Chunav: BSP ने जीतीं 19 सीटें, मायावती बोलीं- ‘धांधली न होती तो रिजल्ट और बेहतर होता’
  • Delhi-NCR Pollution: नवंबर-दिसंबर में स्कूलों की Sports Competitions टालने की सलाह, CAQM अलर्ट

श्रेणियां

  • सरकारी नौकरी अपडेट्स

    सरकारी नौकरी 2026: नई सरकारी भर्तियां, Sarkari Naukri अपडेट | Bharati Fast News

    658 shares
    Share 263 Tweet 165
  • आज का Gold और Silver रेट: Physical, ETF और MCX की ताज़ा कीमतें

    541 shares
    Share 216 Tweet 135
  • नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान 2025: संभल में सड़क सुरक्षा का नया कदम

    517 shares
    Share 207 Tweet 129
  • पैतृक संपत्ति के बंटवारे का खर्च यूपी में हुआ आधा, जानें नए नियम और राहत

    515 shares
    Share 206 Tweet 129
  • FASTag Annual Pass 2026: एक बार रिचार्ज में सालभर टोल फ्री? जानिए पूरी सच्चाई

    511 shares
    Share 204 Tweet 128
iOS 27 अपडेट
Gadgets and Lifestyle

iOS 27 जारी: iPhone में आए ये बड़े बदलाव, जानें किन मॉडल्स को मिलेगा नया अपडेट

by Abhay Jeet Singh
सितम्बर 16, 2026
0

iOS 27 जारी: iPhone में आए ये बड़े बदलाव, जानें किन मॉडल्स को मिलेगा नया अपडेट Apple ने iPhone यूजर्स...

Read moreDetails
Vijay पर टिप्पणी

Vijay पर टिप्पणी को लेकर DMK नेताओं पर केस, ए. राजा और सेकर बाबू पर पुलिस कार्रवाई

सितम्बर 16, 2026
UPI भुगतान नियम

UPI Rule Change: ₹2,000 से ऊपर के कुछ भुगतान पर 0.4% शुल्क, ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा बोझ

सितम्बर 16, 2026
SSC CHSL भर्ती 2026

SSC CHSL भर्ती 2026: 2,536 पदों पर आवेदन शुरू, 12वीं पास 7 अक्टूबर तक करें आवेदन

सितम्बर 16, 2026
UPSSSC Veterinary Pharmacist भर्ती 2026

UPSSSC Veterinary Pharmacist भर्ती 2026: 1,308 पदों पर आवेदन शुरू, 5 अक्टूबर तक मौका

सितम्बर 16, 2026
Bharati Fast News

© 2025 Bharati Fast News - भारत का भरोसेमंद न्यूज़ पोर्टल। All Rights Reserved.

Navigate Site

  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Disclaimer
  • HTML Sitemap
  • Current News
  • Editorial Policy
  • Fact Checking Policy
  • About Newsroom
  • Our Team
  • Fact Checking Policy
  • Editorial Policy
  • About Newsroom
  • Our Team

Follow Us

Welcome Back!

OR

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • Home
  • Employment News
  • Education News
  • Weather News
  • Startup
  • Government Schemes
  • AI News
  • National Sports News
  • Contact Us

© 2025 Bharati Fast News - भारत का भरोसेमंद न्यूज़ पोर्टल। All Rights Reserved.